हत्या, रेप, साधुओं को नपुंसक बनाना, 1990 से 2017 तक डेरे से जुड़े ये 11 बड़े विवाद
सिरसा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह का विवादों से पुराना नाता है। 1948 में शाह मस्तान ने डेरा सच्चा सौदा की स्थापना की थी। गुरमीत सिंह ने 1990 में डेरे की गद्दी संभाली थी। साध्वी यौन शोषण के आरोप के अलावा 10 और विवाद उनसे जुड़े हुए हैं। जानिए डेरा चीफ से जुड़े सभी विवाद।
बच्चे की मौत पर पत्रकारों से विवाद
सिरसा के गांव बेगू में साल 1998 में एक बच्चा डेरा की जीप के नीचे आकर बुरी तरह घायल हो गया। इस मामले में ग्रामीणों की डेरा समर्थकों से झड़प हो गई थी। ये घटना जब अखबारों में छपी तो डेरा अनुयायियों पर पत्रकारों को धमकाने का आरोप भी लगा। डेरा की तरफ से लिखित माफी मांगने पर मामला सुलझा था।
गुमनाम चिट्ठी से लगे यौन शोषण के आरोप
सन 2002 के मई महीने में तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के नाम एक गुमनाम चिट्ठी आई। जिसमें चिट्ठी में जिन दो साध्वियों का जिक्र था, वो उस बात के मुताबिक बाबा की प्रताड़ना का शिकार हुई थीं। चिट्ठी में कुरुक्षेत्र के एक सेवादार का जिक्र था, जिसकी बाद में हत्या हो गई थी। चिट्ठी में लिखा गया था कि अगर मैं अपना नाम पता लिखूंगी तो मुझे मार दिया जाएगा। किसी एजेंसी से मामले की जांच करवाई जाए और पता लगाया जाए कि कहां क्या चल रहा है।
CBI कोर्ट में पेशी के लिए डेरे से निकले राम रहीम, काफिले में करीब 150 गाड़ियां
तत्कालीन प्रधानमंत्री ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया। इसके बाद पीएमओ ने सितम्बर 2002 में सीबीआई को इस मामले में जांच के आदेश दिए। सीबीआई ने जब जांच की तो चिट्ठी में लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद सीबीआई ने डेरा प्रमुख के खिलाफ केस दर्ज किया और सीबीआई ने विशेष अदालत में 31 जुलाई 2007 को आरोप पत्र दाखिल किया। उस समय गुरमीत राम रहीम को जमानत मिल गई थी।
पत्रकार की हत्या का आरोप
24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के समाचार पत्र के संपादक रामचन्द्र छत्रपति की घर के बाहर गोलियों से भूनकर दिया। घायल को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 21 नवंबरर 2002 को उसकी मौत हो गई। इस हत्या का आरोप भी डेरा पर लगा। उस समय प्रदेशभर में मीडियाकर्मियों ने धरने दिए।
पेशी से पहले राम रहीम का ट्वीट, कानून का सम्मान करता हूं, कोर्ट जरूर जाऊंगा
इस मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 10 नवंबर 2003 को सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। डेरा की याचिका पर दिसंबर 2003 में जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगाया और फिर नवंबर 2004 में दूसरे पक्ष की सुनवाई के बाद जांच जारी रखने के आदेश दिए। अभी ये मामला सीबीआई अदालत में चल रहा है।
सिखों के गुरु गोबिंद सिंह जैसी वेशभूषा पर विवाद
मई 2007 में डेरामुखी गुरमीत राम रहीम ने पंजाब के बठिंडा में डेरा सलावतपुरा में गुरु गोबिंद सिंह जैसी वेशभूषा पहनी, जिस पर विवाद हो गया। सिखों का कहना था कि वह उनके दसवें गुरु गोबिंद सिंह की वेशभूषा की नकल है। विरोध में बठिंडा में डेरा प्रमुख का पुतला फूंका गया। पंजाब में कई जगहों पर सिख समुदाय और डेरा समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं।
डेरा समर्थक ने चलाई गोली
7 मई 2007 को पंजाब के संगरूर जिले के सुनाम में प्रदर्शन कर रहे सिखों पर एक शख्स ने गोली चला दी गई, जिसका आरोप डेरा प्रेमी पर लगा। गोली लगने की वजह से सिख युवक कोमल सिंह की मौत हो गई थी। इसके बाद सिखों ने डेरा चीफ की गिरफ्तारी के लिए कई जगह प्रदर्शन किए। 18 जून 2007 को बठिंडा की अदालत ने राजेन्द्र सिंह सिद्धू की याचिका पर डेरा प्रमुख के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी कर दिए, लेकिन बाद में इस मामले में भी डेरा चीफ को जमानत मिल गई थी।
रोक के बावजूद की थी नामचर्चा
16 जुलाई 2007 को सिरसा के गांव घुक्कांवाली में प्रशासन की तरफ से रोक के बावजूद डेरा सच्चा सौदा ने नामचर्चा रखी। सिखों ने डेरा प्रमुख के काफिले को काले झंडे दिखाए। इस दौरान दोनों पक्षों में पथराव हो गया। डेरा प्रमुख को नामचर्चा बीच में छोड़कर जाना पड़ा। 24 जुलाई 2007 को गांव मल्लेवाला में नामचर्चा में एक डेरा प्रेमी ने अपनी बंदूक से फायर कर दिया जिसमें तीन पुलिस कर्मियों समेत आठ लोग घायल हो गए थे।
जज को मिला धमकी भरा पत्र
साध्वी यौन शोषण समेत हत्या मामले में सीबीआई ने राम रहीम को मुख्य आरोपी बनाया। 31 जुलाई 2007 को सीबीआई ने हत्या मामले और साध्वी यौन शोषण मामले में जांच पूरी कर न्यायालय में चालान दाखिल किया। डेरा प्रमुख को कोर्ट ने 31 अगस्त तक अदालत में पेश होने के आदेश जारी किए। इस दौरान सीबीआई के विशेष जज को भी धमकी भरा पत्र, जिस कारण उन्हें सुरक्षा मुहैया करानी पड़ी।
डेरा चीफ पर पूर्व मैनेजर की हत्या का आरोप
2010 में डेरा के पूर्व साधु राम कुमार बिश्नोई ने हाईकोर्ट में य
बच्चे की मौत पर पत्रकारों से विवाद
सिरसा के गांव बेगू में साल 1998 में एक बच्चा डेरा की जीप के नीचे आकर बुरी तरह घायल हो गया। इस मामले में ग्रामीणों की डेरा समर्थकों से झड़प हो गई थी। ये घटना जब अखबारों में छपी तो डेरा अनुयायियों पर पत्रकारों को धमकाने का आरोप भी लगा। डेरा की तरफ से लिखित माफी मांगने पर मामला सुलझा था।
गुमनाम चिट्ठी से लगे यौन शोषण के आरोप
सन 2002 के मई महीने में तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के नाम एक गुमनाम चिट्ठी आई। जिसमें चिट्ठी में जिन दो साध्वियों का जिक्र था, वो उस बात के मुताबिक बाबा की प्रताड़ना का शिकार हुई थीं। चिट्ठी में कुरुक्षेत्र के एक सेवादार का जिक्र था, जिसकी बाद में हत्या हो गई थी। चिट्ठी में लिखा गया था कि अगर मैं अपना नाम पता लिखूंगी तो मुझे मार दिया जाएगा। किसी एजेंसी से मामले की जांच करवाई जाए और पता लगाया जाए कि कहां क्या चल रहा है।
CBI कोर्ट में पेशी के लिए डेरे से निकले राम रहीम, काफिले में करीब 150 गाड़ियां
तत्कालीन प्रधानमंत्री ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया। इसके बाद पीएमओ ने सितम्बर 2002 में सीबीआई को इस मामले में जांच के आदेश दिए। सीबीआई ने जब जांच की तो चिट्ठी में लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद सीबीआई ने डेरा प्रमुख के खिलाफ केस दर्ज किया और सीबीआई ने विशेष अदालत में 31 जुलाई 2007 को आरोप पत्र दाखिल किया। उस समय गुरमीत राम रहीम को जमानत मिल गई थी।
पत्रकार की हत्या का आरोप
24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के समाचार पत्र के संपादक रामचन्द्र छत्रपति की घर के बाहर गोलियों से भूनकर दिया। घायल को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 21 नवंबरर 2002 को उसकी मौत हो गई। इस हत्या का आरोप भी डेरा पर लगा। उस समय प्रदेशभर में मीडियाकर्मियों ने धरने दिए।
पेशी से पहले राम रहीम का ट्वीट, कानून का सम्मान करता हूं, कोर्ट जरूर जाऊंगा
इस मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 10 नवंबर 2003 को सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। डेरा की याचिका पर दिसंबर 2003 में जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगाया और फिर नवंबर 2004 में दूसरे पक्ष की सुनवाई के बाद जांच जारी रखने के आदेश दिए। अभी ये मामला सीबीआई अदालत में चल रहा है।
सिखों के गुरु गोबिंद सिंह जैसी वेशभूषा पर विवाद
मई 2007 में डेरामुखी गुरमीत राम रहीम ने पंजाब के बठिंडा में डेरा सलावतपुरा में गुरु गोबिंद सिंह जैसी वेशभूषा पहनी, जिस पर विवाद हो गया। सिखों का कहना था कि वह उनके दसवें गुरु गोबिंद सिंह की वेशभूषा की नकल है। विरोध में बठिंडा में डेरा प्रमुख का पुतला फूंका गया। पंजाब में कई जगहों पर सिख समुदाय और डेरा समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं।
डेरा समर्थक ने चलाई गोली
7 मई 2007 को पंजाब के संगरूर जिले के सुनाम में प्रदर्शन कर रहे सिखों पर एक शख्स ने गोली चला दी गई, जिसका आरोप डेरा प्रेमी पर लगा। गोली लगने की वजह से सिख युवक कोमल सिंह की मौत हो गई थी। इसके बाद सिखों ने डेरा चीफ की गिरफ्तारी के लिए कई जगह प्रदर्शन किए। 18 जून 2007 को बठिंडा की अदालत ने राजेन्द्र सिंह सिद्धू की याचिका पर डेरा प्रमुख के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी कर दिए, लेकिन बाद में इस मामले में भी डेरा चीफ को जमानत मिल गई थी।
रोक के बावजूद की थी नामचर्चा
16 जुलाई 2007 को सिरसा के गांव घुक्कांवाली में प्रशासन की तरफ से रोक के बावजूद डेरा सच्चा सौदा ने नामचर्चा रखी। सिखों ने डेरा प्रमुख के काफिले को काले झंडे दिखाए। इस दौरान दोनों पक्षों में पथराव हो गया। डेरा प्रमुख को नामचर्चा बीच में छोड़कर जाना पड़ा। 24 जुलाई 2007 को गांव मल्लेवाला में नामचर्चा में एक डेरा प्रेमी ने अपनी बंदूक से फायर कर दिया जिसमें तीन पुलिस कर्मियों समेत आठ लोग घायल हो गए थे।
जज को मिला धमकी भरा पत्र
साध्वी यौन शोषण समेत हत्या मामले में सीबीआई ने राम रहीम को मुख्य आरोपी बनाया। 31 जुलाई 2007 को सीबीआई ने हत्या मामले और साध्वी यौन शोषण मामले में जांच पूरी कर न्यायालय में चालान दाखिल किया। डेरा प्रमुख को कोर्ट ने 31 अगस्त तक अदालत में पेश होने के आदेश जारी किए। इस दौरान सीबीआई के विशेष जज को भी धमकी भरा पत्र, जिस कारण उन्हें सुरक्षा मुहैया करानी पड़ी।
डेरा चीफ पर पूर्व मैनेजर की हत्या का आरोप
2010 में डेरा के पूर्व साधु राम कुमार बिश्नोई ने हाईकोर्ट में य




