हनीप्रीत के लिए नेपाल जा सकती है मीडिया, क़त्ल किये जा रहे हिन्दुओ के लिए बर्मा नहीं : प्रशांत पटेल
भारत की मीडिया
सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया में भी इसकी थू थू होती है, पर मीडिया तो धंधे में लगी हुई है
उसे सम्मान से क्या लेना देना, पत्रकारिता से क्या लेना देना
भारतीय मीडिया की नीचता के कारण ही वर्ल्ड इकनोमिक फोरम ने साल 2017 में भारतीय मीडिया को दुनिया की दूसरी सबसे नीच मीडिया का ख़िताब दिया था
मशहूर वकील प्रशांत पटेल, जिन्होंने आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को अदालत में लटकाया हुआ है
उन्होंने भारतीय मीडिया पर तीखा कटाक्ष किया
भारत की मीडिया हनी प्रीत के लिए तो अपने रिपोर्टर नेपाल भेज देती है
पर बर्मा में जो हिन्दू मारे गए है, जिनके शव निकाले गए है, उनकी और उनके परिजनों की खबर लेने के लिए भारतीय मीडिया अपने रिपोर्टर बर्मा नहीं भेज पा रही
आप अंदाजा लगा सकते है की भारतीय मीडिया पत्रकारिता के आड़ में क्या धंधा चला रही है
हनी प्रीत के नाम पर TRP मिलती है
इसलिए रिपोर्टर भेजो नेपाल, पर बर्मा नहीं, अन्यथा रोहिंग्यों को अत्याचारी बताना पड़ेगा
ये है भारतीय मीडिया का स्टैण्डर्ड और काम करने का तरीका
Source
सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया में भी इसकी थू थू होती है, पर मीडिया तो धंधे में लगी हुई है
उसे सम्मान से क्या लेना देना, पत्रकारिता से क्या लेना देना
भारतीय मीडिया की नीचता के कारण ही वर्ल्ड इकनोमिक फोरम ने साल 2017 में भारतीय मीडिया को दुनिया की दूसरी सबसे नीच मीडिया का ख़िताब दिया था
मशहूर वकील प्रशांत पटेल, जिन्होंने आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को अदालत में लटकाया हुआ है
उन्होंने भारतीय मीडिया पर तीखा कटाक्ष किया
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पर बर्मा में जो हिन्दू मारे गए है, जिनके शव निकाले गए है, उनकी और उनके परिजनों की खबर लेने के लिए भारतीय मीडिया अपने रिपोर्टर बर्मा नहीं भेज पा रही
आप अंदाजा लगा सकते है की भारतीय मीडिया पत्रकारिता के आड़ में क्या धंधा चला रही है
हनी प्रीत के नाम पर TRP मिलती है
इसलिए रिपोर्टर भेजो नेपाल, पर बर्मा नहीं, अन्यथा रोहिंग्यों को अत्याचारी बताना पड़ेगा
ये है भारतीय मीडिया का स्टैण्डर्ड और काम करने का तरीका
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