ब्रेकिंग – दाऊद के साथ देश के दो बड़े नेताओं के कनेक्शन का खुलासा, देश की राजनीति में हड़कंप !
मुंबई : भारत के मोस्ट वांटेड दुश्मन अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के छोटे भाई इकबाल कासकर सहित तीन लोगों को ठाणे पुलिस ने सोमवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया था. इकबाल पर एक बिल्डर को धमकाने और वसूली करने का आरोप है. एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने इकबाल कासकर को उसकी बहन हसीना परकर के आवास से धर-दबोचा. लेकिन अब जो खबर सामने आ रही, उसने सभी को हिला कर रख दिया है.
एनसीपी के 2 पार्षद दाऊद के सहयोगी ?
भारत में दाऊद का मुखौटा उसका छोटा भाई अकेले ही सब कुछ नहीं संभाल रहा था बल्कि देश के बड़े-बड़े नेता एक अरसे से उसकी मदद कर रहे थे. इन घर के भेदियों के कारण ही दाऊद और उसके भाई को सहायता मिल पाती थी. मुंबई पुलिस के मुताबिक़ इकबाल कासकर के साथ एनसीपी के 2 पार्षद पुलिस के रडार पर है.
ठाणे सीपी परमबीर सिंह के मुताबिक इकबाल और उसके साथियों के साथ थाने में जब तबियत से पूछताछ की गयी, तब उन्होंने एनसीपी के 2 पार्षदों के बारे में पुलिस को बताया. हालांकि अभी पुलिस ने इन दोनों पार्षदों के नामों का खुलासा नहीं किया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी है.
कांग्रेस पर भी गहराया शक !
बता दें कि एनसीपी कांग्रेस की सहयोगी पार्टी रह चुकी है. इससे पहले कांग्रेस के बारे में खबर आ चुकी है कि उसने पाक आतंकियों को बचा कर समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में असीमानंद को एक साजिश के तहत फंसाया था ताकि हिन्दू आतंकवाद नाम के शब्द को गढ़ा जा सके. इसके अलावा आतंकियों को बचाते हुए मालेगाव ब्लास्ट केस में कर्नल पुरोहित को भी जानबूझ कर फंसाया गया था क्योंकि कर्नल पुरोहित दुश्मन के कई राज जानते थे.
वहीँ दाऊद के भाई को पकड़ने वाले जाबांज पुलिस अफसर प्रदीप शर्मा को भी कांग्रेस ने ससपेंड करवा दिया था.9 साल बाद बीजेपी ने उन्हें वापस नौकरी पर बहाल किया. प्रदीप शर्मा ने अपने 35 साल लंबे पुलिस करियर में लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकियों समेत कुल 113 एनकाउंटर किए और 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड के लिए खौफ का दूसरा नाम बन गए थे. उनपर फेक एनकाउंटर का झूठा केस डलवाकर उन्हें फंसाने की भी साजिश की गयी थी.
कई नेता जाएंगे जेल !
अब एनसीपी के दो पार्षदों का दाऊद के साथ नाम जुड़ने से देश की जनता हैरान रह गयी है. सूत्रों की मानें तो अभी तो बस शुरुआत भर हुई है. अभी इस मामले में भी कई कोंग्रेसियों के नाम सामने आ सकते हैं. इस खबर के सामने आते ही देश की राजनीति में हलचल बढ़ गयी हैं. हालांकि एनसीपी और कांग्रेस तो इसे अपने खिलाफ एक राजनीतिक साजिश बता कर पल्ला झाड़ने के लिए तैयार बैठी हैं. जल्द ही कई नेताओं के जेल जाने का वक़्त आ गया है.
Source-DDbharti.in
एनसीपी के 2 पार्षद दाऊद के सहयोगी ?
भारत में दाऊद का मुखौटा उसका छोटा भाई अकेले ही सब कुछ नहीं संभाल रहा था बल्कि देश के बड़े-बड़े नेता एक अरसे से उसकी मदद कर रहे थे. इन घर के भेदियों के कारण ही दाऊद और उसके भाई को सहायता मिल पाती थी. मुंबई पुलिस के मुताबिक़ इकबाल कासकर के साथ एनसीपी के 2 पार्षद पुलिस के रडार पर है.
ठाणे सीपी परमबीर सिंह के मुताबिक इकबाल और उसके साथियों के साथ थाने में जब तबियत से पूछताछ की गयी, तब उन्होंने एनसीपी के 2 पार्षदों के बारे में पुलिस को बताया. हालांकि अभी पुलिस ने इन दोनों पार्षदों के नामों का खुलासा नहीं किया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी है.
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कांग्रेस पर भी गहराया शक !
बता दें कि एनसीपी कांग्रेस की सहयोगी पार्टी रह चुकी है. इससे पहले कांग्रेस के बारे में खबर आ चुकी है कि उसने पाक आतंकियों को बचा कर समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में असीमानंद को एक साजिश के तहत फंसाया था ताकि हिन्दू आतंकवाद नाम के शब्द को गढ़ा जा सके. इसके अलावा आतंकियों को बचाते हुए मालेगाव ब्लास्ट केस में कर्नल पुरोहित को भी जानबूझ कर फंसाया गया था क्योंकि कर्नल पुरोहित दुश्मन के कई राज जानते थे.
वहीँ दाऊद के भाई को पकड़ने वाले जाबांज पुलिस अफसर प्रदीप शर्मा को भी कांग्रेस ने ससपेंड करवा दिया था.9 साल बाद बीजेपी ने उन्हें वापस नौकरी पर बहाल किया. प्रदीप शर्मा ने अपने 35 साल लंबे पुलिस करियर में लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकियों समेत कुल 113 एनकाउंटर किए और 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड के लिए खौफ का दूसरा नाम बन गए थे. उनपर फेक एनकाउंटर का झूठा केस डलवाकर उन्हें फंसाने की भी साजिश की गयी थी.
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अब एनसीपी के दो पार्षदों का दाऊद के साथ नाम जुड़ने से देश की जनता हैरान रह गयी है. सूत्रों की मानें तो अभी तो बस शुरुआत भर हुई है. अभी इस मामले में भी कई कोंग्रेसियों के नाम सामने आ सकते हैं. इस खबर के सामने आते ही देश की राजनीति में हलचल बढ़ गयी हैं. हालांकि एनसीपी और कांग्रेस तो इसे अपने खिलाफ एक राजनीतिक साजिश बता कर पल्ला झाड़ने के लिए तैयार बैठी हैं. जल्द ही कई नेताओं के जेल जाने का वक़्त आ गया है.
Source-DDbharti.in





