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    आतंकवादियों के साथ अब पत्थरबाजों पर टूटेगा कहर, मोदी सरकार संग मिल NIA ने तैयार किया मास्टरप्लान

    श्रीनगर : जहाँ एक तरफ भारतीय सेना की हिट लिस्ट में 150 खूंखार आतंकियों के नाम तेज़ी से कटते जा रहे हैं. सेना आये दिन लश्कर तो कभी हिज़्बुल के कमांडरों का सफाया कर रही है. वहीँ दूसरी तरफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अब एक नयी योजना पर काम करना शुरू कर दिया है. आतंकियों की मदद करने वाले पत्थरबाजों पर अब NIA का कहर टूटेगा.

    आतंकवादियों के बाद अब पत्थरबाजों की खैर नहीं
    अभी-अभी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अब आतंकवादियों को बचाने के लिए सेना पर पत्थर फेंकने वालों की धरपकड़ शुरू कर दी है. दरअसल एनआईए ने 100 से ज्यादा पत्थरबाजों के गैंग लीडर की एक लिस्ट तैयार की है. आज ही मंगलवार को NIA ने 2 कुख्यात पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया है. इनके नाम हैं कुलगाम का रहने वाला जावेद और पुलवामा का कामरान.

    NIA ने तैयार करी है लिस्ट
    खबरों के मुताबिक NIA ने एनआईए ने अब इन पथरबाज़ों से निपटने के लिए बड़ी तैयारी की है, जिसके लिए करीब 100 खुख्यात पत्थरबाजों के गैंग लीडरों की लिस्ट बनायीं है. जिसके आधार पर अब इन सबकी धरपकड़ की जाएगी. आपको बता दें ये वही कुख्यात पत्थरबाज लीडर हैं जो स्कूल कॉलेज और महिलाओं को पत्थरबाज़ी के लिए उकसाते हैं. उन्हें पैसे मुहैया करते हैं. साथ ही ये अलग-अलग जगहों पर पत्थरबाजी करते हुए पाए गए हैं. इन पत्थरबाजों ने एनकाउंटर के दौरान सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में खलल डाला है और उनके खिलाफ पत्थरबाजी की है.

    NIA ने पत्थरबाजों पर एक खास तरीके का एक डोजियर तैयार किया है. इस डोजियर के मुताबिक खुलासा किया गया है कि कश्मीर घाटी में किस तरीके से पत्थरबाज हुर्रियत नेताओं से पैसे लेकर आतंकियो की सेना के एनकाउंटर से बचाने की योजना बनाते थे.

    कारोबारी जहूर ने NIA के सामने करे सनसनीखेज़ खुलासे
    यही नहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की गिरफ़्तारी में कारोबारी जहूर वताली ने टेरर फंडिंग से जुड़े बड़े अहम् खुलासे किये हैं. जहूर वताली ने एनआईए की पूछताछ में दिल्ली, पंजाब, यूके और दुबई में करोड़ों की प्रॉपर्टी होने का खुलासा किया है. जहूर वताली के खिलाफ NIA को कई अहम सबूत मिले हैं. इनमें कश्मीर में अलगाववादियों को फंड करने के भी सबूत शामिल हैं. अलगाववादियों तक पैसा पहुंचाने में भी जहूर वताली ही मदद करता था.

    पाकिस्तान उच्चायोग भी है शामिल
    इतना ही नहीं ये भी बात सामने आई है कि जहूर वताली को दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायुक्त के अधिकारियों से मदद मिलती थी. एनआईए ने ऐसे पाकिस्तानी अधिकारियों की पहचान की है, जिनसे वताली मुलाकात करता था. जहूर वताली को पिछले महीने श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था. वताली अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का बेहद करीबी माना जाता है.

    कुछ वक़्त पहले ही आज तक न्यूज़ चैनल के एक स्टिंग में हुर्रियत नेताओं का स्टिंग हुआ था. जिसमें ये अलगाववादी नेता कमरे के सामने टेरर फंडिंग की बात कबूल रहे थे. जिसके बाद से ही NIA ने कमर कस ली है और नेताओं पत्थरबाजों और आतंकियों का सफाया एक साथ शुरू हो गया है.

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