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    भारत की जनता चाहे तो नाक रगड़ेगा चीन, भारतीयों अपनी ताकत पहचानो : बाबा रामदेव

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    चीन को नाकों चने चबवाने के लिए बाबा रामदेव ने सुझाया ये नुस्खा…

    भारत और चीन (India and China) के बीच डोकलाम मुद्दे पर पिछले एक महीने से तनातनी चल रही है. चीन बार-बार भारत को डोकलाम (Dokalm) से अपनी सेना हटाने को कह रहा है. भारत भी अपने रुख पर कायम है. ऐसा पहली बार नहीं है कि भारत और चीन के बीच तनाव हुआ है.

    इसी तनाव के बीच अब योग गुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) ने एक उपाय बताया है. रामदेव का दावा है कि अगर वह उपाय किया गया तो चीन नाक रगड़ने पर मजबूर हो जाएगा.

    बाबा रामदेव ने सरकार को सलाह…

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    बाबा रामदेव ने सरकार को सलाह दी है कि भारत चीन के खिलाफ अपने बाजार को हथियार बनाए. योग गुरु ने कहा कि अगर भारत सभी चीनी प्रोडक्ट का बहिष्कार कर दे तो चीन कुछ दिनों में भारत के सामने नाक रगड़ने पर मजबूर हो जाएगा.


    ऐसा नहीं है कि चीनी प्रॉडक्ट्स का बहिष्कार का आह्वान करने वाले रामदेव पहले शख्स हैं. रामदेव का दावा है कि ऐसा हुआ तो चीन निश्चित तौर पर अपने कदम पीछे खींच लेगा. ऐसा नहीं है कि चीनी प्रॉडक्ट्स का बहिष्कार का आह्वान करने वाले रामदेव पहले शख्स हैं.

    पाकिस्तान से चीन की नजदीकियां और चीन के साथ हमारी तनातनी के बीच अक्सर कई संगठन चीनी सामान के बहिष्कार के लिए मुहिम चलाते दिखते हैं. हालांकि यह कहा जा सकता है कि बाबा रामदेव जैसे मशहूर लोगों की तरफ से खुल कर ऐसी टिप्पणी कम ही देखने को मिली. गौरतबल है कि इस चीन के सबसे बड़े व्यावसायिक साझेदारों में से भारत एक है.  चीन की अर्थव्‍यवस्‍था का बहुत बड़ा हिस्‍सा भारत को किए गए निर्यात पर निर्भर करता है.
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    क्या है डोकलाम विवाद?

    साल 2016 में चीन ने भारत को 58.33 बिलियन डॉलर का सामान निर्यात किया था, जबकि भारत की तरफ से चीन को निर्यात किए जाने वाले सामान की कीमत महज 11.76 बिलियन डॉलर थी. इस तरह चीन की तरफ से भारत ने पांच गुनी कीमत का माल आयात किया. दोनों देशों के बीच सिक्किम क्षेत्र में बढ़ते तनातनी का मुख्‍य वजह भारतीय जमीन के उस टुकड़े को माना जा रहा है जिसे ‘चिकन नेक’ के नाम से जाना जाता है.

    चीन, भारत को इस क्षेत्र में घेरना चाहता है इसलिए वह सिक्किम-भूटान और तिब्‍बत के मिलन बिंदु स्‍थल (डोका ला) तक एक सड़क का निर्माण करने की कोशिश कर रहा है जिस पर भारत को आपत्ति है. इस सड़क का निर्माण वह भूटान के डोकलाम पठार में कर रहा है.

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