गुरमीत राम रहीम के मुस्लिम कनेक्शन का सच आया सामने, मुस्लिम संगठनों के भी उड़े होश !
नई दिल्ली : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बलात्कार का दोषी मानते हुए अदालत ने सजा क्या सुनाई, फ़ौरन मीडिया समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें हिन्दू साधु के रूप में दिखाया जाना शुरू कर दिया. सोशल मीडिया में शांतिप्रिय समुदाय के लोगों ने उनपर व्यंग व् तंज कसने शुरू कर दिए. मगर अब खुलासा हुआ है कि गुरमीत राम रहीम का मुस्लिम समुदाय के साथ भी कनेक्शन था, वो भी काफी गहरा.
गुरमीत ने भले कभी खुलकर राम मंदिर का समर्थन नहीं किया, मगर वो इस्लाम का दिल खोल कर सम्मान करते थे. उनके डेरे में ईद आदि भी सभी मिलजुल कर एक साथ मनाते थे. वो मुस्लिमों को बहुत ज्यादा प्यार करते थे. यही वजह है कि उनके अनुयायियों में मुस्लिम भी शामिल थे जो उनके डेरे को हद से ज्यादा मानते थे. गुरमीत भी समय-समय पर ईद आदि में उन्हें ना सिर्फ बधाई देते थे बल्कि उपहार भी बांटा करते थे.
उन्होंने अपने पूरे जीवन में भले ही हिंदू और सरदारों की भावनाओं को आहात करने वाले एक-आध कार्य किये हों लेकिन मुस्लिमों के खिलाफ कभी एक शब्द तक नहीं कहा. शायद यही वजह है कि जो मुस्लिम वन्देमातरम तक कहने से परहेज करते हैं, वही गुरमीत के दरबार में हाथ जोड़ कर खड़े रहते थे. आप गुरमीत की आधिकारिक वेबसाईट से लिया गया ये चित्र देख सकते हैं, जिसमे गुरमीत के दरबार में लाइन से मुस्लिम समाज के कई लोग हाथ जोड़े खड़े हैं, साथ ही इसमें ये भी लिखा है कि गुरमीत ने एक मुस्लिम अब्दुल सत्तर पुत्र सादिक मोहम्मद जो कुकरावली फतेहाबाद का निवासी है, को उपहार स्वरूप ट्राइसाइकिल भी दी थी.
गुरमीत का मुस्लिमों के प्रति इतना अथाह प्रेम केवल इसलिए था क्योंकि वो उन्हें भी उतना ही प्रेम करते थे और मुस्लिम समाज के हर सुख और दुःख में शामिल होने की कोशिश करते थे. हालांकि उनकी गिरफ्तार के वक़्त शांतिप्रिय समुदाय के लोगों ने, मीडिया ने और कई नेताओं ने उनसे कन्नी काटते हुए उन्हें हिन्दू साधू घोषित कर दिया.
गुरमीत की गिरफ्तारी के बाद कोंग्रेसी नेता भी राजनीतिक रोटियां सेकने में जुट गए और उन्हें बीजेपी से जोड़ कर कीचड उछालना शुरू कर दिया, जबकि सच तो ये है कि कांग्रेस के गुरमीत के साथ सीधे-सीधे सम्बन्ध थे. जाने-माने वकील प्रशांत उमराओ ने खुलासा किया है कि डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम के बेटे जसमीत सिंह की शादी कांग्रेस के बड़े नेता हरमिंदर सिंह जस्सी की बेटी से हुई है, यानी बाबा राम रहीम कांग्रेस नेता हरमिंदर सिंह जस्सी के समधी हैं.
गुरमीत ने भले कभी खुलकर राम मंदिर का समर्थन नहीं किया, मगर वो इस्लाम का दिल खोल कर सम्मान करते थे. उनके डेरे में ईद आदि भी सभी मिलजुल कर एक साथ मनाते थे. वो मुस्लिमों को बहुत ज्यादा प्यार करते थे. यही वजह है कि उनके अनुयायियों में मुस्लिम भी शामिल थे जो उनके डेरे को हद से ज्यादा मानते थे. गुरमीत भी समय-समय पर ईद आदि में उन्हें ना सिर्फ बधाई देते थे बल्कि उपहार भी बांटा करते थे.
उन्होंने अपने पूरे जीवन में भले ही हिंदू और सरदारों की भावनाओं को आहात करने वाले एक-आध कार्य किये हों लेकिन मुस्लिमों के खिलाफ कभी एक शब्द तक नहीं कहा. शायद यही वजह है कि जो मुस्लिम वन्देमातरम तक कहने से परहेज करते हैं, वही गुरमीत के दरबार में हाथ जोड़ कर खड़े रहते थे. आप गुरमीत की आधिकारिक वेबसाईट से लिया गया ये चित्र देख सकते हैं, जिसमे गुरमीत के दरबार में लाइन से मुस्लिम समाज के कई लोग हाथ जोड़े खड़े हैं, साथ ही इसमें ये भी लिखा है कि गुरमीत ने एक मुस्लिम अब्दुल सत्तर पुत्र सादिक मोहम्मद जो कुकरावली फतेहाबाद का निवासी है, को उपहार स्वरूप ट्राइसाइकिल भी दी थी.
गुरमीत का मुस्लिमों के प्रति इतना अथाह प्रेम केवल इसलिए था क्योंकि वो उन्हें भी उतना ही प्रेम करते थे और मुस्लिम समाज के हर सुख और दुःख में शामिल होने की कोशिश करते थे. हालांकि उनकी गिरफ्तार के वक़्त शांतिप्रिय समुदाय के लोगों ने, मीडिया ने और कई नेताओं ने उनसे कन्नी काटते हुए उन्हें हिन्दू साधू घोषित कर दिया.
गुरमीत की गिरफ्तारी के बाद कोंग्रेसी नेता भी राजनीतिक रोटियां सेकने में जुट गए और उन्हें बीजेपी से जोड़ कर कीचड उछालना शुरू कर दिया, जबकि सच तो ये है कि कांग्रेस के गुरमीत के साथ सीधे-सीधे सम्बन्ध थे. जाने-माने वकील प्रशांत उमराओ ने खुलासा किया है कि डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम के बेटे जसमीत सिंह की शादी कांग्रेस के बड़े नेता हरमिंदर सिंह जस्सी की बेटी से हुई है, यानी बाबा राम रहीम कांग्रेस नेता हरमिंदर सिंह जस्सी के समधी हैं.




