महबूबा मुफ़्ती के बिगड़े बोल! कहा- कश्मीरियों का पूरे भारत पर हक़, पर अन्य भारतीय कश्मीर में.. - Jagran24
9 अगस्त, 2017 – कश्मीर में अब एक नया मोड़ आ चुका है. एक ओर मोदी सरकार जम्मू कश्मीर के लिए तेजी से काम कर रही है, वहीँ दूसरी ओर कुछ जिहादी तत्व कश्मीर के नाम पर हिंसा भड़का रहे हैं.
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती
करोड़ों भारतीय चाहते हैं कि कश्मीर से आर्टिकल 35(A) हटे, कश्मीर में भी लोग घर घरीद सकें, वहां पर अपनी जिन्दगी जी सकें लेकिन कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती को यह रास नहीं आया और वे नहीं चाहतीं कि कश्मीर से आर्टिकल 35(A) हटाया जाय. आए दिन वहां पर भारत के खिलाफ जहर उगला जा रहा है.
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती को यह रास नहीं है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली या अन्य राज्यों का कोई भी निवासी कश्मीर में घर खरीद सके और वहां का परमानेंट निवासी बन सके इसीलिए महबूबा मुफ़्ती ने आर्टिकल 35(A) पर राजनीति तेज कर दी है और वे तरह-तरह के आंदोलनों की धमकियाँ दे रही है.
सर्वोच्च न्यायालय में आर्टिकल 35(A) हटाने को लेकर बहस चल रही है लेकिन महबूबा मुफ़्ती ने इस बहस के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है, महबूबा मुफ़्ती पहले भी कह चुकी हैं कि अगर..
महबूबा मुफ़्ती पहले भी कह चुकी हैं कि अगर कश्मीर से आर्टिकल 35(A) हटाया गया तो कश्मीर में तिरंगे को कोई कांधा देने वाला नहीं रहेगा, मतलब देशद्रोह शुरू हो जाएगा और महबूबा मुफ़्ती भी देशद्रोही बनकर पाकिस्तान का समर्थन करना शुरू कर देंगी, महबूबा मुफ़्ती ने कुछ ही दिन पहले इस तरह की धमकी दी है.
एक बार फिर से महबूबा मुफ़्ती ने कश्मीर में एक रैली में कहा कि अगर आर्टिकल 35(A) हटाया तो इसके भयंकर परिणाम होंगे, इसलिए पहले हमें अपना विशेष अधिकार बचाना है. इसके लिए हम कुछ भी कर सकते हैं.
आपको बता दें कि आर्टिकल 35(A) जम्मू कश्मीर सरकार को विशेष अधिकार देता है जिसके तहत सरकार ही कश्मीर के निवासियों को परमानेंट नागरिकता प्रदान करती है, मतलब जब तक सरकार नहीं चाहेगी कश्मीर से बाहर का व्यक्ति न तो वहां घर खरीद कर रह सकता है और न ही वहां का निवासी ही बन सकता है.
महबूबा मुफ़्ती ने अपने इसी अधिकार को बचाने के लिए आंदोलन करने शुरू कर दिए हैं, अगर आर्टिकल 35(A) हटा दिया गया तो भारत का कोई भी व्यक्ति वहां घर खरीद सकता है और महबूबा सरकार की इजाजत के बिना रह सकता है.
लेकिन महबूबा को यही रास नहीं आया. महबूबा ने आज कहा कि कश्मीर सरकार को यह अधिकार 1947 में मिला था और इसे बचाकर रखना हमारा पहला फर्ज है, मतलब आर्टिकल 35A बचाने के लिए अगर महबूबा मुफ़्ती को अपनी कुर्सी भी गवानी पड़े तो वो गवा सकती है. शायद वे पीछे नहीं हटेंगी और इसके लिए भाजपा से गठबंधन भी तोड़ देंगी.
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती
करोड़ों भारतीय चाहते हैं कि कश्मीर से आर्टिकल 35(A) हटे, कश्मीर में भी लोग घर घरीद सकें, वहां पर अपनी जिन्दगी जी सकें लेकिन कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती को यह रास नहीं आया और वे नहीं चाहतीं कि कश्मीर से आर्टिकल 35(A) हटाया जाय. आए दिन वहां पर भारत के खिलाफ जहर उगला जा रहा है.
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती को यह रास नहीं है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली या अन्य राज्यों का कोई भी निवासी कश्मीर में घर खरीद सके और वहां का परमानेंट निवासी बन सके इसीलिए महबूबा मुफ़्ती ने आर्टिकल 35(A) पर राजनीति तेज कर दी है और वे तरह-तरह के आंदोलनों की धमकियाँ दे रही है.
सर्वोच्च न्यायालय में आर्टिकल 35(A) हटाने को लेकर बहस चल रही है लेकिन महबूबा मुफ़्ती ने इस बहस के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है, महबूबा मुफ़्ती पहले भी कह चुकी हैं कि अगर..
महबूबा मुफ़्ती पहले भी कह चुकी हैं कि अगर कश्मीर से आर्टिकल 35(A) हटाया गया तो कश्मीर में तिरंगे को कोई कांधा देने वाला नहीं रहेगा, मतलब देशद्रोह शुरू हो जाएगा और महबूबा मुफ़्ती भी देशद्रोही बनकर पाकिस्तान का समर्थन करना शुरू कर देंगी, महबूबा मुफ़्ती ने कुछ ही दिन पहले इस तरह की धमकी दी है.
एक बार फिर से महबूबा मुफ़्ती ने कश्मीर में एक रैली में कहा कि अगर आर्टिकल 35(A) हटाया तो इसके भयंकर परिणाम होंगे, इसलिए पहले हमें अपना विशेष अधिकार बचाना है. इसके लिए हम कुछ भी कर सकते हैं.
आपको बता दें कि आर्टिकल 35(A) जम्मू कश्मीर सरकार को विशेष अधिकार देता है जिसके तहत सरकार ही कश्मीर के निवासियों को परमानेंट नागरिकता प्रदान करती है, मतलब जब तक सरकार नहीं चाहेगी कश्मीर से बाहर का व्यक्ति न तो वहां घर खरीद कर रह सकता है और न ही वहां का निवासी ही बन सकता है.
महबूबा मुफ़्ती ने अपने इसी अधिकार को बचाने के लिए आंदोलन करने शुरू कर दिए हैं, अगर आर्टिकल 35(A) हटा दिया गया तो भारत का कोई भी व्यक्ति वहां घर खरीद सकता है और महबूबा सरकार की इजाजत के बिना रह सकता है.
लेकिन महबूबा को यही रास नहीं आया. महबूबा ने आज कहा कि कश्मीर सरकार को यह अधिकार 1947 में मिला था और इसे बचाकर रखना हमारा पहला फर्ज है, मतलब आर्टिकल 35A बचाने के लिए अगर महबूबा मुफ़्ती को अपनी कुर्सी भी गवानी पड़े तो वो गवा सकती है. शायद वे पीछे नहीं हटेंगी और इसके लिए भाजपा से गठबंधन भी तोड़ देंगी.




