बकरीद पर सीएम योगी ने दिया एक और ज़बरदस्त आदेश , अखिलेश समेत मुस्लिम संगठनों के उड़े होश !
सत्ता में आते ही एक के बाद एक फ़ैसले लेने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और अहम आदेश दिया है l आदेश ऐसा है जिसने सूबे के पूर्व सीएम अखिलेश यादव समेत कट्टरपंथियों की नींद उड़ा दी है l मुस्लिम संघठन हैरान हैं और योगी सरकार का ये फ़रमान अब उनकी नींदें उडाये हुआ है l अखिलेश यादव सीएम के इस नए आर्डर से परेशान से हैं तो कट्टरपंथियों को समझ नहीं आ रहा कि आख़िर ऐसा हुआ क्यों ?
सीएम योगी अपने एक के बाद एक ज़बरदस्त फैसले से प्रदेश में साबित कर चुके हैं कि पिछली सरकारों में जो मनमानी चलती थी वो अब नहीं चलेगी l सबसे पहले अवैध बूचड़ खानों पर ताला लगवाया और जिससे प्रदेश में गौ हत्या में ज़बरदस्त गिरावट आयी है l
इसके साथ ही अखिलेश सरकार में गौशालाओं पर खर्च होने वाले रुपयों को गटकने के खुलासे के बाद सीएम योगी ने अनेकों नई गौशालाएं खुलवायीं और उनके रखरखाव का काम सीधा योगी जी के हाथ में हैं l ऐसा ही ज़बरदस्त फैसला अब सीएम योगी ने फिर लिया है जिसके बाद वामपंथियों और कुछ कट्टर मुस्लिम संगठन और देशविरोधी तत्व अपनी छाती कूट लेंगे l
ख़बर है कि 1 सितंबर को होने वाली बकरीद से पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बेहद शानदार फ़ैसला लिया गया है l यहां योगी सरकार ने बकरीद के मौके पर ऊंटों की कुर्बानी पर प्रतिबंध लगा दिया है l जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ऊंटों की खरीद और बिक्री पर कड़ी नजर रखेंगी और ये सुनिश्चित करेंगी कि जिले में इस मौके पर एक भी ऊंट की कुर्बानी न हो सके l
ख़बर है कि डीएम ने सुरक्षा एजेंसियों को राजस्थान से ऊंट खरीदकर यहां बेचने वालों पर नजर रखने के कड़े निर्देश दे दिए हैं l डीएम कौशल राज के मुताबिक़ लखनऊ में ऊंटों की कुर्बानी दिए जाने का कोई इतिहास नहीं है और न ही जिला प्रशासन के रिकॉर्ड में ऊंट की कुर्बानी का जिक्र है l
आपको बता दें कि रेगिस्तान का जहाज कहा जाने वाला ऊंट एक ‘निषिद्ध जानवर’ है और इसकी संख्या लगातार घटती जा रही है, लेकिन कुछ लोग आदमी की खाल में जानवर बन चुके हैं और ऐसे लोग ज़बान के लालच में इतने मरे जा रहे हैं कि उन्हें इस बात से कोई परवाह ही नहीं l लिहाज़ा उत्तर प्रदेश सरकार का यह फ़ैसला बहुत ज़्यादा सराहनीय कहा जा सकता है l हालाँकि कुछ धर्म के ठेकेदार और राजनीति के माहिर खिलाड़ी इसके बाद ज़रूर चीखते हुए सड़कों पर नज़र आ सकते हैं l
गौरतलब है कि साल 2014 में ही घटती ऊंटों की संख्या को देखते हुए ईद-उल-जुहा के मौके पर राजस्थान भाजपा सरकार ने ऊंट की कुर्बानी देने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी l राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे ने ऊंटों के संरक्षण के लिए इसे राज्य पशु घोषित भी कर चुकी है और यही नहीं राजस्थान में ऊंटों को मारने और उनकी तस्करी करने पर 7 साल तक की सजा का कड़ा प्रावधान भी लागू करवा दिया है l
सीएम योगी अपने एक के बाद एक ज़बरदस्त फैसले से प्रदेश में साबित कर चुके हैं कि पिछली सरकारों में जो मनमानी चलती थी वो अब नहीं चलेगी l सबसे पहले अवैध बूचड़ खानों पर ताला लगवाया और जिससे प्रदेश में गौ हत्या में ज़बरदस्त गिरावट आयी है l
इसके साथ ही अखिलेश सरकार में गौशालाओं पर खर्च होने वाले रुपयों को गटकने के खुलासे के बाद सीएम योगी ने अनेकों नई गौशालाएं खुलवायीं और उनके रखरखाव का काम सीधा योगी जी के हाथ में हैं l ऐसा ही ज़बरदस्त फैसला अब सीएम योगी ने फिर लिया है जिसके बाद वामपंथियों और कुछ कट्टर मुस्लिम संगठन और देशविरोधी तत्व अपनी छाती कूट लेंगे l
ख़बर है कि 1 सितंबर को होने वाली बकरीद से पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बेहद शानदार फ़ैसला लिया गया है l यहां योगी सरकार ने बकरीद के मौके पर ऊंटों की कुर्बानी पर प्रतिबंध लगा दिया है l जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ऊंटों की खरीद और बिक्री पर कड़ी नजर रखेंगी और ये सुनिश्चित करेंगी कि जिले में इस मौके पर एक भी ऊंट की कुर्बानी न हो सके l
ख़बर है कि डीएम ने सुरक्षा एजेंसियों को राजस्थान से ऊंट खरीदकर यहां बेचने वालों पर नजर रखने के कड़े निर्देश दे दिए हैं l डीएम कौशल राज के मुताबिक़ लखनऊ में ऊंटों की कुर्बानी दिए जाने का कोई इतिहास नहीं है और न ही जिला प्रशासन के रिकॉर्ड में ऊंट की कुर्बानी का जिक्र है l
आपको बता दें कि रेगिस्तान का जहाज कहा जाने वाला ऊंट एक ‘निषिद्ध जानवर’ है और इसकी संख्या लगातार घटती जा रही है, लेकिन कुछ लोग आदमी की खाल में जानवर बन चुके हैं और ऐसे लोग ज़बान के लालच में इतने मरे जा रहे हैं कि उन्हें इस बात से कोई परवाह ही नहीं l लिहाज़ा उत्तर प्रदेश सरकार का यह फ़ैसला बहुत ज़्यादा सराहनीय कहा जा सकता है l हालाँकि कुछ धर्म के ठेकेदार और राजनीति के माहिर खिलाड़ी इसके बाद ज़रूर चीखते हुए सड़कों पर नज़र आ सकते हैं l
गौरतलब है कि साल 2014 में ही घटती ऊंटों की संख्या को देखते हुए ईद-उल-जुहा के मौके पर राजस्थान भाजपा सरकार ने ऊंट की कुर्बानी देने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी l राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे ने ऊंटों के संरक्षण के लिए इसे राज्य पशु घोषित भी कर चुकी है और यही नहीं राजस्थान में ऊंटों को मारने और उनकी तस्करी करने पर 7 साल तक की सजा का कड़ा प्रावधान भी लागू करवा दिया है l




