अभी-अभी : मैदान में आ गई आर्मी, बाबा के बेकाबू भक्तों की तुड़ाई शुरू, देंखे...
पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत के डेरा चीफ राम रहीम को रेप का दोषी करार देने के बाद उनके समर्थक हिंसा पर उतर आए हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट परिसर के बाद डेरा अनुयायियों ने दो न्यूज चैनलों के ओबी वैन को क्षतिग्रस्त कर दिया। पंजाब के दो रेलवे स्टेशनों में आगजनी की भी खबरें आ रही हैं। इसके अलावा, शिमला हाइवे पर भी कारों को रोककर तोड़फोड़ की गई है।
वहीं सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। बेकाबू भक्तों पर लाठी चार्ज जारी है। पुलिस डेरा समर्थकों को काबू करने की कोशिश कर रही है। उन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए हैं। इसके पहले सिरसा से पंचकूला तक के 250 किलोमीटर के सफर के दौरान उनके समर्थकों और अनुयायियों ने पुलिस और प्रशासन की तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद उनके काफिले को कई जगह रोकने की कोशिश की। कहीं समर्थक सड़क पर लेट गए तो कहीं सड़क किनारे डंडे लेकर खड़े मौजूद नजर आए। ऐसे में पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू होने की बात बेमानी नजर आई। कोर्ट के बाहर भी उनके समर्थक भारी संख्या में मौजूद थे।
हले कहा जा रहा था कि सुरक्षा के मद्देनजर राम रहीम को हेलिकॉप्टर से पंचकूला ले जाया जाएगा, लेकिन ऐन वक्त पर प्लान बदला और राम रहीम सड़क के रास्ते रवाना हुए। यह खबर फैलते ही सिरसा से पंचकूला जाने वाले रास्ते पर उनके समर्थक भारी संख्या में जमा होना शुरू हो गए। माना जा रहा है कि सैंकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ पंचकूला जाने का फैसला दरअसल एक तरीके से राम रहीम का शक्ति प्रदर्शन था।
वहीं सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। बेकाबू भक्तों पर लाठी चार्ज जारी है। पुलिस डेरा समर्थकों को काबू करने की कोशिश कर रही है। उन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए हैं। इसके पहले सिरसा से पंचकूला तक के 250 किलोमीटर के सफर के दौरान उनके समर्थकों और अनुयायियों ने पुलिस और प्रशासन की तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद उनके काफिले को कई जगह रोकने की कोशिश की। कहीं समर्थक सड़क पर लेट गए तो कहीं सड़क किनारे डंडे लेकर खड़े मौजूद नजर आए। ऐसे में पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू होने की बात बेमानी नजर आई। कोर्ट के बाहर भी उनके समर्थक भारी संख्या में मौजूद थे।
हले कहा जा रहा था कि सुरक्षा के मद्देनजर राम रहीम को हेलिकॉप्टर से पंचकूला ले जाया जाएगा, लेकिन ऐन वक्त पर प्लान बदला और राम रहीम सड़क के रास्ते रवाना हुए। यह खबर फैलते ही सिरसा से पंचकूला जाने वाले रास्ते पर उनके समर्थक भारी संख्या में जमा होना शुरू हो गए। माना जा रहा है कि सैंकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ पंचकूला जाने का फैसला दरअसल एक तरीके से राम रहीम का शक्ति प्रदर्शन था।




