Header Ads

  • Breaking News

    दाऊद के भाई को पकड़ने वाले सुपरकॉप पर कांग्रेस राज में हुए अत्याचारों को देख दिल दहल जाएगा

    मुंबई : आपको पता ही होगा कि कैसे कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए “हिन्दू आतंकवाद” शब्द को गढ़ा था. हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए मालेगाव ब्लास्ट में कर्नल पुरोहित जैसे देशभक्त जवान को फंसाया गया था. समझौता ब्लास्ट में पाक आतंकी को छोड़कर असीमानंद को फंसाया गया था. उन पर अत्याचार किये गए थे. आज दाऊद के भाई को पकड़ने वाले एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा के साथ भी कांग्रेस ने इसी तरह अन्याय किया था.

    Advertisements

    दाऊद के भाई को पकड़ने वाले जाबांज के खिलाफ कोंग्रेसी साजिश !
    अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के छोटे भाई इकबाल कासकर को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और ठाणे पुलिस की ऐंटी एक्सटॉर्शन सेल के चीफ प्रदीप शर्मा ने गिरफ्तार कर लिया है. एक समय बड़े-बड़े गैंगस्टरों और आतंकियों को ठोक कर मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले प्रदीप शर्मा लंबे समय से गुमनाम थे. क्या आप जानते हैं क्यों?

    क्योंकि अपराधियों को मार गिराने वालों को फेक एनकाउंटर केस में फंसवा देने का कांग्रेस का रिकॉर्ड रहा है. गुजरात के आईपीएस डीजी वंजारा का नाम भी उनमे से एक है, जिन्हे कांग्रेस ने साजिश करके कई सालों के लिए जेल भिजवा दिया था. प्रदीप शर्मा नाम के इस जाबांज के साथ भी ऐसा ही किया गया क्योंकि उसका कसूर था कि वो देशभक्त था, कांग्रेस के इशारों पर नाचने से उसने मना कर दिया था.
    Advertisements

    गैंगस्टरों और आतंकियों के 113 एनकाउंटर कर चुके हैं !
    प्रदीप शर्मा पिछले 9 सालों से ससपेंड थे. महाराष्ट्र सरकार ने 9 साल बाद पिछले महीने ही उन्हें वापस नौकरी पर बहाल किया. 56 वर्षीय प्रदीप शर्मा ने अपने 35 साल लंबे पुलिस करियर में लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकियों समेत कुल 113 एनकाउंटर किए और 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड के लिए खौफ का दूसरा नाम बन गए थे.


    सोचिये उनकी जांबाजी ऐसी थी कि साल 2014 में उन पर एक मराठी फिल्म ‘रेगे’ भी बनायी गयी. कांग्रेस सरकार से बर्दाश्त नहीं हुआ कि प्रदीप शर्मा गैंगस्टरों और आतंकियों का सफाया करते जा रहे थे. उसके बाद कांग्रेस की मक्कारी देखकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जायेगी. अगस्त 2008 में प्रदीप शर्मा को संविधान के अनुच्छेद 311 का इस्तेमाल करते हुए पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया, इस अनुच्छेद के मुताबिक़ नियोक्ता बिना नोटिस कर्मचारी को नौकरी से निकाल सकता है.

    Advertisements
    महाराष्ट्र ऐडमिनिस्ट्रेटिव ट्राइब्यूनल ने सुनाया कांग्रेस के खिलाफ फैसला !
    नौकरी से इस तरह से निकाले जाने के फैसले प्रदीप शर्मा ने महाराष्ट्र ऐडमिनिस्ट्रेटिव ट्राइब्यूनल (MAT) में चैलेंज किया, क्योंकि प्रदीप शर्मा सही थे, इसलिए ट्राइब्यूनल ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया. अपनी हार महाराष्ट्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार से बर्दाश्त नहीं हुई और वो ट्राइब्यूनल के फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट चली गई. वहां भी कांग्रेस को मुँह की खानी पड़ी.

    फेक एनकाउंटर कहकर झूठे केस में फंसाया !
    यहां मामला अभी लटका हुआ ही था कि साल 2010 में एसआईटी ने उन्हें गैंगस्टर लखन भइया के एनकाउंटर मामले में गिरफ्तार कर लिया. प्रदीप शर्मा के खिलाफ कांग्रेस ने अपनी सारी ताकत झोंक दी. उन पर आरोप लगाए गए कि गैंगस्टर लखन भइया का उन्होंने फेक एनकाउंटर किया था. यानी कांग्रेस एक गैंगस्टर का पक्ष ले रही थी. उन्हें लगातार परेशान किया गया, मगर 2013 में कोई सबूत ना मिलने पर ट्रायल कोर्ट ने उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया.

    Advertisements
    कांग्रेस ने इसके बावजूद उन्हें वापस नौकरी पर नहीं रखा, क्यों? ताकि वो बचे खुचे आतंकियों का भी एनकाउंटर ना कर दें? महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार आने के बाद अभी एक महीने पहले अगस्त में उनकी खाकी वर्दी में वापसी हुई और अपनी दूसरी पारी की जबरदस्त शुरुआत करते हुए उन्होंने दाऊद के भाई को धर-दबोचा. सोचिये कितनी खतरनाक है कांग्रेस, जो देशभक्त पुलिसवालों और सेना के जवानों तक को झूठे मामलों में फंसा देती है.

    Source-DDbharti.in

    Post Top Ad

    Advertisements

    Post Bottom Ad

    Advertisements