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    कश्मीर की धारा 370 और पीओके को लेकर मोदी ने लिया हाहाकारी फैसला, देश की राजनीति में भूचाल

    नई दिल्ली : सबसे पहले पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक, फिर नोटबंदी के जरिये काले कुबेरों पर अंकुश, फिर योगी आदित्यनाथ को यूपी का मुख्यमंत्री बनाना, जीएसटी लागू करना और उसके बाद दलित नेता रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाने जैसे जैसे बड़े-बड़े कारनामे करने के बाद मोदी सरकार ने अब कश्मीर को लेकर एक ऐसा फैसला ले लिया है, जिसका इन्तजार तो देश की जनता पिछले सत्तर सालों से कर रही है.
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    धारा 370 ख़त्म करने के मिशन पर मोदी सरकार
    बताया जा रहा है कि यूपी, उत्तराखंड जैसे बड़े चुनावों और राष्ट्रपति चुनाव के दौरान कोई विवाद उत्पन्न ना हो, इसीलिए मोदी सरकार ने अब तक कश्मीर से धारा 370 हटाने के मुद्दे पर चुप्पी साधी हुई थी. लेकिन अब जब कि ये सभी चुनाव संपन्न हो चुके हैं तो अब मोदी सरकार ने कश्मीर को लेकर कई बड़े फैसले लेने का मन बना लिया है.

    पाकिस्तान से वापस छीन लेंगे पीओके
    वहीँ पाकिस्तान भी बॉर्डर पर सीजफायर का लगातार उल्लंघन कर रहा है और भारत में अशांति फैलाने के लिए आतंकियों की घुसपैठ करा रहा है. इन सबके बीच मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत जल्द ही पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके को वापस लेने जा रहा है.

    बताया जा रहा है कि मोदी सरकार का अगला मिशन जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को ख़त्म करना और पीओके का वापस भारत में विलय करवाना है. दिल्ली में कारगिल शहीदों की याद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि यदि सरदार पटेल की चली होती तो आज कश्मीर की तस्वीर दूसरी होती.


    गौरतलब है कि कश्मीर को लेकर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु और उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के बीच मतभेद था. सरदार पटेल चाहते थे कि सैन्य बल का इस्तमाल करके पूरे कश्मीर को भारत में शामिल करवा लिया जाए जबकि नेहरु क्या चाहते थे ये तो भगवान् ही जानें. क्योंकि जब कश्मीर मिला भी तब भी उन्होंने धारा 370 नाम की समस्या को जन्म दे दिया और कश्मीर भारत का होकर भी पूरी तरह से भारत का ना हो सका.

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    कश्मीर को भारत का पैसा तो मिलता है लेकिन भारत के नियम व् कायदे वहां नहीं माने जाते, यहाँ तक कि कश्मीर का तो अलग झंडा भी है. नेहरू की नाकामी के कारण आज भी कश्मीर एक समस्या बनकर रह गया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत को वो पूरा कश्मीर चाहिए जो महाराजा हरि सिंह ने सौंपा था. सिंह ने बताया कि मोदी सरकार अब इसी एजेंडे पर काम कर रही है.

    अलगाववादी भी जाएंगे जेल
    इसी के साथ केन्द्रीय मंत्री ने ये भी बताया कि आतंकियों को मिलने वाली फंडिग पर एनआईए तेजी से जांच कर रही है और एनआईए को अलगाववादियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिल चुके हैं. अलगाववादियों के मन में अब जाकर कानून का भय उत्पन्न हुआ है. सिंह ने माना कि कश्मीर की मौजूदा हालातों के लिए अलगाववादियों से ज्यादा सूबे की राजनीति के मुख्यधारा से जुड़े हुए लोग जिम्मेदार हैं.

    केन्द्रीय मंत्री के बयान से साफ़ है कि मोदी सरकार जल्द ही कश्मीर को लेकर बड़ा फैसला सुनाने वाली है और एक बार फिर देश की जनता को चौंकाने वाली है. सूत्रों के मुताबिक़ पीएम मोदी अब धारा 370 ख़त्म करने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं और जल्द ही देश से इस नासूर को सदा के लिए ख़त्म कर दिया जाएगा. जिसके बाद पाकिस्तान को उसकी करतूतों का सबक सिखाते हुए उससे पीओके छीन कर वापस भारत में मिला लिया जाएगा.

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