भारत के पास होगा अब तक का सबसे खतरनाक F-35 फाइटर जेट, चीन के छूटे पसीने
New Delhi: भारत में एफ-16 लड़ाकू विमान बनाने के लिए टाटा ग्रुप के साथ करार कर चुकी अमेरिकी एयरोनॉटिकल कंपनी लॉकहिड मार्टिन भारत को उस ग्रुप में शामिल कर सकती है जो ग्रुप अब तक के सबसे खतरनाक फाइटर जेट एफ-35 लाइटनिंग 2 का विकास कर रहा है।
पहली पीढ़ी का एफ-35 लड़ाकू विमान तैयार किया जा चुका है और फिलहाल अमेरिकी वायुसेना और नौसेना इस विमान का इस्तेमाल कर रहे हैं। सिंगल सीटर यह विमान चंद सेकेंड्स में दुश्मन के इलाके में घुसकर चुपचाप वहां तबाही मचा कर वापिस लौट सकता है। इसे पकड़ने के लिए आज तक कोई भी रडार नहीं बना। अमेरिका के सबसे बड़े रक्षा अनुसंधान में से एक यह विमान अब तक इतिहास का सबसे महंगा लड़ाकू विमान है। एक अकेले विमान की कीमत 110 मिलियन डॉलर (लगभग 110 करोड़ रुपये) है।
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पिछले कई सालों तक जब इस विमान का विकास हो रहा था, तब भारत इसमें शामिल नहीं था। हाल ही में अमेरिका और भारत की करीबी के चलते लॉकहिड मार्टिन अब इस विमान के विकास में भारत को शामिल करने की योजना बना रहा है। यदि भारत इस क्लब में शामिल होता है तो भारत के पास एफ-35 लाइटनिंग के अलावा रूस और भारत द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया जा रहा पांचवी पीढ़ी का सुखोई विमान भी होगा। ये दोनों विमान ऐसे हैं, जिन्हें रडार नहीं पकड़ सकता।
पहली पीढ़ी का एफ-35 लड़ाकू विमान तैयार किया जा चुका है और फिलहाल अमेरिकी वायुसेना और नौसेना इस विमान का इस्तेमाल कर रहे हैं। सिंगल सीटर यह विमान चंद सेकेंड्स में दुश्मन के इलाके में घुसकर चुपचाप वहां तबाही मचा कर वापिस लौट सकता है। इसे पकड़ने के लिए आज तक कोई भी रडार नहीं बना। अमेरिका के सबसे बड़े रक्षा अनुसंधान में से एक यह विमान अब तक इतिहास का सबसे महंगा लड़ाकू विमान है। एक अकेले विमान की कीमत 110 मिलियन डॉलर (लगभग 110 करोड़ रुपये) है।
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इस विमान की सबसे खास बात यह है कि यह फाइटर पूरी तरह स्टेल्थ है, यानी आज इस विमान को ना तो कोई रडार पकड़ सकता है और ना ही इन्फ्रारेड सेंसर। इस विमान में आवाज इतनी कम है कि दुश्मन को जब तक इसकी आहट मिलेगी, तब तक यह विमान तबाही मचाकर लौट जाएगा। अमेरिका फिलहाल एफ-35 की दूसरी पीढ़ी पर काम कर रहा है, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात, आस्ट्रेलिया, इटली, कनाडा, नीदरलैंड, तुर्की, इस्राइल, जापान और अब भारत शामिल होगा।ताजा समाचार पाने के लिए यहां क्लिक कर हमारा फेसबुक पेज लाईक करें
पिछले कई सालों तक जब इस विमान का विकास हो रहा था, तब भारत इसमें शामिल नहीं था। हाल ही में अमेरिका और भारत की करीबी के चलते लॉकहिड मार्टिन अब इस विमान के विकास में भारत को शामिल करने की योजना बना रहा है। यदि भारत इस क्लब में शामिल होता है तो भारत के पास एफ-35 लाइटनिंग के अलावा रूस और भारत द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया जा रहा पांचवी पीढ़ी का सुखोई विमान भी होगा। ये दोनों विमान ऐसे हैं, जिन्हें रडार नहीं पकड़ सकता।
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