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    कश्मीर में पीएम मोदी ने पूरा किया अपना सबसे बड़ा वादा, घाटी में पत्थरबाजों का हमेशा के लिए सफाया

    नई दिल्ली : 2014 लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने देश की जनता से वादा किया था कि वो कश्मीर समस्या का समाधान करेंगे. अभी-अभी एक बेहद अहम् खबर आ रही है, जिसके मुताबिक़ कश्मीर की सबसे बड़ी पत्थरबाजी और अलगाववाद की समस्या का समाधान लगभग किया जा चुका है. खुफिया एजेंसियों ने इस मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है.

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    बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने कश्मीरी पत्थरबाजों पर एक डोजियर तैयार किया है. इस डोजियर में बताया गया है कि कैसे ये पत्थरबाज हुर्रियत नेताओं से पैसे लेकर आतंकियो के एनकाउंटर की जगह पर खलल डालने पहुंच जाते हैं.

    कश्मीर में पिछले कुछ महीनों में हुई पत्थरबाजी की गहन समीक्षा करके जांच एजेंसी ने एक रिपोर्ट तैयार की है. इसके साथ-साथ एनआईए ने सेना द्वारा आतंकियों के एनकाउंटर के दौरान आतंकियों के बचाव में की जाने वाली पत्थरबाजी और पत्थरबाजों की पूरी प्रोफाइलिंग तैयार की है. जांच एजेंसी ने इन पत्थरबाजों के फेसबुक, व्हॉट्स ऐप और मोबाइल नंबर से प्राप्त जानकारियों के आधार पर पता लगाया कि वो कौन-कौन से लोग हैं, जो आतंकियों की सहायता के लिए सेना पर पत्थर फेकते हैं.

    जांच में एजेंसी को पता चला है कि 48 गैंग लीडर लगभग हर आतंकी एनकाउंटर के दौरान भारी संख्या में पत्थरबाजों की भीड़ जुटाते हैं और सेना पर पत्थरबाजी करते हैं, जिसके कारण आतंकियों को भागने का मौक़ा मिल जाता है और कई बार तो सेना के जवान भी घायल हो जाते हैं.

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    एनआईए ने इन गैंग लीडरों की पहचान कर ली है. खुफिस एजेंसी की 10 सदस्यों की एक टीम ने पत्थरबाजों की कॉल डिटेल, फ़ेसबुक और व्हाट्स ऐप से जुताई जानकारी के आधार पर पत्थरबाजों का बाकायदा एक लिंक तैयार किया है. पत्थरबाजी का ये पूरा संगठित गिरोह कैसे काम करता है, इसका खुलासा हो गया है. इस लिंक से साफ़ पता चलता है कि कुछ ऐसे पत्थरबाज लीडर हैं, जो हर आतंकी एनकाउंटर के दौरान घटनास्थल पर पहुंच जाते हैं.

    एनआईए ने अपनी जांच में ऐसे 48 मोबाइल नंबर ढूंढ निकाले हैं, जो हर वारदात के दौरान जरूर मौजूद रहते हैं. कश्मीर में बाकायदा पत्थरबाजों के 200 सबसे ज्यादा एक्टिव ग्रुप मौजूद हैं और ये सभी एक दुसरे से फेसबुक व् व्हाट्सप्प के जरिये जुड़े रहते हैं. पत्थरबाजों के लगभग 28 व्हॉट्स ऐप ग्रुप हैं और इनमे से कई ग्रुप तो पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे हैं. यानी पाकिस्तान में बैठा आतंकियों का सरगना व्हाट्सप्प के जरिये इन पत्थरबाजों को आदेश देता है और ये पत्थरबाज एनकाउंटर वाली जगह पर तुरंत पहुंच जाते हैं.

    पाकिस्तान में बैठकर ये आका कश्मीर के स्कूलों में आगजनी से लेकर सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी कराने की घटनाओं को व्हाट्स ऐप के जरिए अंजाम देते हैं. एनआईए से मिली जानकारी के अनुसार एजेंसी ने पहले लगभग 5000 हज़ार मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया था, उसके बाद धीरे-धीरे एनआईए ने उन पत्थरबाजों के 200 सबसे ज्यादा एक्टिव ग्रुप की जानकारी हासिल की. फिर पता चला कि 48 पत्थरबाज ऐसे हैं, जो हर जगह पत्थरबाजी के समय मौजूद रहते हैं.

    एनआईए अब इन पथरबाजों के लीडरों से सख्ती के साथ पूछताछ करेगी और सच उगलवाएगी. जिसके बाद पत्थरबाजी का पूरा नेटवर्क धराशायी किया जाएगा. बता दें कि एनआईए ने 7 अलगाववादियों को गिरफ्तार किया है और आज उनकी दिल्ली के पटियाल हाउस कोर्ट में पेश हुई है. शिकंजा कसता चला जा रहा है और कश्मीर समस्या अपने समाधान की ओर तेजी से बढ़ रही है.

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