रामपाल, रामरहीम कांग्रेस की सरकार में फले फुले, जेल तब गए जब हरियाणा में खट्टर सरकार आयी !
भारत के कई मीडिया चैनल एक नंबर के दोगले हैं. बाबा राम रहीम जैसे ताकतवर बाबा पर हाथ डालने की पूर्व सरकार में हिम्मत नहीं थी इसलिए सीबीआई जांच की फाइल दबा दी गयी, उस समय हरियाण हाई कोर्ट भी सोता रहा, सीबीआई कोर्ट भी सोती रही लेकिन जैसे ही खट्टर आए हरियाण हाई कोर्ट भी नींद से नाग गया और CBI ने अपना काम भी शुरू कर दिया.
मनोहर लाल खट्टर ने ही बाबा राम रहीम के गिरहबान पर हाथ डालने की हिम्मत दिखाई, लाखों समर्थकों के सड़क पर उतरने के बाद भी मनोहर लाल खट्टर की हिम्मत कम नहीं हुई, बाबा राम रहीम को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया. बाबा राम रहीम के समर्थकों के हिंसा करने पर 30 समर्थकों को गोली मारी गयी, सैकड़ों घायल हैं. पुलिस हर हालात से निपतने के लिए तैयार है.
अब आप खुद सोचिये, जिस मुख्यमंत्री खट्टर ने इतने ताकतवर बाबा को जेल भिजवाया उसी खट्टर को कुछ दोगले मीडिया फेल बता रहे हैं, ये दोगले मीडिया चाहते हैं कि खट्टर एक हप्ते पहले से ही बाबा राम रहीम के भक्तों को गोलियां मरवाना शरू कर देते ताकि इनको सनसनी फैलाने वाले न्यूज़ मिल जाती. खट्टर ने बाबा के भक्तों पर पहले से गोलियां नहीं चलवाई इसलिए ये दोगले मीडिया खट्टर को फेल बता रहे हैं.
आपको बता दें कि आज भक्तों के उत्पात मचाने के बाद पुलिस फायरिंग में 30 भक्त मारे गए हैं जबकि 300 से अधिक घायल हुए हैं. मरने वालों का आंकड़ा 100 पार जा सकता है. ऐसा एक्शन केवल खट्टर सरकार ही ले सकती थी. इससे पहले उन्होंने बाबा रामपाल को भी इसी तरह से जेल भिजवाया था लेकिन मीडिया को संतोष नहीं है क्योंकि इन्हें एक हप्ते पहले से सनसनी फैलाने का मौका नहीं मिला, TRP बढाने का मौका नहीं मिला.
बीजेपी की सरकार तो 2 साल से है हरियाणा में, यहाँ दशकों तक कांग्रेस की सरकार रही है, ये रामपाल, राम रहीम सभी कांग्रेस के राज में फले फुले है
जेल तब गए जब बीजेपी की खट्टर सरकार आई
6 लाख की भीड़ जमा थी पंचकूला में, हिंसा शुरू कर दी गयी पर खट्टर सरकार ने 30 को ठोका, वोटबैंक की फ़िक्र नहीं की
और 4 घंटों में ही हालात पर काबू प्राप्त कर लिया, मीडिया कह रही थी पैलेट गन क्यों नहीं इस्तेमाल किया जा रहा जैसे कश्मीर में किया जाता है
पर आपको बता दें पैलेट गन नहीं बल्कि खट्टर सरकार ने असली गन का इस्तेमाल किया है
मनोहर लाल खट्टर ने ही बाबा राम रहीम के गिरहबान पर हाथ डालने की हिम्मत दिखाई, लाखों समर्थकों के सड़क पर उतरने के बाद भी मनोहर लाल खट्टर की हिम्मत कम नहीं हुई, बाबा राम रहीम को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया. बाबा राम रहीम के समर्थकों के हिंसा करने पर 30 समर्थकों को गोली मारी गयी, सैकड़ों घायल हैं. पुलिस हर हालात से निपतने के लिए तैयार है.
अब आप खुद सोचिये, जिस मुख्यमंत्री खट्टर ने इतने ताकतवर बाबा को जेल भिजवाया उसी खट्टर को कुछ दोगले मीडिया फेल बता रहे हैं, ये दोगले मीडिया चाहते हैं कि खट्टर एक हप्ते पहले से ही बाबा राम रहीम के भक्तों को गोलियां मरवाना शरू कर देते ताकि इनको सनसनी फैलाने वाले न्यूज़ मिल जाती. खट्टर ने बाबा के भक्तों पर पहले से गोलियां नहीं चलवाई इसलिए ये दोगले मीडिया खट्टर को फेल बता रहे हैं.
आपको बता दें कि आज भक्तों के उत्पात मचाने के बाद पुलिस फायरिंग में 30 भक्त मारे गए हैं जबकि 300 से अधिक घायल हुए हैं. मरने वालों का आंकड़ा 100 पार जा सकता है. ऐसा एक्शन केवल खट्टर सरकार ही ले सकती थी. इससे पहले उन्होंने बाबा रामपाल को भी इसी तरह से जेल भिजवाया था लेकिन मीडिया को संतोष नहीं है क्योंकि इन्हें एक हप्ते पहले से सनसनी फैलाने का मौका नहीं मिला, TRP बढाने का मौका नहीं मिला.
बीजेपी की सरकार तो 2 साल से है हरियाणा में, यहाँ दशकों तक कांग्रेस की सरकार रही है, ये रामपाल, राम रहीम सभी कांग्रेस के राज में फले फुले है
जेल तब गए जब बीजेपी की खट्टर सरकार आई
6 लाख की भीड़ जमा थी पंचकूला में, हिंसा शुरू कर दी गयी पर खट्टर सरकार ने 30 को ठोका, वोटबैंक की फ़िक्र नहीं की
और 4 घंटों में ही हालात पर काबू प्राप्त कर लिया, मीडिया कह रही थी पैलेट गन क्यों नहीं इस्तेमाल किया जा रहा जैसे कश्मीर में किया जाता है
पर आपको बता दें पैलेट गन नहीं बल्कि खट्टर सरकार ने असली गन का इस्तेमाल किया है




