फारूख अब्दुल्ला का बड़ा खुलासा, मनमोहन सरकार से अलगाववादियों को मिलता था मोटा पैसा
New Delhi : जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने ऐसा बयान दिया जिससे कांग्रेस पर सवाल उठने लग गए है।
फारूक अब्दुल्ला ने हुर्रियत नेताओं को मिलने वाली फंडिंग को लेकर खुलासा किया है। फारुख अब्दुल्ला ने कहा, ‘नाम नहीं लूंगा, लेकिन केंद्र सरकारों से भी हुर्रियत को फंड मिलता रहा है। इस पर पूर्व रॉ चीफ की किताब पढ़िए। आतंक तब तक नहीं रुकेगा जब तक भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का रास्ता नहीं खुलेगा।‘
फारुख ने कहा, ‘जरूरी नहीं है कि पीएम पाक से बात करें। संसदीय प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहिए। मनमोहन सिंह और मुलायम सिंह जैसे लोगों को जाना चाहिए।‘
बता दें कि टेरर फंडिंग केस के मामले में सोमवार (24 जुलाई) को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सात अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया है। इन पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए विदेशों से फंड जुटाने और उन्हें यहां आतंकियों तक पहुंचाने का आरोप है।
फारूक अब्दुल्ला ने हुर्रियत नेताओं को मिलने वाली फंडिंग को लेकर खुलासा किया है। फारुख अब्दुल्ला ने कहा, ‘नाम नहीं लूंगा, लेकिन केंद्र सरकारों से भी हुर्रियत को फंड मिलता रहा है। इस पर पूर्व रॉ चीफ की किताब पढ़िए। आतंक तब तक नहीं रुकेगा जब तक भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का रास्ता नहीं खुलेगा।‘
फारुख ने कहा, ‘जरूरी नहीं है कि पीएम पाक से बात करें। संसदीय प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहिए। मनमोहन सिंह और मुलायम सिंह जैसे लोगों को जाना चाहिए।‘
बता दें कि टेरर फंडिंग केस के मामले में सोमवार (24 जुलाई) को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सात अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया है। इन पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए विदेशों से फंड जुटाने और उन्हें यहां आतंकियों तक पहुंचाने का आरोप है।




