आओ देशभक्ति देख लो फिर भी साला हम चीन का ही माल खरीदेंगे !!!
चीन हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। डोकलाम को लेकर उपजे विवाद के बीच एक चीनी कंपनी ने भारतीय तिरंगे का अपमान किया गया है। इस कंपनी ने भारत में अपने जूते बेचने के लिए तिरंगे के रंग में बनी पैकिंग का इस्तेमाल किया है।
इस पैकिंग के सामने आने के बाद विरोध शुरू हो गया है। उत्तरखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थानीय दुकानदारों ने चीन से जूते मंगाए थे। लेकिन जब उसकी पैकिंग खोली तो उनके होश उड़ गए। क्योंकि कंपनी ने तिरंगे की पैकिंग में जूते भेजे थे।
मामला बढ़ता देख अल्मोड़ा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अल्मोड़ा की एसएसपी की मानें तो जिस बॉक्स में जूते भेजे गए हैं, उसके ऊपरी हिस्से में तिरंगा बनाया गया है। वहीं नीचे के हिस्से में मंदारिन भाषा में कुछ लिखा है। पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है।
इस मामले में उधमसिंह नगर के एसएसपी ने रुद्रपुर के तमन्ना ट्रेडर्स से भी पूछताछ की है। पूछताछ में ट्रेडर ने पुलिस को बताया कि उसने दिल्ली के बड़े डिस्ट्रीब्यूटर से जूतों की ये खेप मंगाई थी। इस मामले में उत्तराखंड पुलिस दिल्ली के डिस्ट्रीब्यूटर से भी पूछताछ करेगी,ताकि जूते चीन के किस शहर से आए हैं, इसकी हकीकत जानी जा सके।
तिरंगे के अपमान के इस मामले में स्थानीय दुकानदार बिशन बोरा की शिकायत पर रुद्रपुर के सप्लायर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
तिरंगे बॉक्स में चीन से पहुंचे जूतों से सियासत भी गरमा गई है। इस मामले में जिले के भाजपा अध्यक्ष ने भी पुलिस को शिकायत की है कि वो सबसे पहले जूतों की खेप को जब्त करें और इस मामले की पूरी तफ्तीश करें। ताकि चीनी कंपनी द्धारा किए गए अपमान की हकीकत सामने आ सके ।
गुरुवार को शहर के एक फुटवियर दुकानदार के यहां रुद्रपुर के थोक व्यापारी ने जूतों की खेप भेजी। इसमें चाइनीज जूतों की पैकिंग तिरंगे में देख दुकानदार के होश उड़ गए। दुकानदार ने पुलिस को तहरीर सौंपी। जबकि एसएसपी ने माल जब्त करने का निर्देश दिया था। यह मामला सामने आते ही लोगों का आक्रोश मुखर हो गया।
शुक्रवार को लोग माल रोड पर विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में एकत्र हुए और चीन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला जलाया। आंदोलित लोगों ने जनता व व्यापारियों से चीनी सामान का बहिष्कार करने की अपील की। हिंदू जागरण मंच युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं रुद्रपुर स्थित जूतों के थोक व्यापारी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
भारत-चीन के बीच डोकलाम को लेकर मची खींचतान के बीच तिरंगे बॉक्स में लिपटे जूतों ने एक बार फिर चीन की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं।
इस पैकिंग के सामने आने के बाद विरोध शुरू हो गया है। उत्तरखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थानीय दुकानदारों ने चीन से जूते मंगाए थे। लेकिन जब उसकी पैकिंग खोली तो उनके होश उड़ गए। क्योंकि कंपनी ने तिरंगे की पैकिंग में जूते भेजे थे।
मामला बढ़ता देख अल्मोड़ा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अल्मोड़ा की एसएसपी की मानें तो जिस बॉक्स में जूते भेजे गए हैं, उसके ऊपरी हिस्से में तिरंगा बनाया गया है। वहीं नीचे के हिस्से में मंदारिन भाषा में कुछ लिखा है। पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है।
इस मामले में उधमसिंह नगर के एसएसपी ने रुद्रपुर के तमन्ना ट्रेडर्स से भी पूछताछ की है। पूछताछ में ट्रेडर ने पुलिस को बताया कि उसने दिल्ली के बड़े डिस्ट्रीब्यूटर से जूतों की ये खेप मंगाई थी। इस मामले में उत्तराखंड पुलिस दिल्ली के डिस्ट्रीब्यूटर से भी पूछताछ करेगी,ताकि जूते चीन के किस शहर से आए हैं, इसकी हकीकत जानी जा सके।
तिरंगे के अपमान के इस मामले में स्थानीय दुकानदार बिशन बोरा की शिकायत पर रुद्रपुर के सप्लायर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
तिरंगे बॉक्स में चीन से पहुंचे जूतों से सियासत भी गरमा गई है। इस मामले में जिले के भाजपा अध्यक्ष ने भी पुलिस को शिकायत की है कि वो सबसे पहले जूतों की खेप को जब्त करें और इस मामले की पूरी तफ्तीश करें। ताकि चीनी कंपनी द्धारा किए गए अपमान की हकीकत सामने आ सके ।
गुरुवार को शहर के एक फुटवियर दुकानदार के यहां रुद्रपुर के थोक व्यापारी ने जूतों की खेप भेजी। इसमें चाइनीज जूतों की पैकिंग तिरंगे में देख दुकानदार के होश उड़ गए। दुकानदार ने पुलिस को तहरीर सौंपी। जबकि एसएसपी ने माल जब्त करने का निर्देश दिया था। यह मामला सामने आते ही लोगों का आक्रोश मुखर हो गया।
शुक्रवार को लोग माल रोड पर विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में एकत्र हुए और चीन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला जलाया। आंदोलित लोगों ने जनता व व्यापारियों से चीनी सामान का बहिष्कार करने की अपील की। हिंदू जागरण मंच युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं रुद्रपुर स्थित जूतों के थोक व्यापारी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
भारत-चीन के बीच डोकलाम को लेकर मची खींचतान के बीच तिरंगे बॉक्स में लिपटे जूतों ने एक बार फिर चीन की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं।




