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    चीन की तबाही के लिए इजराइल ने निकाला ब्रह्मास्त्र, महाभयंकर हथियार देख चीनी एयरफोर्स में हड़कंप

    नई दिल्ली : सिक्किम में डोकलाम इलाके को लेकर भारत-चीन के बीच विवाद का नतीजा अब तय हो चुका है. या तो चीन हार मानकर चुपचाप पीछे भाग जाएगा, या फिर इस बार चीन के एक बड़ी तबाही को झेलना पडेगा. चीन का इलाज करने के लिए इजराइल से एक जबरदस्त खबर आ रही है, जिससे पाकिस्तान और चीन की हालत खराब हो गयी है.

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    इजराइल से आया चीन की तबाही का सामान
    जी हाँ अब यदि चीन ने भारत पर हमला करने की भूल की तो भारतीय सेना ऐसी तबाही मचाएगी, जो चीन को कई दशकों तक याद रहेगी. पीएम मोदी के इजराइल दौरे के दौरान हुए सैन्य सौदे के तहत इजराइल से मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम भारतीय सेना को मिल गया है. आइये जानते हैं की आखिर ऐसी क्या ख़ास बात है इजराइल के इस मिसाइल सिस्टम में, जिसके सामने दुनिया के धुरंधर देश तक नहीं टिक सकते.

    मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम दुश्मनों द्वारा किये जा रहे किसी भी हवाई हमले को ध्वस्त करता हुआ अपनी सेना को आगे बढ़कर हमला बोलने का रास्ता साफ कर देता है. चाहे हमला ड्रोन से हो या मिसाइल से या फिर लड़ाकू विमानों के जरिये हो, इस सिस्टम के सामने सब बेअसर हो जाते हैं. दुश्मन की एयर फाॅर्स इस सिस्ट के सामने लाचार हो जाती है.

    इस मिसाइस सिस्टम की एक और ख़ास बात ये भी है कि एक ही वक़्त में ये एक साथ दुश्मन के कई सारे निशानों को तबाह कर सकता है. ऐसा एक मिसाइल भी दुश्मन के कई हवाई हमलों के लिए काफी है.

    बता दें की भारत और इजराइल के बीच 17 हजार करोड़ रुपये के इस सैन्य सौदे पर पीएम मोदी की इजराइल यात्रा के दौरान साइन हुए थे और अब भारतीय सेना के एक रेजिमेंट में इसकी तैनाती भी तय हो चुकी है. अभी चार अन्य रेजीमेंट्स की तैनाती और होगी.

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    जमीन से उड़ा देंगे चीनी वायुसेना को
    पाकिस्तान और चीन की चिंता का सबसे बड़ा कारण ये भी है कि इजराइल के सहयोग से इस मिसाइल को भारत में ही बनाया जाएगा. इस मिसाइल सिस्टम से तीनों सेनाओँ की ताकत कई गुना तक बढ़ जायेगी. भारतीय सेना के लिए एक और अच्छी खबर ये है कि इजराइल से सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल भी सेना को मिलने जा रही है.

    इसके लिए भी इजराइल के साथ समझौता हो चुका है और इस मिसाइल का निर्माण इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज यानी IAI के सहयोग से डीआरडीओ भारत में ही कर रहा है. चीन की अक्ल ठिकाने लगाने के लिए पीएम मोदी की इजरायल यात्रा के तुरंत बाद इस प्रॉजेक्ट को शुरू किया गया है.

    ये प्रॉजेक्ट मेक इन इंडिया के लिए भी काफी अहम है, क्योंकि मिसाइल सिस्टम के ज्यादातर उपकरण भारत में ही बनाये जा रहे हैं. इस प्रोजेक्ट में भारत के डिफेंस पीएसयू और प्राइवेट इंडस्ट्री को भी हिस्सा लेने का मौका मील रहा है. इजराइल की सरकारी कंपनी IAI के मुताबिक़ इस मिसाइल सिस्टम के लिए भारत ने उसके साथ 1.6 अरब डॉलर यानी लगभग 10298 करोड़ रुपये की सैन्य डील की है.

    बताया जा रहा है कि मरसम मिसाइल सिस्टम दुश्मन के बैलिस्टिक मिसाइल, विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, सर्विलांस विमान और अवाक्स विमान को 50 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी पर ही मार गिरायेगा. इजराइल के इन महाविनाशक हथियारों का कोई तोड़ चीन के पास नहीं है.

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