कश्मीर पंडित भगाये गए तो किसी ने आवाज नहीं उठायी, रोहिंग्या भगाए गए तो बवाल: सुभाष चंद्रा
राज्य सभा सदस्य और एस्सेल ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा ने आज रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थियों पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि जब कश्मीर से कश्मीरी पंडित भगाए जा रहे थे तो किसी ने भी इनके समर्थन में आवाज नहीं उठाई, ना तो इनकी चर्चा हुई लेकिन आज म्यांमार से रोहिंग्या मुस्लिम भगाए जा रहे हैं तो लोगों ने बवाल मचा दिया है, हर तरफ सिर्फ इनकी चर्चा हो रही है.
सुभाष चंद्रा ने कहा कि अगर इतनी ही चर्चा कश्मीरी पंडितों के लिए भी हुई होती तो आज उनकी हालत कुछ और होती, उन्हें शिविरों में ना रहना पड़ता.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि म्यांमार से रोहिंग्या समाज के लोगों को भगाया जा रहा है, कई लोग भारत के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं, भारत के कुछ लोग इन्हें शरण ना देने की अपील कर रहे हैं क्योंकि इनके आने से आतंकवाद, जिहाद और अपराध बढ़ सकता है, यही घटना म्यांमार में हुई है और इसीलिए इन्हें वहां से भगाया गया है.
भारत के कुछ लोग इनका समर्थन भी कर रहे हैं और इन्हें भारत में शरण देने की वकालत कर रहे हैं, सभी न्यूज़ चैनलों पर इनकी चर्चा हो रही है. सभी वामपंथी, लिबरल, सेक्युलर, अधिकतर मुस्लिम इनके समर्थन में उतर आये हैं. यही सब देखकर सुभाष चंद्रा ने कहा कि अगर ऐसी ही चर्चा कश्मीरी पंडितों के लिए होती तो आज उनकी हालत इतनी खराब ना होती.
सुभाष चंद्रा ने कहा कि अगर इतनी ही चर्चा कश्मीरी पंडितों के लिए भी हुई होती तो आज उनकी हालत कुछ और होती, उन्हें शिविरों में ना रहना पड़ता.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि म्यांमार से रोहिंग्या समाज के लोगों को भगाया जा रहा है, कई लोग भारत के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं, भारत के कुछ लोग इन्हें शरण ना देने की अपील कर रहे हैं क्योंकि इनके आने से आतंकवाद, जिहाद और अपराध बढ़ सकता है, यही घटना म्यांमार में हुई है और इसीलिए इन्हें वहां से भगाया गया है.
भारत के कुछ लोग इनका समर्थन भी कर रहे हैं और इन्हें भारत में शरण देने की वकालत कर रहे हैं, सभी न्यूज़ चैनलों पर इनकी चर्चा हो रही है. सभी वामपंथी, लिबरल, सेक्युलर, अधिकतर मुस्लिम इनके समर्थन में उतर आये हैं. यही सब देखकर सुभाष चंद्रा ने कहा कि अगर ऐसी ही चर्चा कश्मीरी पंडितों के लिए होती तो आज उनकी हालत इतनी खराब ना होती.




