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    रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए बीजेपी में बड़ी साजिश का पर्दाफ़ाश, गुस्से में आये मोदी ने लिया बड़ा फैसला !

    गुवाहटी : पीएम मोदी के इरादों पर शक करना बहुत भारी पड़ सकता है. एक बार उन्होंने जो फैसला कर लिया, उसे फिर पूरा करके ही रहते हैं. रोहिंग्या मुस्लिमों को देश से निकालने का फैसला कर लिया गया है. खुफिया रिपोर्ट्स से भी साफ़ हो चुका है कि रोहिंग्या आतंकी बनने की राह पर चल पड़े हैं. इसके बावजूद देशविरोधी शक्तियां रोहिंग्याओं को भारत पर थोपने की कोशिशों में जुटी हुई हैं. हद तो तब हो गयी, जब एक बीजेपी नेता भी देशद्रोहियों की बातों में आ गयी और रोहिंग्यों का समर्थन करने के लिए बीजेपी ने फ़ौरन इस नेता को बाहर का रास्ता दिखा दिया.
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    रोहिंग्या के लिए प्रार्थना सभा कराने पर मुस्लिम बीजेपी नेता सस्पेंड !
    एक ओर तो मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रोहिंग्यों को निकालने के लिए हलफनामा दाखिल कर दिया है, दूसरी ओर बीजेपी की ये गैर-जिम्मेदार नेता ने असम में रोहिंग्या मुसलमानों के लिए प्रार्थना सभा करा रही थी. इसी को देखते हुए पार्टी ने फ़ौरन इस महिला नेता को सस्पेंड कर दिया और साथ में शोकॉज नोटिस भी जारी कर दिया.

    बेनजीर अरफान नाम की ये नेता भारतीय जनता मजदूर मोर्चा की चीफ एक्जीक्यूटिव थीं. उन पर आरोप है कि दूसरे संगठन के प्रदर्शन के लिए बेनजीर ने बीजेपी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया. इसके लिए उसने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से एक बार बात तक नहीं की और बिना पूछे खुद ही फैसला ले लिया.

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    रोहिंग्या के लिए लॉबिंग कर रही थी !
    असम में तीन तलाक खिलाफ कैंपेन चलाने वालीं बेनजीर ने कहा कि उसने तो केवल एक एक प्रार्थना सभा की थी. मैं अब कभी बीजेपी में वापस नहीं लौटूंगी. नरेंद्र मोदी मेरे साथ हुई नाइंसाफी पर कार्रवाई करें. हालांकि बीजेपी नेताओं के मुताबिक़ रोहिंग्यों ने म्यांमार में आतंक मचाया हुआ था, उन्हें उनके कर्मों का फल भोगना पड़ रहा है तो उसके लिए प्रार्थना सभा कैसी? कश्मीरी पंडितों के लिए तो इस नेता ने कभी कोई प्रार्थना सभा नहीं की?


    बेनजीर ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि, ”रोहिंग्यों के लिए अल्पसंख्यकों को एकजुट करने के लिए एक एनजीओ ने इवेंट कराया था. इसमें म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के लिए प्रार्थना की गई, मगर बीजेपी नेतृत्व को लगता है कि ये भारत में अवैध तौर पर रहने वाले रोहिंग्या के लिए लॉबिंग की जा रही है. इवेंट के एक दिन पहले 16 सितंबर को मुझे सस्पेंड कर दिया गया.” उसने आगे कहा कि, ”मैंने ईमानदारी से बीजेपी के लिए काम किया. क्या यही इसका ईनाम है. असम बीजेपी में पुरुषों की चलती है. महिला वर्कर्स को दरकिनार कर उन्हें ही जिम्मेदारियां दी जाती हैं.”

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    महिला कार्ड खेलकर सहानभूति बटोरने की कोशिश !
    बीजेपी के सूत्रों के मुताबिक़ इस महिला नेता की मक्कारी तो देखिये, एक तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बिना पूछे रोहिंगयों के लिए प्रार्थना सभा आयोजित करती है और ससपेंड होने पर माफ़ी मांगने की जगह महिला कार्ड खेलकर सहानभूति बटोरने की कोशिश करती है. ऐसे नेता तो बीजेपी के लायक ही नहीं हैं, जो पीएम मोदी के मिशन को देशद्रोहियों के साथ मिलकर कमजोर करने में लगे हुए हैं.

    बता दें कि बेनजीर नाम की इस महिला नेता ने 2012 में मोदी लहर देखकर बीजेपी ज्वाइन की थी. मगर मोदी लहर के बावजूद पिछले साल जनिया सीट से असेंबली इलेक्शन हार गयी थी. बेनजीर ने असम बीजेपी प्रेसिडेंट रंजीत दास को पार्टी के लिए सबसे बड़ी परेशानी बताते हुए उन्हें भ्रष्टाचारी तक कह दिया.

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    बेनजीर ने कहा कि असम में हिंदू-मुस्लिम के बीच रिश्ते दिल से जुड़े हैं, लेकिन बीजेपी की वजह से इनमें खटास आ रही है. इसके बाद फिर से महिला कार्ड खेलते हुए उसने कहा कि, ”नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को सशक्त करने के लिए कई स्कीम शुरू की हैं. मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि मेरे साथ हुई नाइंसाफी के लिए पीएम बीजेपी लीडरशिप के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे. मैंने नोटिस का जवाब दे दिया है. यदि सस्पेंशन हटाया भी जाता है तो दोबारा बीजेपी में नहीं जाऊंगी.”

    Source-DDbharti.in

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