म्यांमार में बौद्धों के हत्यारे बनने के पीछे असली वजह का खुलासा, जानकर अमेरिका, रूस भी सन्न !
नई दिल्ली : म्यांमार में जारी हिंसा के बीच दुनियाभर में कई देश व् मानवाधिकार संगठन रोहिंग्या मुस्लिमों के पक्ष में खड़े हो गए हैं. भारत में भी मानवता के नाम पर रोहिंग्यों को बसाने की कोशिशें की जा रही हैं, हालांकि मोदी सरकार ने ऐसे लोगों को दो टूक जवाब दे दिया है कि सभी रोहिंग्या को निकाला जाएगा. म्यांमार से अब एक ऐसी दिल दहलाने वाले खबर सामने आ रही है, जिसे देख आपको समझ आएगा कि आखिर वो बौद्ध जो सारी दुनिया में अपनी शान्ति के लिए जाने जाते हैं, उन्हें भी आखिर इन कट्टरपंथियों को अपने देश से क्यों निकालना पड़ा. सारी दास्तान जानकार आप अपने आंसुओं को रोक नहीं पाएंगे.
बौद्धों को मार कर जमीन में दबा देते थे कट्टरपंथी !
म्यांमार बौद्ध धर्म को मानने वाला देश हैं, वहां के लोग शान्ति और भाईचारे को पसंद करते हैं लेकिन जैसे-जैसे वहां पर कट्टरपंथी मुस्लिमों की आबादी बढ़ती गयी, वहां पर हिंसा, आतंकवाद, मर्डर जैसे घटनाएं शुरू हो गयी. सबसे खराब हालत तो रोहिंग्या राज्य में हो गयी. आये दिन बौद्धों का क़त्ल होने लगा. धीरे-धीरे वहां बौद्धों की संख्या घटती गयी और मुस्लिमों की संख्या बढती गयी.
आखिरकार म्यांमार की खुफिया एजेंसियों को पता चला कि दरअसल एक साजिश के तहत ऐसा किया जा रहा है. रोहिंग्या के मुस्लिमों को पाक आतंकवादियों द्वारा कट्टरपंथी बनाया गया और म्यांमार को इस्लामिक स्टेट बनाने के प्रयास किये जाने लगे. जैसे कि कश्मीर में किये गए और पंडितों को कत्लेआम करके भगा दिया गया. जैसे बंगाल में किया जा रहा है.
इस्लामिक स्टेट बनाने की थी साजिश !
रोहिंग्या के ये कट्टरपंथी वहां के बौद्धों का बेरहमी से क़त्ल करके उनके मृत शरीर को जमीन में नमक के साथ दफना देते थे, ताकि किसी को उनके बारे में पता ही ना चले और लाश जल्द गल जाए. बताया जा रहा है कि कल म्यांमार की सेना को रोहिंग्या राज्य के पहाड़ी इलाके में कई बौद्धों और उनके बच्चों की लाश मिली, जिन्हे मार कर जमीन में दफना दिया गया था. उनकी लाश को खोदकर निकाल लिया गया. अब आप समझ सकते हैं कि रोहिंग्या कट्टरपंथी कितने खतरनाक होते हैं.
सबसे मजे की बात ये है कि ये कट्टरपंथी व् आतंकवादी वही लोग हैं, जो अपने आतंकियों के मर जलने पर भी दुसरे देशों से उम्मीद करते हैं कि आतंकियों के शरीर का अंतिम संस्कार उनके पारम्परिक तरीके से किया जाए. मानवाधिकार संगठन भी ऐसी दुर्दांत व् खूंखार आतंकियों को मासूम बताकर उनका साथ देने के लिए खड़े हो जाते हैं.
भारत में नो-एंट्री !
म्यांमार खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट देख वहां की सरकार को समझ आ गया कि यदि अब भी चुप बैठे रहे तो यहाँ के बौद्धों को ख़त्म कर दिया जाएगा, संस्कृति समाप्त कर दी जाएगी, अपने देश से भी हाथ धोना पड़ेगा. इसलिए म्यांमार सरकार ने सेना को आदेश दिया और रोहिंग्या राज्य से कट्टरपंथियों को भगा दिया गया. रोहिंग्या राज्य से होने की वजह से इन्हें रोहिंग्या मुस्लिम कहा जा रहा है.
म्यांमार में आतंक मचा चुके इन कट्टरपंथियों की नज़रें अब भारत और बांग्लादेश पर टिक गयी हैं. भारत में इन्हें बॉर्डर पर ही रोक दिया गया है, प्यार से ना मानने पर इनपर गोली चलाने के आदेश भी दिए गए हैं. भारत में अधिकतर लिबरल और कट्टरपंथी मुस्लिम रोहिंग्या कट्टरपंथियों का समर्थन कर रहे हैं, वो चाहते हैं कि रोहिंग्या कट्टरपंथियों को भारत में बसा दिया जाए लेकिन अब रोहिंग्या कट्टरपंथियों की करतूत खुलकर सामने आ रही है.
बौद्धों को मार कर जमीन में दबा देते थे कट्टरपंथी !
म्यांमार बौद्ध धर्म को मानने वाला देश हैं, वहां के लोग शान्ति और भाईचारे को पसंद करते हैं लेकिन जैसे-जैसे वहां पर कट्टरपंथी मुस्लिमों की आबादी बढ़ती गयी, वहां पर हिंसा, आतंकवाद, मर्डर जैसे घटनाएं शुरू हो गयी. सबसे खराब हालत तो रोहिंग्या राज्य में हो गयी. आये दिन बौद्धों का क़त्ल होने लगा. धीरे-धीरे वहां बौद्धों की संख्या घटती गयी और मुस्लिमों की संख्या बढती गयी.
आखिरकार म्यांमार की खुफिया एजेंसियों को पता चला कि दरअसल एक साजिश के तहत ऐसा किया जा रहा है. रोहिंग्या के मुस्लिमों को पाक आतंकवादियों द्वारा कट्टरपंथी बनाया गया और म्यांमार को इस्लामिक स्टेट बनाने के प्रयास किये जाने लगे. जैसे कि कश्मीर में किये गए और पंडितों को कत्लेआम करके भगा दिया गया. जैसे बंगाल में किया जा रहा है.
इस्लामिक स्टेट बनाने की थी साजिश !
रोहिंग्या के ये कट्टरपंथी वहां के बौद्धों का बेरहमी से क़त्ल करके उनके मृत शरीर को जमीन में नमक के साथ दफना देते थे, ताकि किसी को उनके बारे में पता ही ना चले और लाश जल्द गल जाए. बताया जा रहा है कि कल म्यांमार की सेना को रोहिंग्या राज्य के पहाड़ी इलाके में कई बौद्धों और उनके बच्चों की लाश मिली, जिन्हे मार कर जमीन में दफना दिया गया था. उनकी लाश को खोदकर निकाल लिया गया. अब आप समझ सकते हैं कि रोहिंग्या कट्टरपंथी कितने खतरनाक होते हैं.
सबसे मजे की बात ये है कि ये कट्टरपंथी व् आतंकवादी वही लोग हैं, जो अपने आतंकियों के मर जलने पर भी दुसरे देशों से उम्मीद करते हैं कि आतंकियों के शरीर का अंतिम संस्कार उनके पारम्परिक तरीके से किया जाए. मानवाधिकार संगठन भी ऐसी दुर्दांत व् खूंखार आतंकियों को मासूम बताकर उनका साथ देने के लिए खड़े हो जाते हैं.
भारत में नो-एंट्री !
म्यांमार खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट देख वहां की सरकार को समझ आ गया कि यदि अब भी चुप बैठे रहे तो यहाँ के बौद्धों को ख़त्म कर दिया जाएगा, संस्कृति समाप्त कर दी जाएगी, अपने देश से भी हाथ धोना पड़ेगा. इसलिए म्यांमार सरकार ने सेना को आदेश दिया और रोहिंग्या राज्य से कट्टरपंथियों को भगा दिया गया. रोहिंग्या राज्य से होने की वजह से इन्हें रोहिंग्या मुस्लिम कहा जा रहा है.
म्यांमार में आतंक मचा चुके इन कट्टरपंथियों की नज़रें अब भारत और बांग्लादेश पर टिक गयी हैं. भारत में इन्हें बॉर्डर पर ही रोक दिया गया है, प्यार से ना मानने पर इनपर गोली चलाने के आदेश भी दिए गए हैं. भारत में अधिकतर लिबरल और कट्टरपंथी मुस्लिम रोहिंग्या कट्टरपंथियों का समर्थन कर रहे हैं, वो चाहते हैं कि रोहिंग्या कट्टरपंथियों को भारत में बसा दिया जाए लेकिन अब रोहिंग्या कट्टरपंथियों की करतूत खुलकर सामने आ रही है.




