Header Ads

  • Breaking News

    यहूदियों ने दी थी मोहम्मद को शरण, 5 साल में मदीना से यहूदियों को साफ़ कर दिया गया : मधु किश्वर

    दुनिया भर के मुसलमान मक्का में जन्मे मोहम्मद को अपना पैगम्बर बताते है
    मूल रूप से मोहम्मद मक्का में पैदा हुआ था

    जवानी तक मोहम्मद एक आम सा ही शख्स था, जिसके पास अधिक धन भी नहीं था
    उस ज़माने में सऊदी में मदीना सबसे बड़ा शहर हुआ करता था, मोहम्मद भी मक्का से मदीना गया

    Advertisements
    मदीना में यहूदी कबीले के लोग रहा करते थे, सारा व्यापार और शहर यहूदियों का था
    मोहम्मद ने इस्लाम का निर्माण मदीना शहर पर कब्जे से ही किया

    मोहम्मद अपने कुछ साथियों के साथ 622 ईसवी में मदीना पहुंचा था, इसे इस्लामिक जगह में "हिजरा" कहते है
    यानि मोहम्मद की पहली मदीना यात्रा

    देखिये बुद्धिजीवी मधु किश्वर ने क्या बताय

    Advertisements
    मोहम्मद भी एक रेफूजी ही था, मक्का के हालात ठीक नहीं थे
    मदीना में व्यापार और समृद्धि थी

    मोहम्मद अपने कुछ साथियों के साथ मदीना पहुंचा, जहाँ यहूदी कबीले के लोगों ने उसे शरण दी
    सिर्फ 5 सालों में सभी यहूदियों को वहां से या तो भगा दिया गया, या ख़त्म कर दिया गया

    बता दें की 622 ईसवी में ही मोहम्मद और उसके साथियों ने मदीना पर कब्ज़ा किया था, जिसके बाद ये मक्का गए थे, और वहां 360 में से 359 मूर्तियों को तोड़ दिया था

    Source

    Post Top Ad

    Advertisements

    Post Bottom Ad

    Advertisements