रोहिंग्या मुस्लिम को शरण दी, उसने लोगों को अर्थी दी, बैंक जलाया, कई लोग जले !
रोहिंग्या मुस्लिम डीएनए से ही बदमाश और आपराधिक प्रवित्ति के होते है
ये लोग शांतिप्रिए बौद्धों के साथ भी नहीं रह सके, ये किसी और के साथ कैसे रह सकते है
खुद को सबसे महान समझते हुए दूसरों को काफिर यानि नीच समझते है
और इसी कारण नफरत इन लोगों के डीएनए का हिस्सा बन जाता है
नुरुल इस्लाम नाम के एक रोहिंग्या मुसलमान ने जो की म्यांमार से है, उसने बैंक को पेट्रोल छिड़क कर आग के हवाले कर दिया क्यूंकि उसे बैंक में अपना काम करवाने के लिए इंतज़ार करना पड़ा जिस से वो बेहद आक्रोशित हो गया
की भला काफिर लोग उसे कैसे इंतज़ार करवा सकते है
इस मुस्लिम का नाम नुरुल इस्लाम है
मामला ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न शहर का है, ऑस्ट्रेलिया ने भी सैंकड़ो रोहिंग्यों को रखा था
मेलबोर्न बैंक में नुरूल इस्लाम अपना कोई काम करवाने गया था, पर इसे वहां इंतज़ार करना पड़ा
फिर क्या था, काफिरों ने मोमिन को कैसे इंतज़ार करवाया
नुरुल इस्लाम गुस्से से भर गया और कहीं से पेट्रोल लाकर फर्श पर गिरा दिया, और फिर आग लगाई
भगदड़ और आतंक मच गया, कई आम लोग जल भी गए
रोहिंग्या को शरण देना बहुत ही भारी पड़ा
Source
ये लोग शांतिप्रिए बौद्धों के साथ भी नहीं रह सके, ये किसी और के साथ कैसे रह सकते है
खुद को सबसे महान समझते हुए दूसरों को काफिर यानि नीच समझते है
और इसी कारण नफरत इन लोगों के डीएनए का हिस्सा बन जाता है
नुरुल इस्लाम नाम के एक रोहिंग्या मुसलमान ने जो की म्यांमार से है, उसने बैंक को पेट्रोल छिड़क कर आग के हवाले कर दिया क्यूंकि उसे बैंक में अपना काम करवाने के लिए इंतज़ार करना पड़ा जिस से वो बेहद आक्रोशित हो गया
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इस मुस्लिम का नाम नुरुल इस्लाम है
मामला ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न शहर का है, ऑस्ट्रेलिया ने भी सैंकड़ो रोहिंग्यों को रखा था
मेलबोर्न बैंक में नुरूल इस्लाम अपना कोई काम करवाने गया था, पर इसे वहां इंतज़ार करना पड़ा
फिर क्या था, काफिरों ने मोमिन को कैसे इंतज़ार करवाया
नुरुल इस्लाम गुस्से से भर गया और कहीं से पेट्रोल लाकर फर्श पर गिरा दिया, और फिर आग लगाई
भगदड़ और आतंक मच गया, कई आम लोग जल भी गए
रोहिंग्या को शरण देना बहुत ही भारी पड़ा
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