इसीलिए डोकलाम से एक कदम भी पीछे नहीं हट रहा है भारत, वजह जानेंगे तो आपके होश उड़ जायेंगे !
सिक्किम मुद्दे पर चीन ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि भारत भूटान की मदद करने के लिए आगे आएगा. डोकलाम इलाके में चीनी सेना ने अतिक्रमण करने की बहुत कोशिश की पर भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों को भूटान सरकार की मांग पर खदेड़ दिया। लगभग एक महीने से दोनों देशों की सेना आमने-सामने है और इस दौरान चीनी मीडिया की तरफ से रोज एक न एक अपतिजनक बयान आ रहे हैं.
source
चीनी मीडिया हमेशा से भारत और चीन के बीच 1962 में हुए युद्ध की याद दिलाता है, वहीँ दूसरी तरफ अपनी आर्थिक शक्ति का हवाला देते रहता है. शी चिनफिंग की सरकार, चीनी मीडिया के जरिए भारत सरकार को चुनौती दे रही है। सन् 1950 में चीन ने तिब्बत पर हक़ जमा लिया था और अब 2017 में भूटान को तिब्बत बनाने की कोशिश में लगा हुआ है. भूटान तिब्बत के मुकाबले कमजोर ही नहीं बल्कि काफी छोटा मुल्क है. लेकिंग भारत को तिब्बत से जादा भूटान पर ड्रैगन का कब्जा खातर साबित हो सकता है. तिब्बत की सीमा कश्मीर, उत्तराखंड, सिक्किम से लेकर अरुणाचल तक से मिलती है.
Source
भूटान पर कब्जे से भारत के नॉर्थ ईस्ट पर खतरा
तिब्बत का क्षेत्रफल 12 लाख 20 हजार वर्ग किमी. है, तो वहीं भूटान का क्षेत्रफल 38000 वर्ग किमी. है.अगर बात जनसँख्या की करे तो तिब्बत की जनसंख्या 27 लाख 70 हजार है, और भूटान की जनसंख्या 7 लाख 50 हजार है. ध्यान देने बात ये है कि 1950 के बाद 27 बार चीन ने सिक्किम और अरुणाचल पर नजर उठाई है. अगर चीन भूटान पर कब्जा करता है, तो खतरा भारत के पूरे नॉर्थ ईस्ट के राज्यों पर आ जाएगा.
अगर नक्शे में डोकलाम को देखा जाये तो वहां भारत से चंद कदम दूर है और उसको कोई दिक्कत नहीं होगी भारत में आने में क्योंकि डोकलाम ऊंचाई पर है. चीनी फौज कभी चाहे तो वो राजमार्ग 31 से सिक्किम और बंगाल के रास्ते भारत में आराम से आ सकता है. ऐसे में नॉर्थ ईस्ट के सातों राज्यों पर संकट बन गया है.
Source
भूटान को दूसरा तिब्बत बना देगा चीन
चीन ने डोकलाम इलाके में सड़क बना शुरू कर दिया है, भूटान आर्मी ने उसका विरोध भी किया पर उसके बावजूद चीन सड़क बना रहा है. इसके चलते भारतीय सैनिकों ने विरोध जताया तो चीनी सेना ने भारत की छोटी चौकियां नष्ट कर डाली. यह सब के बाद साफ है कि भारत के डोकलाम से पीछे हटने पर चीन भूटान को दूसरा तिब्बत बना देगा.
source
चीन ने तिब्बत को पूरी तारा लूट डाला है
तिब्बत की सबसे ऊंची जगह पर चीन ने सड़क निर्माण कर लिया है. वह के आस पास के 70 जंगला भी साफ़ कर दिया है. चीनी सरकार ने तिब्बत में चीनी सैनिकों का अड्डा बना दिया है. तिब्बत से निकलने वाली सतलुज, सिंधु, ब्रह्मपुत्र और इरावदी नदी पर कब्जा कर लिया है. चीन की यही विस्तारवादी नीति भारत के लिए खतरे की घंटी है. 1950 में तिब्बत में 6 हजार मठ और मंदिर थे लेकिन अब सिर्फ 60 मठ बचे हैं. धार्मिक महत्व की कलाकृतियां, दुर्लभ पांडुलिपी, प्राचीन थंका चित्र विश्व बाजार में बेच अरबों कमा लिया है.
Source
भारत को चीन आये दिन धमकी दे रहा है कि डोकलाम से भारत अपनी सेना वापिस बुलाले, लेकिन अगर भारत ऐसा करता है तो डोकलाम पर चीन की पकड़ मजबूत हो जाएगी. चीन इस मसले पर पीछे हटने को तैयार नहीं है, वो लगातार डोकलाम पर अपना दावा जता रहा है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन से हटाने को कहा था, जिसे ड्रैगन ने फैंटेसी करार दिया. ऐसे में इस सैन्य गतिरोध के और बढ़ने की आशंका है.




