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    अभी-अभी : नितीश के एक और हाहाकारी फैसले से कांग्रेस पार्टी में भूचाल, फूट-फूट कर रोयीं सोनिया !

    नई दिल्ली : नितीश के इस्तीफा देने और बीजेपी से हाथ मिलाने पर लालू यादव दहाड़ें मार-मार कर रो रहे हैं. नितीश ने तो दोबारा शपथ ले ली है लेकिन क्या आप जानते हैं कि नितीश के यूँ चले जाने से सबसे ज्यादा नुक्सान किसे हुआ?


    कांग्रेस को हुआ सबसे भारी नुक्सान !
    सबसे ज्यादा नुक्सान हुआ है कांग्रेस पार्टी को. नितीश की बेवफाई से सोनिया गांधी भारी मुश्किलों में पड़ गयी हैं. किसी भी तरह से राहुल को सत्ता में पहुंचाने की कोशिशों में लगी कांग्रेस पार्टी 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी नाम के तूफ़ान को रोकने के लिए महागठबंधन तैयार करने में लगी थी.

    राहुल गांधी पर भरोसा तो खुद कोंग्रेसी नेता नहीं करते तो अन्य दल क्या करेंगे? ऐसे में नितीश को मोदी के खिलाफ इस महागठबंधन के चेहरे के तौर पर दिखाए जाने की कोशिश हो रही थी. कांग्रेस नितीश के चेहरे का इस्तमाल तो करना चाहती थी लेकिन नितीश को यूपीए की ओर से पीएम पद का उम्मीदवार भी नहीं बनाना चाहती थी. वहीँ लालू भी नितीश से दोस्ती का ढोंग तो कर रहे थे, लेकिन पीठ पीछे बीजेपी के साथ खुद को बचाने के लिए नितीश को सत्ता से बेदखल करने की डील करने में भी लगे थे.


    नितीश समझ गए कि उन्हें दोनों ओर से इस्तमाल किया जा रहा है और इसमें उनके हाथ कुछ नहीं लगने वाला. उलटा इतने सालों में जो विश्वास बिहार की जनता के दिलों में उनके लिए बना है, वो भी कमजोर होता जा रहा है. बिलकुल सही वक़्त में नितीश ने बड़ा दांव खेला और जीत भी गए.

    पूरी तरह से बर्बाद हुए लालू यादव !
    महागठबंधन केवल बिहार में ही नहीं टूटा है बल्कि देशभर में टूट गया है. कांग्रेस पार्टी की सभी आशाओं पर पानी फिर गया है. पीएम मोदी के कांग्रेस मुक्त भारत के सपने को साकार होने से अब कोई नहीं रोक सकता. दर्जन भर से ज्यादा दलों वाले महागठबंधन में अब एकजुटता बनाए रखना मुश्किल हो गया है. विपक्ष के पास राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य अब कोई चेहरा ही नहीं है. साफ-सुथरी छवि वाले नितीश के एनडीए में जाने से विपक्ष की धज्जियां उड़ गयी हैं. 2019 में मोदी को तो वैसे भी कोई रोक नहीं सकता था, लेकिन अब बहुमत का आंकड़ा और भी ज्यादा मजबूत आएगा.

    वहीँ महागठंबधन टूटने के बाद लालू और उनके परिवार के सामने सियासी संकट आ खड़ा हुआ है. लालू के दोनों बेटे रातों-रात सत्ता से बाहर हो चुके हैं. भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति के मामले में जांच एजेंसियां इनके पीछे पड़ी हुई है. सबसे बड़ी बात ये है कि बिहार में नई सरकार आने के बाद आरजेडी विधायकों के पाला बदलने कि भी उम्मीद है. लालू के कई विधायक नितीश के साथ जाने की योजना बना रहे हैं. लालू पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं.

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