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    चीन को जवाब देने के लिए भारतीय-अमेरिकी सेना ने मिलकर उठाया बड़ा कदम, जिनपिंग के छूटे पसीने

    नई दिल्ली : डोकलाम विवाद में तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है. अभी हाल ही में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बयान दिया था कि चीन के साथ डोकलाम विवाद जल्द ही सुलझ जाएगा, लेकिन उसके ठीक बाद चीन की और से बयान दिया गया कि राजनाथ सिंह ग़लतफ़हमी में हैं, जब तक भारतीय सेना पीछे नहीं हटेगी, तब तक विवाद नहीं सुलझेगा. अब खबर आ रही है कि अमेरिका ने भारतीय सेना के साथ मिलकर एक बड़ा फैसला ले लिया है, जिसने चीन की परेशानी बढ़ा दी है.


    भारत और अमेरिकी सेनाएं मिलकर दागेंगी तोपें और बरसाएंगी गोले !
    अमेरिकी सेना, भारतीय सेना के साथ मिलकर ‘युद्ध अभ्यास’ करने जा रही है. इस युद्ध अभ्यास का मकसद है दुश्मनों को ये दिखाना कि क्या होगा अगर भारत और अमेरिका की सेनाएं एक साथ दुश्मन पर टूट पड़ेंगी. ये ‘युद्ध अभ्यास’ अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन के नजदीक ज्वाइंट-बेस लुईस मैक-कोर्ड में 14 से 27 सितबंर के बीच होगा.

    सेना मुख्यालय के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया कि इस युद्ध अभ्यास का मकसद भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाना तो है ही, साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा भी इस युद्ध अभ्यास का अहम चार्टर है. इस युद्ध अभ्यास में भारतीय सेना की सेंटर्ल कमान की एक इंफेंट्री बटालियन और अमेरिकी सेना की पैसेफिक कमांड की पहली कोर की स्ट्राइकर बटालियन हिस्सा लेंगी.


    युद्धाभ्यास की खबर से बढ़ी चीन की बौखलाहट !
    इस युद्ध अभ्यास में दोनों देशों की सेनाएं और उनके कमांडर एक दूसरे के साथ ऑपरेशन करना, मिलजुलकर काम करना, एक दूसरे के हथियारों को चलाना और एक दूसरे के रणकौशल जान सकेंगे. वहीँ इस खबर से चीन के कान खड़े हो गए हैं क्योंकि अमेरिका ने भी चीन के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. अभी हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई चीनी कंपनियों पर प्रतिबन्ध भी लगा दिया है.

    दक्षिण चीन सागर में घुसपैठ और उत्तरी कोरिया की आर्थिक मदद के चलते अमेरिका और चीन के बीच भी तनाव चरम पर है. चीन डोकलाम में सड़क बनाने के फैसले पर भी अड़ा हुआ है और पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा है. वहीँ भारतीय सेना भी डोकलाम में डटी हुई है और भारत सरकार ने भी सेना को पीछे हटाने से इंकार कर दिया है. ऐसे में चीन पहले से ही बौखलाया हुआ है. और अब इस युद्ध अभ्यास ने उसकी बौखलाहट को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है. ऐसे में चीन की नजरें भारत और अमेरिकी सेनाओं के बीच होने वाले इस युद्ध अभ्यास पर जमी हुई हैं.

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