हिन्दुओ के लिए भीषण खतरा : हर रोहिंग्या औरत 7 से 10 बच्चे कर रही है, हिन्दू को करना होगा पलायन
पिछले दिनों दैनिक भारत के पाठको को हमने बताया था की
रोहिंग्या घुसबैठिये 8 से 10 बच्चे प्रति महिला कर रहे है
हर रोहिंग्या पुरुष 1 से अधिक बीवी लेकर चल रहा है, और हर बीवी से 10 तक बच्चे कर रहा है
इनकी आबादी 280% की रफ़्तार से बढ़ रही है
हर साल 3 गुना हो जा रहे है, कुछ लोगों ने दैनिक भारत की बात पर आपत्ति दर्ज कराइ थी और कहा था की इसमें सच्चाई नहीं है
खैर अब आपको दिखाते है हमारी बात में कितनी सच्चाई थी
जो बात हमने 1 महीने पहले अपने पाठकों को बताई थी, वही बात लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी आज कही
ये लोग शरणार्थी है, इनके पास खाना तक नहीं है
पर 16000 महिलाएं गर्भवती हो गयी है
ये तो बांग्लादेश है जो इनको कम बच्चे करने की सलाह दे रहा है, अगर इनको भारत में कम बच्चे करने की सलाह दी जाये तो सेक्युलर तत्व कहेंगे की ये तो मुसलमानो पर हमला है
भारत में तो इनको कम बच्चे करने की सलाह भी नहीं दी जा सकती अन्यथा सांप्रदायिकता की घोषणा कर दी जाएगी, रोहिंग्या 280% की रफ़्तार से बढ़ रहे है
सिर्फ 10 साल में ही भारत के कई इलाकों में रोहिंग्या बहुसंख्यक हो जायेंगे, ऐसी सूरत में स्थानीय लोगों को कहीं और शरण लेना पड़ेगा पलायन करना पड़ेगा
Source-Dainik-bharat.com
रोहिंग्या घुसबैठिये 8 से 10 बच्चे प्रति महिला कर रहे है
हर रोहिंग्या पुरुष 1 से अधिक बीवी लेकर चल रहा है, और हर बीवी से 10 तक बच्चे कर रहा है
इनकी आबादी 280% की रफ़्तार से बढ़ रही है
हर साल 3 गुना हो जा रहे है, कुछ लोगों ने दैनिक भारत की बात पर आपत्ति दर्ज कराइ थी और कहा था की इसमें सच्चाई नहीं है
खैर अब आपको दिखाते है हमारी बात में कितनी सच्चाई थी
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जो बात हमने 1 महीने पहले अपने पाठकों को बताई थी, वही बात लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी आज कही
ये लोग शरणार्थी है, इनके पास खाना तक नहीं है
पर 16000 महिलाएं गर्भवती हो गयी है
ये तो बांग्लादेश है जो इनको कम बच्चे करने की सलाह दे रहा है, अगर इनको भारत में कम बच्चे करने की सलाह दी जाये तो सेक्युलर तत्व कहेंगे की ये तो मुसलमानो पर हमला है
भारत में तो इनको कम बच्चे करने की सलाह भी नहीं दी जा सकती अन्यथा सांप्रदायिकता की घोषणा कर दी जाएगी, रोहिंग्या 280% की रफ़्तार से बढ़ रहे है
सिर्फ 10 साल में ही भारत के कई इलाकों में रोहिंग्या बहुसंख्यक हो जायेंगे, ऐसी सूरत में स्थानीय लोगों को कहीं और शरण लेना पड़ेगा पलायन करना पड़ेगा
Source-Dainik-bharat.com




