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    पाकिस्तान के खिलाफ मोदी सरकार ने लिया एक्शन, बुरी तरह बिलबिलाया पाकिस्तान, रगड़ी नाक !

    इस्लामबाद : भारत पर आतंकी हमले करवाने वाला पाकिस्तान किस हद तक दोगला हो सकता है, आप यकीन भी नहीं कर पाएंगे. कुलभूषण यादव का अपहरण करवाकर उन्हें अपनी कैद में रखने और मृत्युदंड की सजा सुनाने वाले पाकिस्तान ने उनसे आज तक किसी को मिलने तक की इजाजत नहीं दी. मोदी सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक छोटा सा कदम क्या उठाया कि बिलबिला उठा पाकिस्तान, अब नाक रगड़ रहा है.


    दरअसल काफी मनाने के बावजूद पाकिस्तान ने कुलभूषण यादव से आजतक किसी को मिलने नहीं दिया, हालांकि पाकिस्तान से रोगी नागरिक मजे से भारत आकर अपना इलाज कराते हैं और आराम से वापस चले जाते हैं. जिसके बाद मई में पाकिस्तानी रोगियों को चिकित्सा वीजा देने पर नियंत्रण लागू करते हुए विदेश मंत्रालय ने घोषणा कर दी थी कि यदि पाकिस्तानी नागरिकों को भारत का वीजा चाहिए तो उन्हें पाक विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज द्वारा लिखा गया एक सिफारशी पत्र पेश करना होगा.

    विदेश नीति के लिहाज से ये बेहद महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि पाकिस्तानी नागरिकों को तो भारत बड़े आराम से सहायता उपलब्ध कराता है लेकिन पाकिस्तान की ओर से भारत को कोई ख़ास मदद नहीं मिलती है. ऐसे में पाक विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज द्वारा लिखा गया सिफारशी पत्र एक सबूत के तौर पर भारत सरकार के पास रहेगा, जिसे किसी भी अंतर्राष्ट्रीय अदालत में बतौर सबूत भी पेश किया जा सकता है.

    भारत सरकार के इस कदम से पाकिस्तान बिलबिला उठा है और भारत के इस कदम को लेकर अफ़सोस व् चिंता जता रहा है. पाकिस्तानी रोगियों को चिकित्सा वीजा देने पर भारत द्वारा लागू किया गए नियंत्रण को पाकिस्तान ने राजनयिक नियम कायदों के खिलाफ बताया है. विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकरिया ने कहा कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान द्वारा सुनाई गई मौत की सजा की प्रतिक्रिया में यह कदम उठाया गया है.

    जकरिया ने कहा कि ये बेहद अफसोस की बात है कि भारत ने गंभीर रूप से बीमार रोगियों के वीजा पर इस तरह का नियंत्रण लगाया है. विदेश मामलों के सलाहकार से पत्र मांगना राजनयिक नियम कायदों के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि भारत की ओर से इस तरह की जरूरत किसी अन्य देश के लिए नहीं बताई गई है.


    पाकिस्तान के दोगले रवैय्ये का इससे बड़ा सबूत और कोई हो ही नहीं सकता कि पाकिस्तान चाहता है कि भारत उसके नागरिकों को तुरंत वीजा दे दे लेकिन वो कुलभूषण से किसी को मिलने नहीं देगा. भारत उसे “मोस्ट फेवर्ड नेशन” का दर्जा दे लेकिन वो भारत को “मोस्ट फेवर्ड नेशन” नहीं देगा, उलटा भारत में आतंकवाद फैलाएगा.

    जकरिया ने इस मामले को समझौता एक्सप्रेस में हुए ब्लास्ट से जोड़ते हुए कहा कि भारत उस हमले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है. हालांकि जांच में ये बात सामने आ चुकी है कि समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ था और पाकिस्तान के इशारों पर यूपीए सरकार ने पुलिस पर दबाव डाल कर पाकिस्तानी आतंकियों को छुड़ा दिया और असीमानंद को फंसा दिया.

    इससे पहले, 8 जुलाई को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पीओके के आेसामा अली नाम के एक रोगी के लिए वीजा शर्त हटाई थी और कहा था कि उसे भारत आने की इजाजत दी जाएगी क्योंकि पीआेके भारत का अभिन्न अंग है. सुषमा ने ट्वीट किया था, “पीआेके भारत का अभिन्न अंग है। पाकिस्तान ने इस पर अवैध कब्जा कर रखा है. हम उन्हें वीजा दे रहे हैं. किसी पत्र की जरूरत नहीं है”

    हालांकि पाकिस्तान ने भारत के इस बयान का भी विरोध किया था. बहरहाल भारत सरकार के इस कदम से पाकिस्तान मुश्किल में दिख रहा है और भारत के सामने गिड़गिड़ाने को मजबूर है.

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