4 मुस्लिम युवकों का 10 दिन तक शिकार हुई युवती दलित है, मामले पर सभी दलित चिंतक मौन
ये तो योगी सरकार है की 4 में से 1 दरिंदा गिरफ्तार है, 3 दरार है, और पूरी पुलिस टीम को ससपेंड कर दिया गया
चूँकि पुलिस अफसर इलाके में मुस्लिम था और उसने चारों को बचाने का प्रयास किया
दैनिक भारत के पाठकों को पिछले दिनों हमने बताया था की, मुज़फ्फरनगर में एक हिन्दू युवती का 4 मुस्लिम युवको ने अपहरण किया, 10 दिन तक उसका बलात्कार किया, उसके मुँह में मांस ठूसा और उसे इस्लाम अपनाने के लिए कहा
अब इसी मामले में हम आपको नयी जानकारी दे देते है
जिस युवती के साथ 4 मुस्लिम युवकों ने बर्बरता की वो युवती दलित समुदाय से है, दलित है युवती
अब दलित युवती के साथ 10 दिन तक 4 मुस्लिम युवको ने गैंगरेप किया
पर न मायावती सामने आयी, न ही भीम आर्मी ने अपने मुँह से कुछ निकाला, और न ही रविश कुमार पांडेय अपना मुँह काला कर अपने चैनल पर सामने आये
और इनके अलावा तमाम दलित चिंतक, इस मामले पर उन सभी की मौत हो चुकी है
कोई भी इस दलित युवती के परिजनों से मिलने नहीं गया, कोई इन्हे ढांढस भी नहीं बंधाने गया, पर हां दलितों की चिंता तो इन सभी दलित चिंतको को है
ऊपर से मुस्लिम पुलिसकर्मियों ने तो मामले को बिलकुल दबा देने की ही कोशिश की
ये तो योगी सरकार है, अन्यथा मायावती या अखिलेश की सरकार होती तो कोई कार्यवाही तक नहीं होती उल्टा पीड़िता के साथ ही कुछ बुरा कर दिया जाता
Source
चूँकि पुलिस अफसर इलाके में मुस्लिम था और उसने चारों को बचाने का प्रयास किया
दैनिक भारत के पाठकों को पिछले दिनों हमने बताया था की, मुज़फ्फरनगर में एक हिन्दू युवती का 4 मुस्लिम युवको ने अपहरण किया, 10 दिन तक उसका बलात्कार किया, उसके मुँह में मांस ठूसा और उसे इस्लाम अपनाने के लिए कहा
अब इसी मामले में हम आपको नयी जानकारी दे देते है
जिस युवती के साथ 4 मुस्लिम युवकों ने बर्बरता की वो युवती दलित समुदाय से है, दलित है युवती
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पर न मायावती सामने आयी, न ही भीम आर्मी ने अपने मुँह से कुछ निकाला, और न ही रविश कुमार पांडेय अपना मुँह काला कर अपने चैनल पर सामने आये
और इनके अलावा तमाम दलित चिंतक, इस मामले पर उन सभी की मौत हो चुकी है
कोई भी इस दलित युवती के परिजनों से मिलने नहीं गया, कोई इन्हे ढांढस भी नहीं बंधाने गया, पर हां दलितों की चिंता तो इन सभी दलित चिंतको को है
ऊपर से मुस्लिम पुलिसकर्मियों ने तो मामले को बिलकुल दबा देने की ही कोशिश की
ये तो योगी सरकार है, अन्यथा मायावती या अखिलेश की सरकार होती तो कोई कार्यवाही तक नहीं होती उल्टा पीड़िता के साथ ही कुछ बुरा कर दिया जाता
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