राष्टपति कोविंद के पहले ही भाषण पर कांग्रेस के इस बड़े नेता ने जो कहा उसे सुन हर कोई रह गया हैरान
मंगलवार को रामनाथ कोविंद ने देश के 14वें राष्टपति के रूप में शपथ ली और अपना पहला भाषण दिया ! ! संसद के सेंट्रल हॉल में रामनाथ कोविंद ने भाषण देते हुए सविधान की रक्षा और सविधान का पालन करने का वचन दिया ! साथ ही उन्होंने समानता के मूल्यों, न्याय, स्वतंत्रा के अधिकार पालन करने का भी वचन दिया !
राष्टपति रामनाथ कोविंद के पहला भाषण ही कोंग्रेसी खेमे के कुछ नेताओ को रास नहीं आया ! राष्टपति के शपथ ग्रहण समारोह के बाद कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने जो कहा उससे सब हैरान रह गए ! गुलाम नबी आजाद ने कहा ” नए राष्ट्रपति को बधाई। अब वो एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे देश के राष्ट्रपति है। हमे उम्मीद है कि वो देश के हित का ख्याल रखेंगे। लेकिन अफसोस है कि देश को दिए पहले भाषण में उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जो स्वतन्त्रता सेनानी भी रहे, आगे उनकी बेटी और नाती भी प्रधानमंत्री रहे, जिन्होंने देश के लिये बलिदान दिया, वे उनका नाम लेना भूल गए”।
गुलाम नबी आजाद ने आगे कहा ” भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू सिर्फ भारत के नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के नेता थे ! जिन्होंने अपने नाम के जानिए पूरी दुनिया का नेतृत्व किया ! ये काफी निराशाजनक है ” !
वहीँ दूसरी ओर भाजपा के दिग्गज नेता और केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुलाम नबी आजाद पर पलटवॉर करते हुए कहा – “कोविंद जी का राष्टपति होना देश के सौभाग्य की बात है ! रामनाथ कोविंद जी का भाषण सार्वभौमिक था ! हर भाषण में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का नाम लेने का दबाव देना उन्हें छोटा करने की कोशिश की गई ! आखिर कांग्रेस पार्टी ने सरदार पटेल को छोटा क्यों किया ? और अगर पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने सरदार पटेल को भारत रत्न नहीं दिया होता तो ये काम अटल जी को करना पड़ता ! हर बात पर राजनीती नहीं होनी चाहिए ” !
राष्टपति रामनाथ कोविंद के पहला भाषण ही कोंग्रेसी खेमे के कुछ नेताओ को रास नहीं आया ! राष्टपति के शपथ ग्रहण समारोह के बाद कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने जो कहा उससे सब हैरान रह गए ! गुलाम नबी आजाद ने कहा ” नए राष्ट्रपति को बधाई। अब वो एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे देश के राष्ट्रपति है। हमे उम्मीद है कि वो देश के हित का ख्याल रखेंगे। लेकिन अफसोस है कि देश को दिए पहले भाषण में उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जो स्वतन्त्रता सेनानी भी रहे, आगे उनकी बेटी और नाती भी प्रधानमंत्री रहे, जिन्होंने देश के लिये बलिदान दिया, वे उनका नाम लेना भूल गए”।
गुलाम नबी आजाद ने आगे कहा ” भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू सिर्फ भारत के नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के नेता थे ! जिन्होंने अपने नाम के जानिए पूरी दुनिया का नेतृत्व किया ! ये काफी निराशाजनक है ” !
वहीँ दूसरी ओर भाजपा के दिग्गज नेता और केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुलाम नबी आजाद पर पलटवॉर करते हुए कहा – “कोविंद जी का राष्टपति होना देश के सौभाग्य की बात है ! रामनाथ कोविंद जी का भाषण सार्वभौमिक था ! हर भाषण में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का नाम लेने का दबाव देना उन्हें छोटा करने की कोशिश की गई ! आखिर कांग्रेस पार्टी ने सरदार पटेल को छोटा क्यों किया ? और अगर पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने सरदार पटेल को भारत रत्न नहीं दिया होता तो ये काम अटल जी को करना पड़ता ! हर बात पर राजनीती नहीं होनी चाहिए ” !




