20 दिन में 20 देशों को ख़त्म कर सकता है भारत, तो हथियारों की कमीं कैसे, CAG ने किया देश को बदनाम
आज CAG ने एक रिपोर्ट जारी की जिसमें बताया गया है कि भारत के पास युद्ध सामग्री की कमीं है, भारी युद्ध की हालत में भारत के पास सिर्फ 20 दिनों की युद्ध सामग्री है. यह भी कहा गया कि युद्ध के लिए 150 हथियारों की जरूरत होती है लेकिन भारत के पास 60 हथियारों की कमीं है.
सोशल मीडिया पर CAG के इस रिपोर्ट की खूब बखिया उधेडी जा रही है, लोग कह रहे हैं कि अगर युद्ध हुआ तो भारत 10 दिन में ही चीन और पाकिस्तान को मिटाकर खुद भी मिट जाएगा, भारत के पास इतनी युद्ध सामग्री है जिसके जरिये 20 देशों को ख़त्म कर सकता है.
लोग कह रहे हैं कि जब भारत के पास 20 देशों को मिटाने की ताकत है तो हथियारों की कमीं कहाँ है, इतना बड़ा युद्ध होने की संभावना ही नहीं है और अगर हुआ तो भारत के साथ साथ चीन और पाकिस्तान का भी नामो निशान मिट जाएगा, भारत, चीन और पाकिस्तान के पास परमाणु बम हैं, बड़ी बड़ी मिसाइलें हैं, फाइटर प्लेन हैं. इतना सब कुछ होते हुए युद्ध भण्डार की कमीं कैसे हो गयी और अगर हो भी गयी तो 20 दिन के अन्दर हथियार खरीद लिए जाएंगे. आखिर पहले से एक साल का युद्ध भंडार क्यों इकठ्ठा किया जाए.
लोग समझ गए हैं कि CAG ने यह रिपोर्ट दुनिया में भारत को नीचा दिखाने और कांग्रेस पार्टी को मोदी सरकार के खिलाफ मुद्दा देने के लिए जारी की गयी है, वर्तनाम CAG को कांग्रेस सरकार ने ही नियुक्त किया था इसलिए उनकी चमचागिरी करने के लिए देश का सिर्फ नीचा किया गया है.
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सोशल मीडिया पर CAG के इस रिपोर्ट की खूब बखिया उधेडी जा रही है, लोग कह रहे हैं कि अगर युद्ध हुआ तो भारत 10 दिन में ही चीन और पाकिस्तान को मिटाकर खुद भी मिट जाएगा, भारत के पास इतनी युद्ध सामग्री है जिसके जरिये 20 देशों को ख़त्म कर सकता है.
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लोग कह रहे हैं कि जब भारत के पास 20 देशों को मिटाने की ताकत है तो हथियारों की कमीं कहाँ है, इतना बड़ा युद्ध होने की संभावना ही नहीं है और अगर हुआ तो भारत के साथ साथ चीन और पाकिस्तान का भी नामो निशान मिट जाएगा, भारत, चीन और पाकिस्तान के पास परमाणु बम हैं, बड़ी बड़ी मिसाइलें हैं, फाइटर प्लेन हैं. इतना सब कुछ होते हुए युद्ध भण्डार की कमीं कैसे हो गयी और अगर हो भी गयी तो 20 दिन के अन्दर हथियार खरीद लिए जाएंगे. आखिर पहले से एक साल का युद्ध भंडार क्यों इकठ्ठा किया जाए.
लोग समझ गए हैं कि CAG ने यह रिपोर्ट दुनिया में भारत को नीचा दिखाने और कांग्रेस पार्टी को मोदी सरकार के खिलाफ मुद्दा देने के लिए जारी की गयी है, वर्तनाम CAG को कांग्रेस सरकार ने ही नियुक्त किया था इसलिए उनकी चमचागिरी करने के लिए देश का सिर्फ नीचा किया गया है.
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