हो गया खुलासा, इसलिए चुपके से चीनी दूत से मिले थे राहुल गाँधी, शुरू हो गयी खतरनाक साजिश
इसी महीनें 8 जुलाई को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने चुपके से चीनी दूत से मुलाक़ात की थी, उन्होंने इस मुलाक़ात के बारे में किसी को नहीं बताया और इसे बहुत ही गुप्त रखा, उनके साथ उनके जीजा रॉबर्ट वाड्रा और बहन प्रियंका गाँधी भी गयी थीं जिसका खुलासा कुछ दिनों पहले हुआ था. ये सभी लोग चुपचाप चीनी राजदूत से मिले थे, जब इनकी मुलाकात की खबर मीडिया को लग गयी तो पहले इन्होने खबर को झूठा बताया लेकिन बाद में मान लिया कि राहुल ने चीनी दूत से मुलाकात की थी.
पहले तो राहुल गाँधी ने कहा था कि वे क्रिटिकल मामलों की जानकारी लेने के लिए चीनी दूत से मिले थे और उनका हक भी बनता है कि सभी मामलों की उन्हें जानकारी हो. लेकिन अब इस बात का खुलासा हो गया है कि राहुल गाँधी किस मकसद से चीनी राजदूत से मिलने गए थे और उन्होंने चीन को क्या सन्देश दिया और दोनों ने मिलकर किस साजिश की शुरुआत की.
दरअसल राहुल गाँधी हिन्दू राष्ट्रवाद के खिलाफ अभियान चलाने के लिए चीन से मदद मांगने गए थे और चीन ने उनकी बात मान भी ली है, आज चाइना के अख़बारों में लिखा है कि भारत और चीन के बीच तनातनी का कारण भारत में हिन्दू राष्ट्रवाद है.
अब मान लो चीन की बात मानकर कुछ लोग हिन्दुओं को यह बोलन शुरू कर दें कि तुम्हारे हिंदी राष्ट्रवाद की आवजाह से ही चीन और भारत में झगड़ा हो रहा है, इसके बाद हिन्दू लोग भी उनका विरोध करेंगे और दोनों में लड़ाई बाज जाएगी, चीन यही चाहता है और राहुल गाँधी भी यही चाहते हैं. अगर चीन और राहुल गाँधी की चाल कामयाब हो गयी तो हिन्दुओं और गैर-हिन्दुओं के बीच हिन्दू राष्ट्रवाद को लेकर गृह युद्ध छिड़ जाएगा, इसके बाद चीन को हमपर हमला करनी की जरूरत नहीं पड़ेगी, हम खुद ही लड़कर मर जाएंगे और कांग्रेस इसे मोदी के खिलाफ 2019 में मुद्दा बनाएगी और हो सकता है कि राहुल गाँधी चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री भी बन जाएं. वाकई में राहुल गाँधी के पास बहुत जबरजस्त दिमाग है.
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पहले तो राहुल गाँधी ने कहा था कि वे क्रिटिकल मामलों की जानकारी लेने के लिए चीनी दूत से मिले थे और उनका हक भी बनता है कि सभी मामलों की उन्हें जानकारी हो. लेकिन अब इस बात का खुलासा हो गया है कि राहुल गाँधी किस मकसद से चीनी राजदूत से मिलने गए थे और उन्होंने चीन को क्या सन्देश दिया और दोनों ने मिलकर किस साजिश की शुरुआत की.
दरअसल राहुल गाँधी हिन्दू राष्ट्रवाद के खिलाफ अभियान चलाने के लिए चीन से मदद मांगने गए थे और चीन ने उनकी बात मान भी ली है, आज चाइना के अख़बारों में लिखा है कि भारत और चीन के बीच तनातनी का कारण भारत में हिन्दू राष्ट्रवाद है.
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चीन ने ऐसा इसलिए कहा है ताकि भारत में हिन्दू राष्ट्रवाद का विरोध शुरू हो जाए, गैर हिन्दू लोग हिन्दुओं को आतंकी बोलकर अपमानित करना शुरू कर दें, देश-विरोधी लोगों को बल मिले और भारत में गृह युद्ध छिड़ जाए ताकि 2019 में कांग्रेस को राजनीतिक लाभ मिले.अब मान लो चीन की बात मानकर कुछ लोग हिन्दुओं को यह बोलन शुरू कर दें कि तुम्हारे हिंदी राष्ट्रवाद की आवजाह से ही चीन और भारत में झगड़ा हो रहा है, इसके बाद हिन्दू लोग भी उनका विरोध करेंगे और दोनों में लड़ाई बाज जाएगी, चीन यही चाहता है और राहुल गाँधी भी यही चाहते हैं. अगर चीन और राहुल गाँधी की चाल कामयाब हो गयी तो हिन्दुओं और गैर-हिन्दुओं के बीच हिन्दू राष्ट्रवाद को लेकर गृह युद्ध छिड़ जाएगा, इसके बाद चीन को हमपर हमला करनी की जरूरत नहीं पड़ेगी, हम खुद ही लड़कर मर जाएंगे और कांग्रेस इसे मोदी के खिलाफ 2019 में मुद्दा बनाएगी और हो सकता है कि राहुल गाँधी चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री भी बन जाएं. वाकई में राहुल गाँधी के पास बहुत जबरजस्त दिमाग है.
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