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    ममता के बंगाल में हुआ बेहद सनसनीखेज खुलासा, खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ मोदी के भी उड़े होश !

    नई दिल्ली : चारों दिशाओं में आजकल रोहिंग्या ही रोहिंग्या सुनाई दे रहा है. मोदी सरकार के 40 हजार रोहिंग्या मुस्लिमों को देश से निकालने के फैसले के खिलाफ भारत में जगह-जगह प्रदर्शन किये जा रहे हैं. मगर यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि आखिर कौन हैं ये रोहिंग्या मुस्लिम और क्यों कोंग्रेसियों और वामपंथियों के लिए ये इतने महत्वपूर्ण हैं?


    ममता के राज में बन रहे हैं रोहिंग्या मुस्लिमों के जन्म प्रमाणपत्र !
    ऐसे प्रदर्शन तब क्यों नहीं किये गए जब कांग्रेस के शासन में लाखों कश्मीरी पंडितों को उनके राज्य से निकाल दिया गया, जब आरएसएस कार्यकर्ताओं को मारा जाता रहा? देश की जनता को इन सवालों के जवाब अभी मिले भी नहीं थे कि तभी एक और बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो देश को तोड़ने की एक बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है.

    क्या आप यकीन करेंगे कि कोलकाता में रोहिंग्या मुस्लिमों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाये जा रहे हैं? ममता के राज में ये गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है. कोलकाता में रोहिंग्यों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाये जाने के रैकेट का तब खुलासा हुआ, जब 20 साल का मोहम्मद इस्माइल नाम के एक शख्स को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया.

    आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और पैन कार्ड भी बरामद !
    केवल जन्म प्रमाण पत्र ही नहीं बल्कि इस अवैध रोहिंग्या घुसपैठिये के पास से पुलिस ने आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और पैन कार्ड भी बरामद किये. इसे तब पकड़ा गया जब वो भारतीय पासपोर्ट बनाकर दुबई जाने की फिराक में था.

    थाने में ले जाकर पुलिस ने जब डंडों से अच्छी तरह खातिरदारी की, तब इसने कबूला कि वो एक अवैध रोहिंग्या मुस्लिम है और वो 2014 में बांग्लादेश से होते हुए भारत आया था. आरोपी ने पुलिस को बताया कि वो पिछले एक साल जून से हैदराबाद के पहाड़ी शरीफ इलाके में रह रहा था.

    कोलकाता की दमदम नगरपालिका से चल रहा जेहादी खेल !
    जेहादी दीदी के नाम से मशहूर ममता के बंगाल में कोलकाता की दमदम नगरपालिका से उसके लिए जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया ताकि वोटबैंक की तरह इस्तमाल किया जा सके. पूरी की पूरी साजिश राजनीति के लिए हो रही है. आरोपी ने कबूल किया कि कोलकाता से वो दिल्ली गया और वहां एक साल तक रहा, इसके बाद कर्नाटक के बेलगाम में शिफ्ट हुआ और फिलहाल हैदराबाद में रह रहा था और यहाँ से भारतीय नागरिक की हैसियत से दुबई जाने की कोशिश कर रहा था.

    आरोपी ने कबूला कि हैदराबाद में इसका मकान मालिक अब्दुल रशीद भी उसके पहचान पत्रों में पतों को बदलने में उसकी मदद कर रहा था. इस सबसे एक बात तो साबित होती है कि ममता सरकार देश की सुरक्षा और अखण्डता के साथ समझौता कर रही है. ये एक बेहद गंभीर सुरक्षा उल्लंघन है और आने वाले समय में देश को काफी भारी पडेगा क्योंकि खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट्स से ये साबित हो चुका है कि रोहिंग्या मुस्लिमों का झुकाव धीरे-धीरे कट्टरपंथी आतंकी संगठनों की ओर और देश विरोधी गतिविधियों की ओर हो रहा है.

    रोहिंग्या के इन मुस्लिमों का जैम तो म्यांमार में हुआ था लेकिन हैरत की बात है कि इनके पास बंगाल के जन्म प्रमाणपत्र हैं. ममता के राज में और क्या-क्या अंधेरगर्दी होने जा रही है?

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