"मेड इन जर्मनी" बताकर सेना को सालों तक बेचे गए नकली चाइनीज कलपुर्जे, CBI ने दर्ज की FIR
स्वदेशी बोफोर्स तोप 'धनुष' के लिए सप्लाई हो रहे थे चीन के पुर्जे, CBI ने दर्ज की FIR
इस प्रकरण के संबंध में CBI ने देश की राजधानी दिल्ली में 'सिद्ध सेल्स सिंडीकेट' और 'गन्स कैरिज फैक्ट्री' (GSF) जबलपुर के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ जालसाजी, साजिश और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
साल 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाली बोफोर्स तोपों का स्वदेशी संस्करण धनुष बन रहा है। इसके लिए जो कल पुर्जे मंगाए गए उनमें फर्जीवाड़ा सामने आया है।
CBI का आरोप है कि धनुष के निर्माण के लिए नकली कल पुर्जे की आपूर्ति के लिए GSF अधिकारियों ने साजिश रची।
CBI ने FIR में कहा है...
CBI ने अपनी एफआईआर में कहा है कि GSF के अज्ञात अधिकारियों ने चीन निर्मित वायर रेस रोलर बियरिंग्स की अनुमति दी, जिसकी आपूर्ति दिल्ली स्थित सिद्ध सेल्स सिंडिकेट ने CRB मेड इन जर्मनी पर की। प्राथमिकी में कहा गया है कि 4 रोल बियरिंग्स का ऑर्डर दिया गया था। जिसकी कीमत साल 2013 में 35.38 लाख रुपए थी और यह ऑर्डर सिद्ध सेल्स सिंडिकेट को दी गई।
साल 2014 के अगस्त में ऑर्डर 4 से 6 कर दिया गया जिसेक बाद कुल मूल्य 53.07 लाख रुपए हो गया। मिली जानकारी के अनुसार कंपनी की ओर से 7 अप्रैल, 2014 और 12 अगस्त, 2014 के बीच तीन बार दो-दो बियरिंग्स की आपूर्ति की गई।
बता दें की मोदी सरकार केंद्र में मई 2014 में आयी थी, और सेना को नकली कलपुर्जे अप्रैल और अगस्त 2014 में दी गयी
साफ़ है की मोदी सरकार से पहले जो घोटालेबाज सरकार थी, उसके दौरान इस तरह का धोखा देश और सेना के साथ किया गया, अब मोदी सरकार आयी तो
इस मामले में FIR दर्ज की गयी है
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सेना के प्रयोग के उद्देश्य के बनाई जा रही स्वदेशी बोफोर्स तोपों के लिए चीन में बनाए गए कलपुर्जों को मेड इन जर्मनी बता कर की जा रही थी। इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मामला दर्ज कर लिया।इस प्रकरण के संबंध में CBI ने देश की राजधानी दिल्ली में 'सिद्ध सेल्स सिंडीकेट' और 'गन्स कैरिज फैक्ट्री' (GSF) जबलपुर के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ जालसाजी, साजिश और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
साल 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाली बोफोर्स तोपों का स्वदेशी संस्करण धनुष बन रहा है। इसके लिए जो कल पुर्जे मंगाए गए उनमें फर्जीवाड़ा सामने आया है।
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CBI का आरोप है कि धनुष के निर्माण के लिए नकली कल पुर्जे की आपूर्ति के लिए GSF अधिकारियों ने साजिश रची।
CBI ने FIR में कहा है...
CBI ने अपनी एफआईआर में कहा है कि GSF के अज्ञात अधिकारियों ने चीन निर्मित वायर रेस रोलर बियरिंग्स की अनुमति दी, जिसकी आपूर्ति दिल्ली स्थित सिद्ध सेल्स सिंडिकेट ने CRB मेड इन जर्मनी पर की। प्राथमिकी में कहा गया है कि 4 रोल बियरिंग्स का ऑर्डर दिया गया था। जिसकी कीमत साल 2013 में 35.38 लाख रुपए थी और यह ऑर्डर सिद्ध सेल्स सिंडिकेट को दी गई।
साल 2014 के अगस्त में ऑर्डर 4 से 6 कर दिया गया जिसेक बाद कुल मूल्य 53.07 लाख रुपए हो गया। मिली जानकारी के अनुसार कंपनी की ओर से 7 अप्रैल, 2014 और 12 अगस्त, 2014 के बीच तीन बार दो-दो बियरिंग्स की आपूर्ति की गई।
बता दें की मोदी सरकार केंद्र में मई 2014 में आयी थी, और सेना को नकली कलपुर्जे अप्रैल और अगस्त 2014 में दी गयी
साफ़ है की मोदी सरकार से पहले जो घोटालेबाज सरकार थी, उसके दौरान इस तरह का धोखा देश और सेना के साथ किया गया, अब मोदी सरकार आयी तो
इस मामले में FIR दर्ज की गयी है
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