चीन पर किसी भी समय परमाणु हमला कर सकता है ये देश, दे डाली खुली धमकी !
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अमेरिका के यूएस पेसिफिक बेड़े के कमांडर ने वीरवर को बयान दिया की अगर हमारे राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प हमें आदेश देते है तो हम अगले ही सप्ताह चीन पर परमाणु हमला कर देंगे ! अमेरिका की सेना अपने कमांडर के आदेश का पालन करने के लिए सदैव तैयार है ! ऑस्ट्रलियन नेशनल यूनिवर्सिटी सिक्यूरिटी कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी सेना के कमांडर एडमिरल स्कॉट स्विफ्ट ने एक दर्शक के प्रश्न का उत्तर दिया ! ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका का नौसेना युद्ध अभ्यास चल रहा है |एक दर्शक ने जब स्विफ्ट से सवाल किया कि अगर अमेरिका के सुप्रीम कमांडर डॉनल्ड ट्रम्प आपको चीन पर परमाणु हमला करने के लिए आदेश देंगे तो आप क्या करोगे ? तब स्विफ्ट ने जवाब दिया – हाँ, अमेरिका सेना का जवान अमेरिका संविधान की शपथ लेता है कि वो अपने देश की रक्षा देशी या विदेशी हर प्रकार के दुश्मन से करेगा ! हम अपने सुप्रीम कमांडर हमारे राष्ट्रपति की आज्ञा का पालन करेंगे !
पेसिफिक फ्लीट के प्रवक्ता कैप्टेन चार्ली ब्राउन के अनुसार एडमिरल स्विफ्ट के जवाब से पता चलता है कि सेना पर सरकार का प्रभुत्व है, इसलिए सेना पर आज भी नागरिक नियंत्रण में है ! ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के बीच इस सैन्य युद्ध अभ्यास में अमेरिका के 33 युद्धक जहाज, यूएसएस विमान वाहक युद्धपोत रोनाल्ड रीगन, 220एयरक्राफ्ट और दोनों देशो के 33 हजार सैनिक शामिल किये गए है ! दक्षिण चीन सागर में होने वाले इस युद्ध अभ्यास के बीच चीन ने भी इसकी जानकारी पता लगा ली थी !
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डोकलाम में भारत के साथ सीमा विवाद करना और उसके बाद भारत को बार बार धमकी देने का कारण है कि जब से भारत और अमेरिका की दोस्ती हुई है ! यह चीन को पसंद नहीं आ रही है ! चीन का कहना है कि चीन भारत दोनों ही किसी प्रकार का विवाद या युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अमेरिका दक्षिण चीन सागर में दखल देने के लिए भारत को भड़का रहा है ! अमेरिका एशिया में राजनीतिक फायदा लेने के लिए भारत और चीन के बीच युद्ध करवाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऐसा करने से अमेरिका का कोई भी लाभ नहीं मिलेगा ! हमारे क्षेत्र में अमेरिका का दखल देने से हम अपने क्षेत्र की सुरक्षा करना नहीं छोड़ेंगे !चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के अनुसार अमेरिका के साथ कई देश भारत और चीन के बीच सीधा विवाद बढ़ाना चाहते है ! अमेरिका के वाशिंगटन एग्जामिनर भी चीन से होने वाले खतरों को बड़ा चढ़ा कर दिखा रहा है ! यह मीडिया अमेरिका और भारत के बीच संबंधो की तो प्रशंसा करता है लेकिन साथ में ये भी लिखता है कि अगर चीन से निपटना है तो अमेरिका को भारत का साथ लेना पड़ेगा !
कुछ दिनों पहले ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री जूली बिशप भारत आई थी और उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद बहुत पुराने समय से चल रहा है और इसको शांति से निपटाने की आवश्यकता है ! ऑस्ट्रेलिया नहीं चाहता कि ये तनाव और ज्यादा बढे ! सोमवार को चीन के विदेश मंत्रालय से बयान आया था कि यह कोई सीमा विवाद नहीं है, क्यूंकि सीमा तो पहले से ही निर्धारित हो चुकी है !
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चीन के न्यूज़ पेपर के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री का इरादा सीमा विवाद की प्रकृति को बदलने के लिए भारत का समर्थन करना है ! जहाँ पर भी चीन से संबंधित को विवाद दिखता है वहीँ अमेरिका दखल देने लगता है अमेरिका निष्पक्ष होकर समाधान ढूँढने की बात करता है ! लेकिन अमेरिका की दखल युद्ध को बढाने वाली होती है ! अमेरिका भारत और चीन के बीच युद्ध करने के लिए उकसा रहा है ! अमेरिका सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे की बात करता है ! वह दक्षिण चीन सागर में भी भारत को चीन के विरुद्ध भड़काना चाहता है !
चीन के न्यूज़ पेपर ने लिखा कि आधी सदी बीत गई है लेकिन भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को बढाने में रूस और अमेरिका का ही षड्यंत्र था ! भारत को समझना चाहिए की चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है ! चीन से युद्ध करके भारत का विकास रुक जायेगा ! अमेरिका की नई ट्रम्प सरकार के साथ भी भारत और अमेरिका के रिश्ते अभी पूरी तरह से नहीं सुधरे है ! अभी भी भारत के साथ व्यापार और एच 1 वीसा के नियम को लेकर विवाद है !
अमेरिका दक्षिण चीन सागर में दखल देकर चीन को कमजोर करना चाहता है, लेकिन ऐसा करने से अमेरिका को कुछ हांसिल नहीं होने वाला है ! ऐसे ही चीन और भारत के बीच सीमा विवाद में भी अमेरिका को कुछ नहीं मिलेगा ! अमेरिका की दखल के बाद भी चीन अपनी सीमा की सुरक्षा करता रहेगा !




