भारत को पीछे छोड़ बांग्लादेश ने रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ लिया सबसे बड़ा फैसला, यूएन हैरान
नई दिल्ली : रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर भारत सरकार काफी सख्ती दिखा रही है और किसी भी हाल में इन्हे देश से बाहर करने की बात पर अडिग है. मगर लाखों रोहिंग्या मुस्लिमों शरण दे चुके बांग्लादेश को अब सच का अहसास हो रहा है और उसने भारत से भी ज्यादा सख्त रवैया अपनाते हुए सबको चौंका दिया है.
बांग्लादेश ने लोकल टेलीकॉम्स के फोन बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह प्रतिबंध रोहिंग्या शरणार्थियों को फोन बेचने पर लगाया गया है. मतलब रोहिंग्या मुस्लिम अब बांग्लादेश में फोन नहीं खरीद सकेंगे. इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया है और कहा गया है कि रोहिंग्याओं को बांग्लादेश में अब फोन नहीं मिल सकेगा.
बांग्लादेश के चार लोकल मोबाइल फोन दुकानदारों को सजा के साथ फोन न बेचने की धमकी मिली थी. टेलीकॉम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इनायत हुसैन ने बताया कि शुरू से ही रोहिंग्या मुस्लिमों के सिम कार्ड खरीदने पर रोक लगी थी.
उनके सिम कार्ड खरीदने पर प्रतिबंध है. वहीं जूनियर टेलीकॉम मिनिस्टर तराना हालिम ने बताया कि सुरक्षा कारणों के चलते ये फैसला लिया गया है. गौरतलब है कि बांग्लादेश अपने नागरिकों को भी सिम कार्ड उपलब्ध करवाने के नियमों में काफी सख्त है. बिना आधिकारिक पहचान पत्र के वह अपने नागरिकों को भी सिम कार्ड नहीं देता है.
बांग्लादेश को खुफिया एजेंसियों द्वारा रिपोर्ट मिली है कि काफी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिम पाक आतंकी संगठनों से प्रभावित हैं. पाक एजेंसी के इशारों पर ही म्यांमार में इन लोगों ने आतंक मचाया था. साथ ही हजारों रोहिंग्या मुस्लिम महिलाऐं गर्भवती भी हैं, पाक के इशारों पर ना केवल आतंक बल्कि जनसंख्या जिहाद भी चलाया जा रहा है. इन गर्भवती महिलाओं के पहले से 7 से 10 बच्चे हैं.
इसके चलते बांग्लादेश अब इन्हे परिवार नियोजन किट बाँट रहा है और म्यांमार से इन्हे वापस लेने की गुजारिश कर रहा है. अब तो रोहिंग्याओं को फ़ोन व् सिम कार्ड भी नहीं मिल सकता है. यानी देखा जाए तो भारत से भी ज्यादा सख्ती बांग्लादेश इन शरणार्थियों पर दिखा रहा है.
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बांग्लादेश ने लोकल टेलीकॉम्स के फोन बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह प्रतिबंध रोहिंग्या शरणार्थियों को फोन बेचने पर लगाया गया है. मतलब रोहिंग्या मुस्लिम अब बांग्लादेश में फोन नहीं खरीद सकेंगे. इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया है और कहा गया है कि रोहिंग्याओं को बांग्लादेश में अब फोन नहीं मिल सकेगा.
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बांग्लादेश के चार लोकल मोबाइल फोन दुकानदारों को सजा के साथ फोन न बेचने की धमकी मिली थी. टेलीकॉम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इनायत हुसैन ने बताया कि शुरू से ही रोहिंग्या मुस्लिमों के सिम कार्ड खरीदने पर रोक लगी थी.
उनके सिम कार्ड खरीदने पर प्रतिबंध है. वहीं जूनियर टेलीकॉम मिनिस्टर तराना हालिम ने बताया कि सुरक्षा कारणों के चलते ये फैसला लिया गया है. गौरतलब है कि बांग्लादेश अपने नागरिकों को भी सिम कार्ड उपलब्ध करवाने के नियमों में काफी सख्त है. बिना आधिकारिक पहचान पत्र के वह अपने नागरिकों को भी सिम कार्ड नहीं देता है.
बांग्लादेश को खुफिया एजेंसियों द्वारा रिपोर्ट मिली है कि काफी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिम पाक आतंकी संगठनों से प्रभावित हैं. पाक एजेंसी के इशारों पर ही म्यांमार में इन लोगों ने आतंक मचाया था. साथ ही हजारों रोहिंग्या मुस्लिम महिलाऐं गर्भवती भी हैं, पाक के इशारों पर ना केवल आतंक बल्कि जनसंख्या जिहाद भी चलाया जा रहा है. इन गर्भवती महिलाओं के पहले से 7 से 10 बच्चे हैं.
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