पीएम मोदी ने खोला बुलेट ट्रेन से जुड़ा सबसे बड़ा राज, दिखाई 56 इंच के सीने के साथ दिमाग की ताकत !
अहमदाबाद : भारतीय यायातात के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक दिन बन गया. आज पीएम मोदी और उनके दोस्त व् जापान के पीएम शिंजो आबे ने मिलकर भारत में पहली बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट की नींव रखी. कोंग्रेसी पत्रकारों ने भी फ़ौरन पीएम मोदी की आलोचना करनी शुरू कर दी कि गरीब देश में भला एक लाख करोड़ रुपये खर्च करने का क्या मतलब. आज पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में ऐसे पत्रकारों का मुँह बंद कर दिया और दिखा दिया कि गुजराती कभी घाटे का सौदा नहीं करते.
‘मुफ्त’ में मिल रही बुलेट ट्रेन !
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि बुलेट ट्रेन भारत को एक तरह से ‘मुफ्त’ में मिल रही है. इस प्रोजेक्ट को हकीकत में बदलने में मदद करने के लिए पीएम मोदी ने जापान के पीएम शिंजो आबे को शुक्रिया कहा. पीएम मोदी ने बताया कि उनके दोस्त आबे ने निजी दिलचस्पी लेकर इस प्रॉजेक्ट को हकीकत में बदलने में मदद की.
पीएम मोदी ने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति कुछ खरीदता है, तो एक-एक पैसे का हिसाब लगाता है. कोई एक बाइक भी खरीदता है तो 10 बैंकों के चक्कर लगाता है और यदि कोई बैंक आधा पर्सेंट भी ब्याज दर कम कर दे तो खुशियां मनाता है. इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि क्या किसी को कोई ऐसा दोस्त या बैंक मिल सकता है जो कहे कि मुफ्त में लोन ले लो और वो भी 88 हजार करोड़ रुपये जैसी बड़ी रकम का.
पीएम मोदी ने बताया कि जापान और पीएम आबे भारत के ऐसे दोस्त हैं, जिन्होंने भारत को इस प्रोजेक्ट के लिए 88000 करोड़ रुपये का लोन केवल 0.1 पर्सेंट ब्याज दर के हिसाब से दिया है. अरे भारत में तो पर्सनल लोन भी कम से कम 14 या 16 परसेंट की ब्याज दर पर मिलता है. पीएम मोदी ने बताया कि बुलेट ट्रैन का ये प्रॉजेक्ट एक तरह से मुफ्त में बनेगा.
विरोधियों पर भी निशाना !
पीएम मोदी ने बताया कि जब उन्होंने देश की जनता से बुलेट ट्रेन लाने का वादा किया तो लोगों ने आलोचना शुरू कर दी कि मोदी कब बुलेट ट्रेन लाएंगे. जब बुलेट ट्रेन ला रहे हैं तो वही लोग आलोचना कर रहे हैं कि बुलेट ट्रेन क्यों ला रहे हैं. पीएम मोदी ने आगे बताया कि बुलेट ट्रेन जापान की ओर से भारत के लिए एक काफी बड़ी सौगात है.
बुलेट ट्रेन की सबसे ख़ास बात ये रहेगी कि इसमें यात्रा करने में हवाई यात्रा से भी आधा वक्त लगेगा, क्योंकि एयरपोर्ट जाने और औपचारिकता पूरी करने में जितना वक्त लगता है, वो वक्त बुलेट ट्रेन में बच जाएगा. इससे ना केवल लोगों का कीमती वक्त बचेगा बल्कि दोनों शहरों के बीच सडकों पर चलने वाली हजारों गाड़ियों की संख्या में भी कमी आएगी. प्रदूषण कम होगा क्योंकि बुलेट ट्रेन बिजली से चलेगी.
इसके कारण दोनों शहरों के बीच का पूरा एरिया “सिंगल इकॉनमिक जोन” में बदल जाएगा. हाई स्पीड कॉरिडोर से न केवल यातायात तेज होगा, बल्कि इकॉनमी को भी तेज रफ्तार मिलेगी.
‘मुफ्त’ में मिल रही बुलेट ट्रेन !
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि बुलेट ट्रेन भारत को एक तरह से ‘मुफ्त’ में मिल रही है. इस प्रोजेक्ट को हकीकत में बदलने में मदद करने के लिए पीएम मोदी ने जापान के पीएम शिंजो आबे को शुक्रिया कहा. पीएम मोदी ने बताया कि उनके दोस्त आबे ने निजी दिलचस्पी लेकर इस प्रॉजेक्ट को हकीकत में बदलने में मदद की.
पीएम मोदी ने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति कुछ खरीदता है, तो एक-एक पैसे का हिसाब लगाता है. कोई एक बाइक भी खरीदता है तो 10 बैंकों के चक्कर लगाता है और यदि कोई बैंक आधा पर्सेंट भी ब्याज दर कम कर दे तो खुशियां मनाता है. इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि क्या किसी को कोई ऐसा दोस्त या बैंक मिल सकता है जो कहे कि मुफ्त में लोन ले लो और वो भी 88 हजार करोड़ रुपये जैसी बड़ी रकम का.
पीएम मोदी ने बताया कि जापान और पीएम आबे भारत के ऐसे दोस्त हैं, जिन्होंने भारत को इस प्रोजेक्ट के लिए 88000 करोड़ रुपये का लोन केवल 0.1 पर्सेंट ब्याज दर के हिसाब से दिया है. अरे भारत में तो पर्सनल लोन भी कम से कम 14 या 16 परसेंट की ब्याज दर पर मिलता है. पीएम मोदी ने बताया कि बुलेट ट्रैन का ये प्रॉजेक्ट एक तरह से मुफ्त में बनेगा.
विरोधियों पर भी निशाना !
पीएम मोदी ने बताया कि जब उन्होंने देश की जनता से बुलेट ट्रेन लाने का वादा किया तो लोगों ने आलोचना शुरू कर दी कि मोदी कब बुलेट ट्रेन लाएंगे. जब बुलेट ट्रेन ला रहे हैं तो वही लोग आलोचना कर रहे हैं कि बुलेट ट्रेन क्यों ला रहे हैं. पीएम मोदी ने आगे बताया कि बुलेट ट्रेन जापान की ओर से भारत के लिए एक काफी बड़ी सौगात है.
बुलेट ट्रेन की सबसे ख़ास बात ये रहेगी कि इसमें यात्रा करने में हवाई यात्रा से भी आधा वक्त लगेगा, क्योंकि एयरपोर्ट जाने और औपचारिकता पूरी करने में जितना वक्त लगता है, वो वक्त बुलेट ट्रेन में बच जाएगा. इससे ना केवल लोगों का कीमती वक्त बचेगा बल्कि दोनों शहरों के बीच सडकों पर चलने वाली हजारों गाड़ियों की संख्या में भी कमी आएगी. प्रदूषण कम होगा क्योंकि बुलेट ट्रेन बिजली से चलेगी.
इसके कारण दोनों शहरों के बीच का पूरा एरिया “सिंगल इकॉनमिक जोन” में बदल जाएगा. हाई स्पीड कॉरिडोर से न केवल यातायात तेज होगा, बल्कि इकॉनमी को भी तेज रफ्तार मिलेगी.




