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    ब्रेकिंग – चीन ने दी युद्ध की धमकी तो ये देश आया मोदी के साथ, जिंगपिंग की आँखों में आये आंसू

    नई दिल्ली : यह पीएम मोदी की आज सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत है का ही नतीजा है कि आज भारत चीन सीमा विवाद में दुनिया भर के देश भारत के साथ खड़े हैं. चीन का अपने अड़ियल स्वभाव के कारण आये दिन भारत को युद्ध की धमकी दे रहा है. उसका सिर्फ भारत के साथ सीमा विवाद नहीं चल रहा है, उसका 21 और देशों के साथ विवाद चल रहा है. ऐसे में मुश्किल घड़ी में पीएम मोदी के इस गहन मित्र देश ने चीन को ज़ोरदार तमाचा रसीद दिया है.

    श्रीलंका ने ड्रैगन को जड़ा ज़ोरदार तमाचा
    इसे पीएम मोदी की सफल रणनीतिका नतीजा ही कहा जा सकता है कि श्रीलंका के जरिए भारत को घेरने की ड्रैगन की कोशिश को बड़ा झटका लगा है. आज भारत के साथ कंधे से कन्धा मिलाते हुए श्रीलंका ने चीन को बड़ा झटका दिया है. अभी अभी बड़ी खबर सामने आ रही है कि श्रीलंका में चीन के विरोध में उतरते ही हंबनटोटा पोर्ट को चीन के हाथों से वापस खींच लिया है.

    चीन के अरबों डॉलर प्रोजेक्ट पर फिर गया पानी
    दरअसल चीन ने भारत को घेरने के लिए श्रीलंका के दक्षिण में स्थित हंबनटोटा बंदरगाह से भारत पर नज़र रखने और वहां चीनी निवेश बनाने के लिए हज़ारों करोड़ों का निवेश किया था. व्यापार की आड़ में चीन इसे अपने सैन्य गतिविधियों के लिए भी इस्तेमाल कर सकता था. यही नहीं इसमें चीन का 80 फीसदी हिस्सेदारी थी. इस बंदरगाह को विकसित करके चीन इसे अपना गढ़ बनाने के लिए इसमें 1.5 अरब डॉलर का भारी निवेश करने जा रहा था. लेकिन ज़बरदस्त स्थानीय विरोध ने चीन के पाँव उखाड़ दिए.


    चीन के खिलाफ बौद्ध भिक्षु तक सड़कों पर उतर आये
    इस बंदरगाह का संचालन और हिस्सेदारी सब चीन के पास रखने से लोग बेहद गुस्से में सड़क पर उतर आये. स्थानीय लोगों के साथ ही बौद्ध भिक्षु भी सड़क पर उतर आये और ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन होने लगा.हंबनटोटा दुनिया का सबसे बिजी शिपिंग लेन है और निजीकरण होने के चलते चीनी कंपनी के हाथों में जाने से बड़ा खतरा पैदा हो सकता था. श्रीलंका के इस कदम से भारत के साथ ही जापान और अमेरिका की चिंता दूर होगी. श्रीलंका सरकार ने बंदरगाह को संचालन पर चीन की भूमिका को सीमित कर दिया है.

    आपको बता दें चीन आज कल हर दूसरे दिन भारत को युद्ध की धमकी दे रहा है और 1962 जैसा हाल करने की बात कह रहा है. दरअसल वो ऐसा इसलिए कह रहा है क्यूंकि उसे पता है कि भारत देश में लोग चीन के सामान का बहिष्कार नहीं कर पाएंगे. अभी चीनी कंपनी ओप्पो ने भारतीयों के बारे में गलत भाषा का इस्तेमाल किया था तो उसके 90 फीसदी कर्मचारियों ने नौकरी को लात मार दिया. ऐसे ही अगर पूरा भारत देश एक साथ खड़ा हो जाए तो चीन एक दिन में अपने घुटनों पर आ जायेगा उसका अरबों का व्यापार भारत के साथ ही होता है.

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