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    इस हिन्दू भाई ने भी बचाई 26 लोगों की जान लेकिन हिन्दू होने के कारण मीडिया ने इस पर नहीं की कोई चर्चा

    पूर्वी दिल्ली : जिसका ‘भगवान’ रक्षक होता है उसको कोई नहीं मार सकता, अधिकतर लोग इस कहावत को बोलते हैं कि, ‘जाको राखे साईंयां मार सके ना कोई’ यह सच्ची बात है। ऐसा सायद ही होता है कि बड़ा हादसा होने के बाद भी जान बच जाती है।
    अभी-अभी मंडावली में दोपहर ‘अक्षरधाम’ मेट्रो स्टेशन के निकट ऐसी घटना हुई की इस घटना से कुछ ऐसा घटा कि एक बड़े हादसे के टलने से एक दो नहीं, बल्कि 26 जानें सुरक्षित बचा ली गईं। स्कूली छात्र-छात्राओं सहित दो महिला शिक्षकों को लेकर यहां से गुजर रहे टेंपो ट्रेवलर के इंजन ने अचानक आग पकड़ ली थी।

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    हमेशा लोग हादसे में लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं, लेकिन यहां टेंपो चालक ‘राम अवतार’ एक फरिश्ते की तरह इन 26 जानों का रक्षक बन गया। स्कूली बच्चों सहित शिक्षकों में घबराहट देखने के बाद भी चालक ने धैर्य से काम लेकर अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी को वाहन से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    हालांकि, कुछ ही क्षणों में वाहन उनकी आंखों के सामने जलकर खाक हो गया। मगर, उसके चेहरे पर फिर भी तसल्ली नजर आई, जो ईश्वर का शुक्र मना रहा था कि किसी की जान नहीं गई। 2013 मॉडल का था डीजल वाहन ट्रेवल कंपनी स्काई लाइन के अधिकारी ‘दिलीप दीक्षित’ के मुताबिक, उनके पास करीब 150 वाहन हैं।
    “दिलीप दीक्षित” ने जानकारी में बताया कि वह फोर्स टेंपो ट्रेवलर 2013 मॉडल का था। कंपनी वाहनों की देखरेख पर भी पूरा जोर देती है। ऐसे में यह हादसा होना उनके लिए भी आश्चर्यजनक व दुखद विषय है, लेकिन सभी का सुरक्षित होना बेहद सुखद एहसास है।

    मंडावली इलाके की घटना का सबसे बड़ा कारण क्या था इसके बारे में पुलिस ‘फोरेंसिक साइंस लैब’ से जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। ट्रेवलर चालक का कोई सहयोगी भी नहीं था।आपने देखा होगा अक्सर किसी भी वाहन में चालक के साथ सहयोगी होता है, मगर हैरत की बात यह है कि इस वाहन में कोई सहायक नहीं था। अकेले चालक के भरोसे ही आठवीं से बारहवीं तक के स्कूली बच्चों सहित दो महिला शिक्षकों की जिम्मेदारी छोड़ दी गई। बस में पांच छात्र और 19 छात्राएं मौजूद थीं।

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    “नोएडा केंद्रीय विद्यालय” के प्रधानाचार्य ‘एके गौतम’ के मुताबिक जर्मन भाषा की कार्यशाला के लिए कक्षा 6 से 9 तक के बच्चे हमेशा बाहर जाते हैं। मगर इस बार छठी-सातवीं कक्षा के बच्चे नहीं गए थे, दो तीन बच्चे दसवीं बाहरवीं के देखरेख के लिए गए थे। काफी समय से बस चला रहा हूं, लेकिन ऐसी घटना का सामना पहली बार हुआ है। मैंने जैसे ही बस के इंजन से धुआं निकलते देखा, आग लगने की आशंका हुई।

    तभी बस के चालक ने बस को साइड में करके सभी को कुछ भले लोगों की मदद से नीचे उतार दिया। डीजल इंजन में शॉर्ट सर्किट या कुछ गड़बड़ी की वजह से आग लगी है। ‘राम अवतार’, चालक जिन लोगों ने हमारी सहायता की, उनका शुक्रिया कहूंगा। डीजल वाहन में कई बार ऐसी दिक्कत आती है कि इंजन जल्दी गर्म हो जाता है, मगर वह लंबे सफर में होने की आशंका रहती है। जबकि, मंगलवार को इस वाहन ने अधिक दूरी तय नहीं की थी, शायद ज्यादा गर्मी होने से इंजन में कोई तार पिघलने से शॉर्ट सर्किट हुआ।

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