तीन सीटों पर टूटा गठबंधन
इलाहाबाद की दो विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस तथा एक सीट पर भाजपा-अपना दल के बीच गठबंधन टूट गया। बृहस्पतिवार को नाम वापसी के बाद तीन सीटों पर स्थिति स्पष्ट हो गई। अब यहां गठबंधन वाली दोनों पार्टियों के प्रत्याशी आमने-सामने होंगे। उधर, सोरांव में भी सपा और कांग्रेस के प्रत्याशी एक-दूसरे से मुकाबला करेंगे।
गठबंधन के बाद माना जा रहा था कि शहर उत्तरी समेत कोरांव और बारा विधानसभा सीटों पर सपा प्रत्याशी नहीं खड़ा करेगी। यह सीटें कांग्रेस के हिस्से जाएंगी। सपा ने शहर उत्तरी सीट तो कांग्रेस के लिए छोड़ दी लेकिन कोरांव में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृपाल कोल के नामांकन के बाद सपा के टिकट पर रामदेव निडर ने भी नामांकन कर दिया। कहा जा रहा है कि बृहस्पतिवार को निडर नाम वापसी के लिए गए लेकिन आरओ के सामने देर से उपस्थिति होने के कारण नाम वापसी नहीं हो सकी। सपा जिलाध्यक्ष कृष्ण मूर्ति सिंह यादव का कहना है कि कोरांव सीट पर अब कोई भी निर्णय प्रदेश नेतृत्व लेगा।
उधर, बारा विधानसभा सीट पर भी सपा-कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। यहां से कांग्रेस ने सुरेश कुमार वर्मा को प्रत्याशी बनाया है तो सपा से अजय मैदान में हैं। माना जा रहा था कि भाजपा प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं लेकिन बृहस्पतिवार को ऐसा नहीं हुआ। दूसरी ओर सोरांव विधानसभा सीट पर भाजपा और अपना दल (सोनेलाल) के बीच भी गठबंधन टूट गया। दोनों पार्टियों में गठबंधन पर समझौता होने के बाद अद ने यहां से जमुना प्रसाद को मैदान में उतारा लेकिन छह फरवरी को सुरेंद्र कुमार चौधरी ने भाजपा के टिकट पर नामांकन कर सबको चौंका दिया। बृहस्पतिवार को प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद अब यहां भी दोनों प्रत्याशी एक-दूसरे के सामने आ गए हैं। इसी सीट पर सपा ने भी बेहद नाटकीय ढंग से पहले मौजूदा विधायक सत्यवीर मुन्ना का टिकट काटा और सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी लेकिन बाद में फिर से सत्यवीर को प्रत्याशी बना दिया।
गठबंधन के बाद माना जा रहा था कि शहर उत्तरी समेत कोरांव और बारा विधानसभा सीटों पर सपा प्रत्याशी नहीं खड़ा करेगी। यह सीटें कांग्रेस के हिस्से जाएंगी। सपा ने शहर उत्तरी सीट तो कांग्रेस के लिए छोड़ दी लेकिन कोरांव में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृपाल कोल के नामांकन के बाद सपा के टिकट पर रामदेव निडर ने भी नामांकन कर दिया। कहा जा रहा है कि बृहस्पतिवार को निडर नाम वापसी के लिए गए लेकिन आरओ के सामने देर से उपस्थिति होने के कारण नाम वापसी नहीं हो सकी। सपा जिलाध्यक्ष कृष्ण मूर्ति सिंह यादव का कहना है कि कोरांव सीट पर अब कोई भी निर्णय प्रदेश नेतृत्व लेगा।
उधर, बारा विधानसभा सीट पर भी सपा-कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। यहां से कांग्रेस ने सुरेश कुमार वर्मा को प्रत्याशी बनाया है तो सपा से अजय मैदान में हैं। माना जा रहा था कि भाजपा प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं लेकिन बृहस्पतिवार को ऐसा नहीं हुआ। दूसरी ओर सोरांव विधानसभा सीट पर भाजपा और अपना दल (सोनेलाल) के बीच भी गठबंधन टूट गया। दोनों पार्टियों में गठबंधन पर समझौता होने के बाद अद ने यहां से जमुना प्रसाद को मैदान में उतारा लेकिन छह फरवरी को सुरेंद्र कुमार चौधरी ने भाजपा के टिकट पर नामांकन कर सबको चौंका दिया। बृहस्पतिवार को प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद अब यहां भी दोनों प्रत्याशी एक-दूसरे के सामने आ गए हैं। इसी सीट पर सपा ने भी बेहद नाटकीय ढंग से पहले मौजूदा विधायक सत्यवीर मुन्ना का टिकट काटा और सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी लेकिन बाद में फिर से सत्यवीर को प्रत्याशी बना दिया।



