अभी-अभी – आप बुलेट ट्रेन में बिजी थे वहां बंगाल में हुआ बड़ा हमला, भारतीय सेना आयी गुस्से में
नई दिल्ली : बंगाल में हालात दिन पर दिन बद्द से बदतर होते जा रहे हैं. दिनभर गौ रक्षकों को गाली देने वाली बिकाऊ मीडिया और सोशल मीडया पर वामपंथी पत्रकार में से किसी ने बंगाल की खबर दिखाना ज़रूरी नहीं समझा. ममता बनर्जी के राज में अब जवानों का खून भी बहना शुरू हो गया है और कहीं कोई पत्रकार आवाज़ नहीं उठा रहा है.
ममता के राज में बीएसफ जवान की निर्मम हत्या
अभी-अभी बड़ी खबर उत्तर 24 परगना से आ रही है जहाँ भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट बीएसएफ के एक जवान की गौ तस्करों ने बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी है. आये दिन बंगाल से गौ तस्करों की खबरें आ रही हैं. ऐसा लगता है जैसे बंगाल में कोई पुलिस कानून कुछ कर ही नहीं रहा है. गौ तस्करों को खुली छूट मिली हुई है. इससे पहले भी बीएसफ के जवानों ने ही गौ तस्करों की धरपकड़ करके 300 से ज़्यादा गायों को छुड़ाया था.
इतनी बड़ी खबर बन जाती है लेकिन टीवी मीडिया अभी बाबा गुरमीत और हनीप्रीत में क्या रिश्ता है और डेरा की गुफा में ही घुसा हुआ है. हद तो अब ये हो गयी है कि गौ और गौ वंश को बचाने के चक्कर में अब हमारे देश के जवानों का खून बह रहा है और जो जवान का खून बहा दे वो आतंकवादी से कम नहीं आँका जा सकता है.
गौ तस्करों की बढ़ गयी है हिम्मत
पश्चिम बंगाल के बारासात ज़िले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास गौ हत्यारों ने सीमा सुरक्षा बल के एक जवान की बेरहमी से हत्या केवल इसलिए कर दी क्योंकि उन्हें गाय से लदे ट्रक को रोकने के लिए जवान की कोशिश की और ये उन गौ हत्यारों को रास नहीं आया और यही वजह बन गयी उस वीर बलिदानी के कत्ल की.
मीडिया व्यस्त है बाबा गुरमीत के डेरे में
पुलिस अधीक्षक श्री सुधाकर ने बताया कि बीएसफ के 64वीं बटालियन के जवान तुषार कांति दास ने गायों से भरा ट्रक देखा और उसको रोकने कि पूरी कोशिश करी. जिसके बाद जवान ने ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया. अचानक ही उन्होंने ट्रक का रुख उस जवान की तरफ कर दिया और उसको बेरहमी से कुचल दिया. एक बार नहीं उस जवान को कई बार ट्रक से कुचला गया. दिन रात गौ रक्षकों पर छाती पीटने वाले तथाकथित बुद्धिजीवियों को , मानवधिकारवादियों, पत्रकारों, सेकुलर लोगों में से किसी ने भी इस खबर पर मुँह तक नहीं खोला.
मृत बीएसएफ जवान की पहचान तुषारकांति दास (50) के रूप में हुई है. यही नहीं ट्रक ने बगल की दुकान को भी टक्कर मारा. ड्राइवर वाहन से कूदकर भाग निकला लेकिन हेल्पर को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया. पुलिस की जानकारी के अनुसार, मिनी ट्रक में सात गाय थीं. दुर्घटना के कारण तीन गायों की भी मौत हो गयी.
ममता के शासन में बांग्लादेश से अवैध घुसपैठियों , और रोहिंग्या मुसलमानो के लिए सारे दरवाज़े खुले हैं. लेकिन दुर्गा पूजा पर मूर्ति विसर्जन पर मुहर्रम के चलते रोक लगाने जैसे फैसले बड़ी तेज़ी से ले लिए जाते हैं. लेकिन गौ तस्करी की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है जिससे आज गौ तस्करों और माफियाओं के इरादे बुलंद हैं जिसमें सुरक्षाबलों का भी खून बह रहा है.
ममता के राज में बीएसफ जवान की निर्मम हत्या
अभी-अभी बड़ी खबर उत्तर 24 परगना से आ रही है जहाँ भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट बीएसएफ के एक जवान की गौ तस्करों ने बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी है. आये दिन बंगाल से गौ तस्करों की खबरें आ रही हैं. ऐसा लगता है जैसे बंगाल में कोई पुलिस कानून कुछ कर ही नहीं रहा है. गौ तस्करों को खुली छूट मिली हुई है. इससे पहले भी बीएसफ के जवानों ने ही गौ तस्करों की धरपकड़ करके 300 से ज़्यादा गायों को छुड़ाया था.
इतनी बड़ी खबर बन जाती है लेकिन टीवी मीडिया अभी बाबा गुरमीत और हनीप्रीत में क्या रिश्ता है और डेरा की गुफा में ही घुसा हुआ है. हद तो अब ये हो गयी है कि गौ और गौ वंश को बचाने के चक्कर में अब हमारे देश के जवानों का खून बह रहा है और जो जवान का खून बहा दे वो आतंकवादी से कम नहीं आँका जा सकता है.
गौ तस्करों की बढ़ गयी है हिम्मत
पश्चिम बंगाल के बारासात ज़िले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास गौ हत्यारों ने सीमा सुरक्षा बल के एक जवान की बेरहमी से हत्या केवल इसलिए कर दी क्योंकि उन्हें गाय से लदे ट्रक को रोकने के लिए जवान की कोशिश की और ये उन गौ हत्यारों को रास नहीं आया और यही वजह बन गयी उस वीर बलिदानी के कत्ल की.
मीडिया व्यस्त है बाबा गुरमीत के डेरे में
पुलिस अधीक्षक श्री सुधाकर ने बताया कि बीएसफ के 64वीं बटालियन के जवान तुषार कांति दास ने गायों से भरा ट्रक देखा और उसको रोकने कि पूरी कोशिश करी. जिसके बाद जवान ने ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया. अचानक ही उन्होंने ट्रक का रुख उस जवान की तरफ कर दिया और उसको बेरहमी से कुचल दिया. एक बार नहीं उस जवान को कई बार ट्रक से कुचला गया. दिन रात गौ रक्षकों पर छाती पीटने वाले तथाकथित बुद्धिजीवियों को , मानवधिकारवादियों, पत्रकारों, सेकुलर लोगों में से किसी ने भी इस खबर पर मुँह तक नहीं खोला.
मृत बीएसएफ जवान की पहचान तुषारकांति दास (50) के रूप में हुई है. यही नहीं ट्रक ने बगल की दुकान को भी टक्कर मारा. ड्राइवर वाहन से कूदकर भाग निकला लेकिन हेल्पर को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया. पुलिस की जानकारी के अनुसार, मिनी ट्रक में सात गाय थीं. दुर्घटना के कारण तीन गायों की भी मौत हो गयी.
ममता के शासन में बांग्लादेश से अवैध घुसपैठियों , और रोहिंग्या मुसलमानो के लिए सारे दरवाज़े खुले हैं. लेकिन दुर्गा पूजा पर मूर्ति विसर्जन पर मुहर्रम के चलते रोक लगाने जैसे फैसले बड़ी तेज़ी से ले लिए जाते हैं. लेकिन गौ तस्करी की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है जिससे आज गौ तस्करों और माफियाओं के इरादे बुलंद हैं जिसमें सुरक्षाबलों का भी खून बह रहा है.




