अभी-अभी : जवानों ने जिंदा पकड़ा कश्मीर का लश्कर आतंकी
सुरक्षाबलों ने अपने उत्तरी कश्मीर के बांडीपोर में में अपने आतंकरोधी अभियान को जारी रखते हुए शुक्रवार को तड़के लश्कर ए तोएबा के एक स्थानीय आतंकी को जिंदा दबोच लिया। पकडे गए आतंकी की पहचान शहबाज मीर पुत्र गुलाम रसूल मीर के रूप में हुई है। वह मीर मोहल्ला हाजिन का रहने वाला है। उसके पास से एक पिस्तौल, चार ग्रेनेड और एक कमांडो चाकू भी मिला है।
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शहबाज मीर को सुरक्षाबलों ने पोशवारी इलाके में स्थित उसके एक ठिकाने पर छापे के दौरान पकड़ा है। फिलहाल,उससे पूछताछ जारी है। जम्मू कश्मीर में लगभग 260 आतंकी सक्रिय हैं। इनमें आधे से ज्यादा पाकिस्तानी ही हैं। अलबत्ता, बीते दो वर्षो के दौरान 120 स्थानीय युवकों ने आतंकवाद का दामन थामा है।
संबंधित अधिकारियों ने बताया कि राज्य में सक्रिय आतंकियों की संख्या लगातार घटती और बढ़ती रहती है। इस समय पूरी रियासत में 260 के आसपास आतंकी सक्रिय हैं। 150 विदेशी आतंकी हैं।
इस साल अब तक 32 लड़कों के आतंकी संगठनों में शामिल होने की सूचना है। कुछ लड़कों ने आतंकवाद से तौबा करते हुए सुरक्षाबलों के समक्ष सरेंडर भी किया है। तीन दर्जन स्थानीय आतंकी विभिन्न मुठभेड़ों के दौरान मारे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार आतंकी संगठनों में कभी भी स्थानीय युवकों की भर्ती बंद नहीं हुई है।
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शहबाज मीर को सुरक्षाबलों ने पोशवारी इलाके में स्थित उसके एक ठिकाने पर छापे के दौरान पकड़ा है। फिलहाल,उससे पूछताछ जारी है। जम्मू कश्मीर में लगभग 260 आतंकी सक्रिय हैं। इनमें आधे से ज्यादा पाकिस्तानी ही हैं। अलबत्ता, बीते दो वर्षो के दौरान 120 स्थानीय युवकों ने आतंकवाद का दामन थामा है।
संबंधित अधिकारियों ने बताया कि राज्य में सक्रिय आतंकियों की संख्या लगातार घटती और बढ़ती रहती है। इस समय पूरी रियासत में 260 के आसपास आतंकी सक्रिय हैं। 150 विदेशी आतंकी हैं।
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वर्ष 2016 के अंत तक या फिर इस साल की शुरुआत तक स्थानीय आतंकियों की संख्या ज्यादा थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से 88 लड़कों ने आतंकवाद का रास्ता चुना था।इस साल अब तक 32 लड़कों के आतंकी संगठनों में शामिल होने की सूचना है। कुछ लड़कों ने आतंकवाद से तौबा करते हुए सुरक्षाबलों के समक्ष सरेंडर भी किया है। तीन दर्जन स्थानीय आतंकी विभिन्न मुठभेड़ों के दौरान मारे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार आतंकी संगठनों में कभी भी स्थानीय युवकों की भर्ती बंद नहीं हुई है।
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