चीन का पानी भी नहीं पिएंगे मोदी, खाने से लेकर पीने तक सब होगा इंडियन ब्रांड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के शियामेन शहर के लिए रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी चीन में 3 से 5 सितंबर तक रहेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री के खानपान का पूरा जिम्मा शियामेन शहर के मशहूर तंदूरी इंडियन रेस्ट्रां को दिया गया है।
इस रेस्टोरेंट के जनरल मैनेजर ने मीडिया से बातचीत में खुशी व्यक्त की है कि उनको भारतीय प्रधानमंत्री के खाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने हमें प्रधानमंत्री के शाकाहारी होने को ध्यान में रखकर तैयारी करनी है।
ब्रिक्स की वार्षिक बैठक चीन के शियामेन शहर में होगी. इस तीन दिवसीय बैठक में पांच सदस्य देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका भाग लेंगे। इस दौरान अगर मोदी-शी की बैठक हुई तो इन दोनों नेताओं की इस साल यह तीसरी बैठक होगी। उनकी पिछली बैठक शंघाई सहयोग संगठन की अस्ताना में जून में हुए सम्मेलन में हुई थी। वे अनौपचारिक तौर पर जर्मनी में जी-20 के दौरान भी मिले थे।
लेकिन इस बार पीएम की चीन यात्रा बहुत अहम होने जा रही है क्योंकि डोकलाम के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंचा गया था और सेनाएं आमने-सामने खड़ी थीं।पीएम के चीन रवाना के कुछ दिन पहले ही दोनों देशों ने अपनी-अपनी सेनाएं वापस कर ली हैं फिर भी इस मुद्दे पर अभी तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं हो पाई है।
Source-Dainik-bharat.com
इस रेस्टोरेंट के जनरल मैनेजर ने मीडिया से बातचीत में खुशी व्यक्त की है कि उनको भारतीय प्रधानमंत्री के खाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने हमें प्रधानमंत्री के शाकाहारी होने को ध्यान में रखकर तैयारी करनी है।
ब्रिक्स की वार्षिक बैठक चीन के शियामेन शहर में होगी. इस तीन दिवसीय बैठक में पांच सदस्य देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका भाग लेंगे। इस दौरान अगर मोदी-शी की बैठक हुई तो इन दोनों नेताओं की इस साल यह तीसरी बैठक होगी। उनकी पिछली बैठक शंघाई सहयोग संगठन की अस्ताना में जून में हुए सम्मेलन में हुई थी। वे अनौपचारिक तौर पर जर्मनी में जी-20 के दौरान भी मिले थे।
लेकिन इस बार पीएम की चीन यात्रा बहुत अहम होने जा रही है क्योंकि डोकलाम के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंचा गया था और सेनाएं आमने-सामने खड़ी थीं।पीएम के चीन रवाना के कुछ दिन पहले ही दोनों देशों ने अपनी-अपनी सेनाएं वापस कर ली हैं फिर भी इस मुद्दे पर अभी तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं हो पाई है।
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