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    हो गया तय, ये बनेंगे देश के अगले उपराष्ट्रपति, योगी और रामनाथ कोविंद के बाद मोदी का एक और बड़ा दांव

    नई दिल्ली : आज राष्ट्रपति पद के लिए वोट डाले जा रहे हैं. भाजपा उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को रोकने के लिए कांग्रेस व् अन्य विपक्षी दलों ने खूब कोशिश तो की लेकिन उनकी कोशिशों पर तब पानी फिर गया जब खबर आयी कि तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी से भी कोविंद के पक्ष में कई वोट दिए गए. दूसरी ओर उपराष्ट्रपति पद के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है.

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    खबर है कि केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू इस बार देश के उपराष्ट्रपति बनेंगे. बीजेपी ने उपराष्ट्रपति पद के लिए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू का नाम तय किया है और बीजेपी उम्मीदवार की जीत भी तय मानी जा रही है. दरअसल बीजेपी दक्षिण भारतीय में अपनी छवि मजबूत करने के लिए किसी दक्षिण भारतीय को अपना उम्मीदवार बनाना चाहती है और इसीलिए वेंकैया नायडू के नाम पर फैसला लिया गया है.

    आज शाम बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में वेंकैया नायडू के नाम पर अंतिम मुहर लग गयी. 18 जुलाई नामांकन की अंतिम तारीख है इसलिए आज शाम तक उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम का एलान कर दिया गया. पहले बताया जा रहा था कि एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू, विद्यासागर राव, नजमा हेपतुल्ला और निर्मला सीतारमन में से किसी एक के नाम पर फैसला होगा.


    लेकिन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आज शाम को बताया कि पार्लियामेंट्री बोर्ड के सभी सदस्यों और सहयोगी दलों से चर्चा करने के बाद वेंकैया नाडयू जी को उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी बनाने का निर्णय किया गया. नायडू जी 1970 से सार्वजनिक जीवन में रहे. वो जेपी आंदोलन में दक्षिण के एक प्रमुख नेता रहे. नायडू जी देश के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं. वेंकैया जी बचपन से ही बीजेपी के साथ जुड़े रहे. एनडीए के सभी साथी दलों ने वेंकैया जी के नाम को स्वागत किया है.

    दूसरी ओर कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए ने गोपाल कृष्ण गांधी को अपना उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है. गांधी ने रविवार को राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों से मुलाकात की और अपने लिए समर्थन मांगा था. राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार का समर्थन कर रही जेडीयू उपराष्ट्रपति के लिए यूपीए के उम्मीदवार के पक्ष में है. हालांकि कई लोगों को गोपाल कृष्ण गांधी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने से ऐतराज है क्योंकि गोपाल कृष्ण गांधी भी उन कुछ लोगों में से एक थे, जिन्होंने आतंकी याकूब मेमन को फांसी की सजा दिए जाने का विरोध किया था और फांसी की सजा माफ़ी के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र भी लिखा था.

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