सपा से आयी यह खबर पढ़कर आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी, गुस्से से भड़क उठे मोदी
जज एमवी मुरलीधरन ने सुनवाई के दौरान कहा कि देश के हर एक नागरिक के लिए राष्ट्रभक्ति जरूरी है. देश के हर नागरिक को समझना चाहिए कि देश मातृभूमि होती है. इसकी आजादी के लिए कई क्रांतिकारियों और जवानों और अनेक परिवारों ने अपने जान की कुर्बानी दी है. लेकिन अब इसे कई देशविरोधियों ने विवाद बना दिया है.
वन्देमातरम को लेकर अबु आजमी ने कह दी ऐसी बात
जैसे ही भाजपा के महाराष्ट्र से विधायक राज पुरोहित ने घोषणा करी कि वह राष्ट्रीय गीत गाना अनिवार्य करने को लेकर राज्य सरकार से नया कानून लाने के लिए कहेंगे. पुरोहित ने पत्रकारों से कहा “मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अनुरोध करूंगा कि महाराष्ट्र को मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में वंदे मातरम गाना अनिवार्य करने वाले फैसले को महाराष्ट्र में भी अपनाया जाए.”. लेकिन इस फैसले का विरोध करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू असीम आजमी ने कहा कि “हम वन्देमातरम का सम्मान करते हैं, लेकिन आप हमें गोली मार दें या देश से बाहर निकाल के फेंक दे लेकिन हम इसे गाएंगे नहीं”.
तो वहीँ अब सपा पार्टी के साथ ओवैसी की एआईएमआईएम के विधायक के भी सुर से सुर मिलाने लगे हैं. ऑल इंडिया मजलिस-ए-मुसलिमीन के विधायक वारिस पठान ने विरोध करते हुए कहा है कि “उनके सिर पर बंदूक रख दी जाए या गले पर चाकू रख दिया जाए, फिर भी वह वंदे मातरम नहीं गाएंगे”.
बड़े दुःख की बात है की ऐसे लोग रहते हिन्दुस्तान में हैं , खाते भी हिन्दुस्तान में हैं लेकिन गाते पाकिस्तान का हैं. जिस देश में रहते हैं उसे देश के लिए देशभक्ति दिखाने में शर्म आती है इन्हे. इन दोनों ही नेताओं ने कहा कि उन्हें यह गीत गाकर कोई उनकी ‘देशभक्ति’ साबित करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और कोई भी सच्चा मुसलमान इसे नहीं गाएगा, क्योंकि इस्लाम में इसकी इजाजत नहीं है. विवाद को और बढ़ावा देते हुए शिव सेना के नेता और परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने आजमी और पठान को ‘देशद्रोही’ कह डाला.
रावत ने कहा कि “ऐसे लोग देशद्रोही होते हैं, देश को तोड़ने कि बात करते हैं,वंदे मातरम से देशप्रेम झलकता है और हमारे सैनिक इस देश के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर देते हैं. अगर इन घटिया लोगों को इतनी शर्म आती है और राष्ट्रीय गीत नहीं गाना चाहते तो बेहतर होगा कि वे पाकिस्तान चले जाएं.”




