गृहमंत्री ने दिया बड़ा बयान,बोले-'शरणार्थी नहीं अवैध घुसपैठिए हैं रोहिंग्या,भारत शरण नहीं देगा'
नई दिल्ली. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रोहिंग्या मुस्लमानों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि - 'शरणार्थी नहीं अवैध घुसपैठिए हैं रोहिंग्या, भारत शरण नहीं देगा'।
-राजनाथ सिंह ने कहा कि रोहिंग्या देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी रोहिंग्या को भारत में शरण नहीं मिलेगा।
-उन्होंने आगे कहा कि म्यांमार से घुसे लोग शरणार्थी नहीं हैं। इस संबंध में म्यांमार से बात की गई है। म्यांमार इन्हें वापस लेने को तैयार है।
कौन है रोहिंग्या मुस्लमान
-दरअसल, म्यांमार की बहुसंख्यक आबादी बौद्ध है। म्यांमार में एक अनुमान के मुताबिक़ 10 लाख रोहिंग्या मुसलमान हैं।
- इन मुसलमानों के बारे में कहा जाता है कि वे मुख्य रूप से अवैध बांग्लादेशी प्रवासी हैं।
-ऐसे में सरकार ने इन्हें नागरिकता देने से मना कर दिया है। हालांकि ये म्यामांर में पीढ़ियों से रह रहे हैं।
- रखाइन स्टेट में 2012 से सांप्रदायिक हिंसा जारी है। इस हिंसा में बड़ी संख्या में लोगों की जानें गई हैं और एक लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं।
-ऐसे में बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुसलमान आज भी जर्जर कैंपो में रह रहे हैं।
-लाखों की संख्या में बिना दस्तावेज वाले रोहिंग्या बांग्लादेश में रह रहे हैं। इन्होंने दशकों पहले म्यांमार छोड़ दिया था।
-राजनाथ सिंह ने कहा कि रोहिंग्या देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी रोहिंग्या को भारत में शरण नहीं मिलेगा।
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-उन्होंने आगे कहा कि म्यांमार से घुसे लोग शरणार्थी नहीं हैं। इस संबंध में म्यांमार से बात की गई है। म्यांमार इन्हें वापस लेने को तैयार है।
कौन है रोहिंग्या मुस्लमान
-दरअसल, म्यांमार की बहुसंख्यक आबादी बौद्ध है। म्यांमार में एक अनुमान के मुताबिक़ 10 लाख रोहिंग्या मुसलमान हैं।
- इन मुसलमानों के बारे में कहा जाता है कि वे मुख्य रूप से अवैध बांग्लादेशी प्रवासी हैं।
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- रखाइन स्टेट में 2012 से सांप्रदायिक हिंसा जारी है। इस हिंसा में बड़ी संख्या में लोगों की जानें गई हैं और एक लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं।
-ऐसे में बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुसलमान आज भी जर्जर कैंपो में रह रहे हैं।
-लाखों की संख्या में बिना दस्तावेज वाले रोहिंग्या बांग्लादेश में रह रहे हैं। इन्होंने दशकों पहले म्यांमार छोड़ दिया था।




