बकरीद पर जानवर काटना ये धार्मिक और निजी मामला, इसपर सवाल नहीं उठा सकते : आमिर खान
आमिर खान ने आख़िरकार बता ही दिया है की उनकी मानसिकता क्या है
और आज हम आपके सामने वीडियो भी पेश करेंगे, जिसमे आमिर खान खुद ही अपने मुँह से अपनी मानसिकता बताते हुए आपको नजर आएंगे
आपको पहले बता दें की आमिर खान "सत्यमेव जयते" नामक टीवी कार्यक्रम किया करते थे
इस कार्यक्रम में आमिर खान ने एक बार कहा था, "की जैसे हमे काँटा चुभने पर दर्द होता है, कोई सुई चुभो से तो दर्द होता है, वैसे ही अगर आप पेड़ पर आई लव यू लिखते है, या कुछ गोदते है तो पेड़ को भी दर्द होता है"
अब देखिये आमिर खान का दूसरा रूप
आमिर खान से सवाल किया गया की, मुहर्रम और बकरीद पर जानवरों को काटने पर आपका क्या विचार है
क्या मुहर्रम पर होने वाली खुनी नौटंकी, और बकरीद के नाम पर जानवरों का कत्लेआम जायज है
आमिर खान ने साफ़ शब्दों में कहा
मुहर्रम, बकरीद पर आप सवाल नहीं खड़े कर सकते, ये तो धार्मिक और निजी यानि पर्सनल मामला है
धार्मिक मामला निजी मामला होता है, और उसपर टिपण्णी नहीं की जा सकती
मैं भी इसपर यकीन करता हूँ
आमिर खान ने साफ़ कर दिया की इस्लाम की परंपरा जैसे मुहर्रम बकरीद इत्यादि पर आप सवाल खड़े नहीं कर सकते, ये वही आमिर खान है जो फिल्मो और अपने कार्यक्रमों के जरिये हिन्दुओ को
अंधविश्वासी, शिवरात्रि का विरोध करते हुए कई बार नजर आ चुके है
Source-Dainik-bharat.com
और आज हम आपके सामने वीडियो भी पेश करेंगे, जिसमे आमिर खान खुद ही अपने मुँह से अपनी मानसिकता बताते हुए आपको नजर आएंगे
आपको पहले बता दें की आमिर खान "सत्यमेव जयते" नामक टीवी कार्यक्रम किया करते थे
इस कार्यक्रम में आमिर खान ने एक बार कहा था, "की जैसे हमे काँटा चुभने पर दर्द होता है, कोई सुई चुभो से तो दर्द होता है, वैसे ही अगर आप पेड़ पर आई लव यू लिखते है, या कुछ गोदते है तो पेड़ को भी दर्द होता है"
अब देखिये आमिर खान का दूसरा रूप
आमिर खान से सवाल किया गया की, मुहर्रम और बकरीद पर जानवरों को काटने पर आपका क्या विचार है
क्या मुहर्रम पर होने वाली खुनी नौटंकी, और बकरीद के नाम पर जानवरों का कत्लेआम जायज है
आमिर खान ने साफ़ शब्दों में कहा
मुहर्रम, बकरीद पर आप सवाल नहीं खड़े कर सकते, ये तो धार्मिक और निजी यानि पर्सनल मामला है
धार्मिक मामला निजी मामला होता है, और उसपर टिपण्णी नहीं की जा सकती
मैं भी इसपर यकीन करता हूँ
आमिर खान ने साफ़ कर दिया की इस्लाम की परंपरा जैसे मुहर्रम बकरीद इत्यादि पर आप सवाल खड़े नहीं कर सकते, ये वही आमिर खान है जो फिल्मो और अपने कार्यक्रमों के जरिये हिन्दुओ को
अंधविश्वासी, शिवरात्रि का विरोध करते हुए कई बार नजर आ चुके है
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