Header Ads

  • Breaking News

    खूंखार आतंकी ने मिलाया भारतीय सेना से हाथ, फिर हुआ कुछ ऐसा, जिसे देख कश्मीरियों के उड़े होश

    नई दिल्ली : वैसे तो कश्मीर में पिछले काफी वक़्त से भारतीय सेना आतंकियों का शिकार कर रही है. अब तक 100 से ज्यादा खूंखार आतंकी ठोके जा भी चुके हैं, लेकिन इन दिनों घाटी में एक अलग ही कशमकश शुरू हो गयी है. आतंकी आपस में ही लड़े मर रहे हैं. आतंकी संगठनों में फूट पड़ गयी है. आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां की गलियों को ऐसे हैरतअंगेज पोस्टर्स से भर दिया है, जिन्हे देख आप भी हैरत में पड़ जाएंगे.

    Advertisements

    अपने ही आतंकी जाकिर मूसा से डरा हिजबुल मुजाहिद्दीन !
    इन पोस्टर्स में हिज़बुल ने अपने पूर्व कमांडर जाकिर मूसा के खिलाफ जहर उगलते हुए लिखा है कि जाकिर मूसा ने भारतीय सेना के साथ हाथ मिला लिया है और सेना की सहायता कर रहा है. उसके कारण ही सेना आसानी से कश्मीरियों की ह्त्या कर पा रही है. पोस्टरों में लोगों को उकसाया गया है कि भारतीय एजेंट बन चुका जाकिर मूसा जहां भी मिले, पकड़कर मार डालो.

    ये पोस्टर्स उर्दू में लिखे गए हैं और इन पर मूसा की तस्वीरें भी छापी गई है. इसमें दावा किया गया है कि जाकिर मूसा भारतीय सेना से बड़ी रकम लेकर निर्दोष कश्मीरियों की हत्या करवा रहा है. यह ‘विश्वासघाती’ सरकारी मदद से खुद को खूब अमीर बना रहा है. पहले वो हिज़बुल का हिस्सा था मगर अब उसने भारत सरकार से हाथ मिला लिया है. ऐसे में आपको वह जहां भी मिले, उसे खत्म कर दो.

    Advertisements

    आतंकी संगठनों में फूट !
    हालांकि सच्चाई इससे कोसों दूर है. दरअसल मूसा के मुताबिक़ अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस कश्मीर में ‘राजनीतिक समस्या’ बताकर ‘आम लोगों को फांसी’ पर चढ़वा रहा है. जबकि मूसा कश्मीर के आंदोलन को कश्मीर की आजादी नहीं बल्कि इस्लामिक आंदोलन मानता है. उसके मुताबिक़ हिन्दुओं को मारने का मिशन होना चाहिए ना कि कश्मीर की राजनीति का. इसीलिए उसे हुर्रियत कॉन्फ्रेंस पर विशवास नहीं रहा और उसने कुछ महीने पहले ही हिज़बुल मुजाहिदीन का साथ छोड़कर ‘गजवा-ए-हिंद’ (अल-कायदा का आतंकी सेल) से हाथ मिला लिया था.

    अब हाल ये है कि एक आतंकी संगठन कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने के लिए लड़ रहा है और दूसरा हिन्दुओं के क़त्ल के लिए. दोनों आपस में ही भिड़ गए हैं. वैसे देखा जाए तो भारतीय सेना के लिए तो इससे फायदा ही है क्योंकि दोनों की आपसी लड़ाई का फायदा उठाकर दोनों संगठनों के आतंकियों को ठोकना आसान हो जाएगा.
    Advertisements

    पीएम मोदी ने तो कश्मीर से एक-एक आतंकी को चुन-चुन कर मारने के आदेश दिए हुए हैं. सेना भी अपने मिशन में तेजी से काम कर रही है. हालात ये हो चुके हैं कि आतंकी संगठन का लीडर बनते ही उसे मार दिया जाता है. ऐसे में आतंकी लीडर बनने तक से कतराने लगे हैं, उन्हें पता है कि उनके लीडर बनते ही उनका नंबर आ जाएगा.

    Source-DDbharti.in

    Post Top Ad

    Advertisements

    Post Bottom Ad

    Advertisements