Header Ads

  • Breaking News

    कश्मीर में 980 अलागाववादियों की लिस्ट तैयार, गिरफ्तार नहीं करेगी सीधे गोली मारेगी सेना

    New Delhi :
    loading...
     कश्मीर में हिंसा का दौर जारी है। अब हिंसा से निपटने के लिए सुरक्षा और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने ऐसे 980 नामों की लिस्ट तैयार की है, जिन्हें हिंसा 'भड़काने वाले' बताया गया है।



    इन लोगों को जम्मू और कश्मीर पुलिस पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत हिरासत में ले सकती है। ये लोग खुद को कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) से जुड़ा बताते हैं।

    इन उपद्रवियों की पहचान पत्थर फेंकने वाले कुछ लोगों की गिरफ्तारी से हुई है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि ये लोग न केवल युवाओं को उकसाते हैं, बल्कि पत्थर फेंकने के लिए पैसा भी देते हैं।

    गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने  एक रिव्यू मीटिंग में सुरक्षा एजेंसियों से इन लोगों से सख्ती से निपटने के लिए कहा था। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने  बताया कि इस तरह के तत्वों पर पुलिस जल्द शिकंजा कस सकती है।

    loading...


    केंद्र ने राज्य सरकार को सलाह दी है कि वह अलगाववादी नेताओं को मंगलवार को ईदगाह तक मार्च करने की इजाजत न दे। हालांकि, अंतिम फैसला स्थानीय प्रशासन पर छोड़ा गया है।

    गृह सचिव राजीव महर्षि ने कहा, 'कश्मीर में स्थिति सुधर रही है। हमें उम्मीद है कि बकरीद शांति से निकल जाएगी।' हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी के आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से कश्मीर में हिंसा जारी है।

    इसमें अभी तक 75 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों घायल हुए हैं। केंद्र का मानना है कि हिंसा पर नियंत्रण करने के लिए राज्य सरकार को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। जम्मू और कश्मीर की महबूबा मुफ्ती सरकार ने भी हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ सख्ती करने के लिए सहमति दी है।

    loading...
    सूत्रों ने बताया कि डीजीपी राजेन्द्र कुमार को घाटी में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर एक्सटेंशन दिया गया है। इंटेलिजेंस अधिकारियों के हवाले से एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सीमा पार से घुसपैठ काफी बढ़ गई है। रविवार को सुरक्षा बलों ने सात आतंकवादियों को मार गिराया था।

      राजनाथ सिंह ने सेना और बीएसएफ से कहा है कि वे घाटी में किसी आतंकवादी के घुसपैठ करने को लेकर एक-दूसरे पर आरोप न लगाएं और सीमा पर निगरानी और कड़ी करें।

    Post Top Ad

    Advertisements

    Post Bottom Ad

    Advertisements