बड़ी खबर, मुलायम सिंह यादव बनेंगे बिहार के राज्यपाल! बीजेपी में शामिल होने के बाद ?
नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा): एक बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक और फिलहाल संरक्षक मुलायम सिंह यादव बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
इसी के बाद से सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि मुलायम सिंह अपने बेटे को सबक सिखाने के लिए बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। ये भी कहा जा रहा है कि बीजेपी राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन का ईनाम मुलायम सिंह को बिहार का राज्यपाल बना कर दे सकती है। बता दें कि रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति बनने से पहले बिहार के राज्यपाल हुआ करते थे। उनके बाद से ये पद खाली है। ऐसे में इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि मुलायम सिंह को बिहार का राज्यपाल भी बनाया जा सकता है।
हालांकि ये सारी खबरें सोशल मीडिया के हवाले से हैं। इन खबरों में सच्चाई कम और हवाबाजी ज्यादा है। मुलायम सिंह के कद का कोई नेता अपने राजनीतिक जीवन के आखिरी पड़ाव में इस तरह का फैसला करेगा ये सोचना भी कल्पना से परे है। मुलायम सिंह अगर बीजेपी में आते हैं तो उनका सियासी जीवन खत्म हो जाएगा। भले अखिलेस ने उनके साथ जो किया हो लेकिन एक बाप कभी भी अपने ही बेटे से बदला लेने के लिए इतना बड़ा कदम नहीं उठा सकते हैं। हालांकि सियासत में कुछ भी संभव है। किसे पता था कि 27 साल यूपी बेहाल का नारा देने वाली कांग्रेस चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के गठबंधन कर लेगी। कुल मिलाकर ये सोशल मीडिया की हवाबाजी है। इस पर यकीन करने की कोई जरूरत नहीं है।
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ये खबर सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रही है। कल्पना से परे इस खबर का सोर्स सोशल मीडिया है। दरअसल राष्ट्रपति पद के चुनाव में मुलायम सिंह ने बीजेपी के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन किया था। शिवपाल यादव ने खुल कर सपा विधायकों से कहा था कि वो कोविंद का समर्थन करें। जबकि अध्यक्ष अखिलेश यादव मीरा कुमार का समर्थन कर रहे थे। चुनाव के दौरान सपा विधायकों ने जमकर क्रॉस वोटिंग की। जिसका परिणाम ये हुआ कि अखिलेश को जलील होना पड़ा।इसी के बाद से सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि मुलायम सिंह अपने बेटे को सबक सिखाने के लिए बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। ये भी कहा जा रहा है कि बीजेपी राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन का ईनाम मुलायम सिंह को बिहार का राज्यपाल बना कर दे सकती है। बता दें कि रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति बनने से पहले बिहार के राज्यपाल हुआ करते थे। उनके बाद से ये पद खाली है। ऐसे में इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि मुलायम सिंह को बिहार का राज्यपाल भी बनाया जा सकता है।
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इन सबके अलावा मुलायम के बीजेपी में जाने का एक कारण अखिलेश यादव खुद हैं। जिस तरह से यूपी चुनाव से ठीक पहले अखिलेश यादव ने अपने पिता को उनकी ही पार्टी से बेदखल कर दिया उसका बदला वो लेना चाहते हैं। इसके लिए वो बीजेपी में शामिल हो कर समाजवादी पार्टी की बुनियाद हिला देना चाहते हैं। अगर ऐसा हो गया तो अखिलेश यादव का समाजवाद खत्म हो जाएगा। मुलायम के बीजेपी में जाने के बाद कई विधायक और नेता उनके साथ हो लेंगे। ये अखिलेश के लिए राजनीति मौत की तरह होगा। सोशल मीडिया पर तो ये भी कहा जा रहा है कि शिवपाल भी अपने भाई के साथ साथ बीजेपी में शामिल होंगे।हालांकि ये सारी खबरें सोशल मीडिया के हवाले से हैं। इन खबरों में सच्चाई कम और हवाबाजी ज्यादा है। मुलायम सिंह के कद का कोई नेता अपने राजनीतिक जीवन के आखिरी पड़ाव में इस तरह का फैसला करेगा ये सोचना भी कल्पना से परे है। मुलायम सिंह अगर बीजेपी में आते हैं तो उनका सियासी जीवन खत्म हो जाएगा। भले अखिलेस ने उनके साथ जो किया हो लेकिन एक बाप कभी भी अपने ही बेटे से बदला लेने के लिए इतना बड़ा कदम नहीं उठा सकते हैं। हालांकि सियासत में कुछ भी संभव है। किसे पता था कि 27 साल यूपी बेहाल का नारा देने वाली कांग्रेस चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के गठबंधन कर लेगी। कुल मिलाकर ये सोशल मीडिया की हवाबाजी है। इस पर यकीन करने की कोई जरूरत नहीं है।
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