म्यांमार छोड़िये,भारत के ही खिलाफ रोहिंग्या की बड़ी साज़िश का हुआ पर्दाफाश,दंग रह गयी ख़ुफ़िया एजेंसी
नई दिल्ली : रोहिंग्या मुस्लिम पर आज कल हर टीवी न्यूज़ चैनल पर जमकर बहस हो रही है. जिसमें 3 से 4 बुद्धिजीवी, वामपंथी और मानवाधिकार वाले चमचे अपने बुक्का फाड़-फाड़ कर रोहिंग्या के मानवाधिकार की बात चीख-चीख कर कहते हुए दिख जायेंगे. यही नहीं कुछ डिज़ाइनर पत्रकार तो खुद इनकी पैरवी कर रहे होंगे. लेकिन यह खबर उन बुद्धिजीवियों को ज़रूर पढ़नी चाहिए जो रोहिंग्या मुस्लिमों के अंगरक्षक बने फिरते हैं. म्यांमार छोड़िये भारत की राजधानी दिल्ली में ही रोहिंग्या का आतंकी कनेक्शन मिल गया.
रोहिंग्या मुस्लमान का का आतंकी कनेक्शन
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बहुत बड़ी खबर आ रही है जिसमें दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को ज़बरदस्त कामयाबी मिली है. दिल्ली पुलिस ने अलकायदा के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है.27 वर्षीय शौमान हक उर्फ़ शमी उर रहमान नाम के इस संदिग्ध को पुलिस ने शकरपुर इलाके में स्थित बस स्टैंड से धर दबोचा है. इसके पास से 9एमएम की कई पिस्टल, ढेर सारे कारतूस, एक लैपटॉप और हज़ारों की विदेशी मुद्रा ज़ब्त की गयी है. लेकिन इसके असल कारनामे सुन आप उछल पड़ेंगे.
यह दिल्ली में पिछले 4 साल से एक्टिव था और रोहिंग्या मुसलमानो का ब्रेनवाश करके उनके दिमाग में कट्टरपंथी विचार भरकर उन्हें आतंकवादी बनाता था. इसने खुद कबूला है कि ये 15 से 20 रोहिंग्या को आतंकवादी बना चुका है. यही है जो रोहिंग्या को म्यांमार सेना के खिलाफ रोहिंग्या फ़ौज तैयार कर रहा था.
सीरिया के आतंकी संगठन ने भेजा है भारत
इसके लिए मणिपुर और मिजोरम में ठिकाने बनाकर आतंकियों को ट्रेनिंग देने के मकसद से पिछले दिनों भारत आया था.पुलिस ने बताया कि संदिग्ध आतंकी के पास से बिहार के किशनगंज का वोटर आईडी कार्ड मिला है और वह ब्रिटिश नागरिक है. कुछ साल पहले यह साउथ अफ्रिका गया था. वहां से सीरिया जाकर उसे आतंकी संगठन ज्वाइन किया था. यह सीरिया में सरकारी सैन्य बलों के विरुद्ध अलकायदा से जुड़े संगठन जभात अल नूसरा के सदस्य के तौर पर लड़ा था. जिसके लिए इसने बकायदा खतरनाक हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली है. वह रोहिंग्या मुसलमानों को बर्गला कर आतंकी बनाता था.
पुलिस ने आगे बताया कि सीरिया में आतंकवादी बनने के बाद ये बांग्लादेश आ गया. जहाँ ये एक बार गिरफ्तार हुआ. पुलिस को इसके पास कई बांग्लादेशी सिम कार्ड भी मिले. बांग्लादेश में जेल से छूटने के बाद इसने अल कायदा के लीडर्स के कहने पर हिंदुस्तान अपने नापाक इरादे लेकर आ गया. यहाँ रहकर यह म्यांमार से लड़ने के लिए रोहिंग्या फ़ौज बनाने लग गया.
सुप्रीम कोर्ट में रख सकेगी मोदी सरकार मज़बूत पक्ष
इससे पहले ये अपनी प्लानिंग को अंजाम दे पाता पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया. यह बहुत बड़ी कामयाबी है. इसके बाद केंद्र में मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष और मज़बूती से रख सकेगी. भारत में पहले ही अवैध 40,000 रोहिंग्या मुसलमान घुस चुके हैं. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार से जवाब माँगा था कि क्यों रोहिंग्या को भारत से निकाला जाय. ये याचिका दो रोहिंग्या शरणार्थियों मोहम्मद सलीमुल्लाह और मोहम्मद शाकिर ने कोर्ट में दायर करी थी जिसमें मोदी सरकार की रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन बताया गया है.
पहली बार जनता के सामने खुलकर आया सच
आपको बता दें कि मोदी सरकार और ख़ुफ़िया एजेंसियां पहले ही रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बता चुकी हैं. साथ ही इनके कनेक्शन ISI और ISIS से बता चुकी हैं. लेकिन यह पहली बार हुआ कि इनका कनेक्शन अल कायदा आतंकी संगठन से खुल कर आम जनता के बीच पहली बार आया है .
इससे पहले ही मोदी सरकार यह भी एडवाइजरी जारी कर चुकी है कि सभी राज्य अपने क्षेत्रों में बसे अवैध रोहिंग्या को देश के बाहर निकाल दें. लेकिन फिर भी मोदी सरकार की सबसे बड़ी विरोधी ममता बनर्जी बंगाल में खुलेआम राष्ट्रहित की सुरक्षा के परखच्चे उड़ाते हुए रोहिंग्या का बंगाल में स्वागत कर रही है.
Source-DDbharti.in
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न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बहुत बड़ी खबर आ रही है जिसमें दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को ज़बरदस्त कामयाबी मिली है. दिल्ली पुलिस ने अलकायदा के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है.27 वर्षीय शौमान हक उर्फ़ शमी उर रहमान नाम के इस संदिग्ध को पुलिस ने शकरपुर इलाके में स्थित बस स्टैंड से धर दबोचा है. इसके पास से 9एमएम की कई पिस्टल, ढेर सारे कारतूस, एक लैपटॉप और हज़ारों की विदेशी मुद्रा ज़ब्त की गयी है. लेकिन इसके असल कारनामे सुन आप उछल पड़ेंगे.
यह दिल्ली में पिछले 4 साल से एक्टिव था और रोहिंग्या मुसलमानो का ब्रेनवाश करके उनके दिमाग में कट्टरपंथी विचार भरकर उन्हें आतंकवादी बनाता था. इसने खुद कबूला है कि ये 15 से 20 रोहिंग्या को आतंकवादी बना चुका है. यही है जो रोहिंग्या को म्यांमार सेना के खिलाफ रोहिंग्या फ़ौज तैयार कर रहा था.
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इसके लिए मणिपुर और मिजोरम में ठिकाने बनाकर आतंकियों को ट्रेनिंग देने के मकसद से पिछले दिनों भारत आया था.पुलिस ने बताया कि संदिग्ध आतंकी के पास से बिहार के किशनगंज का वोटर आईडी कार्ड मिला है और वह ब्रिटिश नागरिक है. कुछ साल पहले यह साउथ अफ्रिका गया था. वहां से सीरिया जाकर उसे आतंकी संगठन ज्वाइन किया था. यह सीरिया में सरकारी सैन्य बलों के विरुद्ध अलकायदा से जुड़े संगठन जभात अल नूसरा के सदस्य के तौर पर लड़ा था. जिसके लिए इसने बकायदा खतरनाक हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली है. वह रोहिंग्या मुसलमानों को बर्गला कर आतंकी बनाता था.
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सुप्रीम कोर्ट में रख सकेगी मोदी सरकार मज़बूत पक्ष
इससे पहले ये अपनी प्लानिंग को अंजाम दे पाता पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया. यह बहुत बड़ी कामयाबी है. इसके बाद केंद्र में मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष और मज़बूती से रख सकेगी. भारत में पहले ही अवैध 40,000 रोहिंग्या मुसलमान घुस चुके हैं. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार से जवाब माँगा था कि क्यों रोहिंग्या को भारत से निकाला जाय. ये याचिका दो रोहिंग्या शरणार्थियों मोहम्मद सलीमुल्लाह और मोहम्मद शाकिर ने कोर्ट में दायर करी थी जिसमें मोदी सरकार की रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन बताया गया है.
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पहली बार जनता के सामने खुलकर आया सच
आपको बता दें कि मोदी सरकार और ख़ुफ़िया एजेंसियां पहले ही रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बता चुकी हैं. साथ ही इनके कनेक्शन ISI और ISIS से बता चुकी हैं. लेकिन यह पहली बार हुआ कि इनका कनेक्शन अल कायदा आतंकी संगठन से खुल कर आम जनता के बीच पहली बार आया है .
इससे पहले ही मोदी सरकार यह भी एडवाइजरी जारी कर चुकी है कि सभी राज्य अपने क्षेत्रों में बसे अवैध रोहिंग्या को देश के बाहर निकाल दें. लेकिन फिर भी मोदी सरकार की सबसे बड़ी विरोधी ममता बनर्जी बंगाल में खुलेआम राष्ट्रहित की सुरक्षा के परखच्चे उड़ाते हुए रोहिंग्या का बंगाल में स्वागत कर रही है.
Source-DDbharti.in




